- स्मार्ट ईयररिंग अब वेलनेस ट्रैकिंग के लिए उपलब्ध हो चुकी है।
- यह डिवाइस ब्लड फ्लो और अन्य हेल्थ मेट्रिक्स पर नजर रखती है।
- ईयररिंग के रूप में डिजाइन, बिना डिस्प्ले के डिस्ट्रेक्शन-फ्री ट्रैकिंग।
- ब्लड वेसल्स से सटीक रीडिंग, हार्ट रेट मॉनिटरिंग में बेहतर।
Smart Earrings: टेक्नोलॉजी लगातार इवॉल्व होती जा रही है और अब पहले की तुलना में कहीं अधिक वीयरेबल गैजेट मौजूद हैं. कुछ साल पहले की बात करें तो स्मार्टफोन को एडवांस टेक्नोलॉजी माना जाता था. स्मार्टफोन के बाद स्मार्टवॉच आई और उसके बाद स्मार्ट रिंग भी धूम मचा रही है. अब टेक्नोलॉजी और इवॉल्व हुई है और स्मार्ट ईयररिंग भी दस्तक दे चुकी है. कई कंपनियां इस पर काम कर रही है और आने वाले समय में ग्राहकों को बाकी वीयरेबल डिवाइसेस की तरह स्मार्ट ईयररिंग के भी कई ऑप्शंस देखे को मिल जाएंगे. आइए जानते हैं कि Smart Earrings कैसे काम करती है और इसके क्या-क्या फायदे हैं.
नई Smart Earring ने दी मार्केट में दस्तक
Lumia Health ने पिछले महीने Lumia 2 नाम से एक डिवाइस लॉन्च किया था. ईयररिंग जैसे डिजाइन वाले इस डिवाइस को क्रॉनिक ब्लडफ्लो डिसऑर्डर वाले मरीजों की मदद के लिए बनाया गया था. कंपनी इसे दुनिया का सबसे छोटा वेलनेस वीयरेबल डिवाइस बता रही है. इसे ईयररिंग की तरह पहना जा सकता है. इसमें मेन सेंसर के साथ प्रोसेसर, बैटरी और कई हेल्थ सेंसर लगे हुए हैं. यह नींद, एक्टिविटी और ब्लड फ्लो समेत 20 हेल्थ मैट्रिक्स पर नजर रखती है और एक बार चार्ज करने पर सात दिन तक चल सकती है.
कैसे काम करती है Smart Earring?
Smart Earring का आईडिया नया नहीं है और लुमिया के अलावा और भी कंपनियां इस डिवाइस पर काम कर रही है. इसके सेंसर को कान के पीछे लगाना होता है, जहां से ये ब्लड वेसल को मॉनिटर करती है. इससे हार्ट रेट और ब्लड फ्लो पर नजर रखना आसान हो जाता है. इसे यूज करने के लिए कान में छेद करवाना भी जरूरी नहीं है. यह कई डिजाइन और फिनिश के साथ आती है और इसका सेंसर कान के पीछे रहकर अपना काम करता रहता है.
क्या हैं Smart Earring के फायदे?
अगर इसके फायदों की बात करें तो यह हार्ट रेट मॉनिटरिंग में काफी बेहतर है. इसके अलावा इसे लगातार पहने रखा जा सकता है. इसका एक और बड़ा फायदा है कि इसमें डिस्प्ले नहीं लगा है, जिससे बार-बार नोटिफिकेशन का झंझट खत्म हो जाता है. इस कारण यह डिस्ट्रेक्शन फ्री ट्रैकिंग देती है. यह हर कुछ मिनट के बाद रीडिंग नोट करती है, जिसे कंपेनियन ऐप में देखा जा सकता है. यह ब्लड वेसल्स से प्रीसाइज रीडिंग लेती है, जिस कारण एक्सरसाइज आदि के दौरान अचानक से बदलाव नहीं आता.
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