राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने डोनाल्ड ट्रंप को लगाया फोन, जानें किस मुद्दे पर हुई डेढ़ घंटे बात


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  • ट्रंप ने ईरान को नौसैनिक घेराबंदी में रखने की बात कही

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने बुधवार (29 अप्रैल, 2026) को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से फोन पर बातचीत की है. दोनों नेताओं ने ईरान और यूक्रेन के मुद्दे पर डेढ़ घंटे से ज्यादा देर तक बातचीत की. इस दौरान राष्ट्रपति पुतिन ने डोनाल्ड ट्रंप को ईरान पर भविष्य में सैन्य कार्रवाई करने को लेकर चेतावनी भी दी.

क्रेमलिन के मुताबिक, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ट्रंप से कहा कि अगर अमेरिका और इजरायल फिर से मिडिल ईस्ट में सैन्य कार्रवाई करते हैं, तो इसके परिणाम बेहद गंभीर और नुकसानदायक हो सकते हैं.

यूक्रेन संघर्ष में कब होगा सीजफायर?

वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पुतिन से कहा कि यूक्रेन में चल रहे संघर्ष को सुलझाने के लिए एक समझौता अब काफी करीब है. इस पर पुतिन ने कहा कि वह विक्ट्री डे के दौरान सीजफायर की घोषणा करने के लिए तैयार हैं और डोनाल्ड ट्रंप ने पुतिन के इस कदम का समर्थन भी किया.

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यूक्रेनी सरकार को लेकर क्या बोले ट्रंप और पुतिन?

व्लादिमीर पुतिन और डोनाल्ड ट्रंप ने राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के नेतृत्व वाली यूक्रेनी सरकार के व्यवहार पर भी एक समान राय व्यक्त की और कहा कि यूक्रेनी सरकार इस संघर्ष को लंबा खींच रहा है. इसके बाद फोन कॉल के आखिर में दोनों नेताओं ने एक-दूसरे से गर्मजोशी से विदाई ली.

ईरान के साथ युद्ध कब खत्म करेंगे डोनाल्ड ट्रंप?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने Axios को दिए इंटरव्यू में कहा कि वह ईरान को तब तक नौसैनिक घेराबंदी में रखेंगे, जब तक कि वहां की सरकार एक ऐसे समझौते पर राजी नहीं हो जाती, जो उसके परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमेरिका की चिंताओं का समाधान करता हो. दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ईरान के उस प्रस्ताव को ठुकरा रहे हैं, जिसमें पहले स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोलने और घेराबंदी हटाने की बात कही गई थी, जबकि परमाणु वार्ता को बाद के चरण के लिए टालने का प्रस्ताव था.

इस मामले की जानकारी रखने वाले तीन सूत्रों ने Axios को बताया कि अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बातचीत में आई गतिरोध को तोड़ने की उम्मीद में ईरान पर संक्षिप्त और शक्तिशाली हमलों की एक लहर के लिए एक योजना तैयार की है.

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