कांग्रेस को ITAT से बड़ा झटका, बैंक खातों पर आयकर विभाग की कार्रवाई पर स्टे की याचिका खारिज
आईटीएटी ने शुक्रवार को कांग्रेस की याचिका को खारिज कर दिया। जिसमें पार्टी ने अपने बैंक अकाउंट्स पर आयकर विभाग की कार्रवाई पर स्टे की मांग की थी।
By Kushagra Valuskar
Publish Date: Fri, 08 Mar 2024 05:53 PM (IST)
Up to date Date: Fri, 08 Mar 2024 05:53 PM (IST)

एएनआई, नई दिल्ली। कांग्रेस पार्टी को आयकर अपीलीय प्राधिकरण से करारा झटका लगा है। आईटीएटी ने शुक्रवार को कांग्रेस की याचिका को खारिज कर दिया। जिसमें पार्टी ने अपने बैंक अकाउंट्स पर आयकर विभाग की कार्रवाई पर स्टे की मांग की थी।
पीठ ने अपील खारिज की
कांग्रेस की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक तंखा ने आदेश को 10 दिनों के लिए स्थगित करने की अपील की थी, ताकि पार्टी सुप्रीम कोर्ट का रूख कर सके। हालांकि, पीठ ने यह कहते हुए अपील खारिज कर दी कि हमारे सामने ऐसा कोई प्रावधान नहीं है।
कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग
कांग्रेस ने हाल ही में वसूली के खिलाफ आईटीएटी से संपर्क किया है। वहीं, एक शिकायत दर्ज की है। आयकर विभाग की वसूली और उनके बैंक खातों को फ्रीज करने की कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की है।
कांग्रेस ने दावा किया कि आयकर विभाग ने पीठ के समक्ष निर्धारित सुनवाई के नतीजे की प्रतीक्षा किए बिना बैंकों के पास मौजूद कुछ शेष रकम को भुनाकर अपना ग्रहणाधिकार लागू कर दिया। पार्टी ने अपील की कि स्थगन आवेदन का निपटारा होने तक विभाग आगे कोई एक्शन न लें।
The Revenue Tax Appellate Tribunal (ITAT) dismisses the plea moved by the Congress Social gathering which sought a keep towards Revenue Tax Division proceedings of restoration and freezing of their Financial institution accounts.
Senior Advocate Vivek Tamkha who appeared for Congress requested to maintain the… pic.twitter.com/mPpja89ayy
— ANI (@ANI) March 8, 2024
वरिष्ठ अधिवक्त विवेक तंखा ने कहा
इससे पहले आईटीएटी ने कांग्रेस की याचिका पर अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था। कांग्रेस की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक तंखा ने कहा था कि अगर रोक नहीं लगाई गई तो पार्टी लोकसभा चुनाव से पहले वित्तीय संकट में पड़ जाएगी। तंखा ने कहा, ‘हमें इस समय एक सुरक्षा आदेश की आवश्यकता है। पार्टियां और चुनाव आते-जाते रहेंगे, लेकिन राजस्व विभाग केंद्र सरकार का है। इसे कानून के अनुसार चलना होगा। यदि सिर्फ एक पार्टी होगी, तो लोकतंत्र कैसे बचेगा।’


