Viral Video: आस्था और पर्यावरण के बीच संतुलन की बात लंबे समय से होती रही है, लेकिन जमीनी हकीकत कई बार इसके बिल्कुल उलट नजर आती है. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो ने एक बार फिर यही सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या धार्मिक आस्था के नाम पर पर्यावरण को नुकसान पहुंचाना सही है? वीडियो में कुछ महिलाएं पूजा के बाद कपड़े, पॉलीथिन और अन्य सामग्री सीधी नदी में बहाती नजर आ रही हैं. जब एक व्यक्ति उन्हें रोकने की कोशिश करता है तो बहस शुरू हो जाती है और इसके बावजूद कचरा नदी में डाल दिया जाता है. यही वजह है कि यह वीडियो इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोगों का गुस्सा भड़क रहा है.
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पूजा के नाम पर गंगा में कपड़े और पॉलिथीन डालने लगी महिलाएं
वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि कुछ महिलाएं गंगा नदी के किनारे पूजा के बाद सामग्री नदी में फेंक रही हैं. इसमें कपड़े, पॉलीथिन और दूसरा कचरा शामिल है. वीडियो में एक आदमी उन्हें ऐसा करने से रोकने की कोशिश करता है और समझता है कि इससे नदी प्रदूषित होती है, लेकिन महिला उसकी बात मानने की बजाय उससे बहस करने लगती है और कचरा नदी में डाल देती है. यह वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में यह भी नजर आ रहा है कि कई लोग आस्था के नाम पर नदी में कचरा डाल रहे, जबकि दूसरी तरफ कुछ लोग इसे रोकने की कोशिश कर रहे हैं और यह टकराव ही वीडियो को और ज्यादा चर्चा में ले आया.
“Ganga Maa will bless me..” 🤣😡
Women were dumping clothes, polythene,
and puja items into the river. When a man tried to stop, they argued with him unnecessary and dumped the trash anyway.Why are people in India so sick? They do not understand even after being told. pic.twitter.com/OTDgynnSLu
— Suraj Kumar Bauddh (@SurajKrBauddh) April 8, 2026
सोशल मीडिया पर भड़का यूजर्स का गुस्सा
वीडियो सामने आते ही लोगों ने नाराजगी जताई और सख्त टिप्पणी की. इस वीडियो को देखकर एक यूजर कमेंट करता है, हम गंगा को माता कहते हैं और खुद ही उन्हें गंदा कर रहे हैं. वहीं दूसरा कमेंट करता है धर्म के नाम पर अंधविश्वास, लेकिन पर्यावरण की कोई चिंता नहीं. इसके अलावा एक और यूजर कमेंट करता है ऐसे लोगों पर भारी जुर्माना लगाना चाहिए. एक यूजर कमेंट करता है कब सुधरेंगे लोग. इसके अलावा कुछ और यूजर कमेंट करते हैं कि समझाने पर भी नहीं मानते हैं, यही सबसे बड़ी समस्या है. इसके अलावा कुछ यूजर कमेंट करते हैं कि धार्मिक भावना है, लेकिन जागरूकता बिल्कुल नहीं है. वहीं लास्ट में एक यूजर और कमेंट करता है ऐसी सोच बदलने में सालों लगेंगे. कुछ यूजर्स ने इसे अंधभक्ति भी बताया तो कई लोगों ने जागरूकता अभियान और सख्त नियमों की जरूरत पर भी जोर दिया.
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