अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने डोनाल्ड ट्रंप को दिया बड़ा झटका! इस मांग को कर दिया खारिज

[ad_1]

American Supreme Court: अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार (05 मार्च, 2025) को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को बड़ा झटका दिया है. लगभग 2 बिलियन डॉलर के विदेशी सहायता भुगतान को रोकने की उनकी कोशिश को खारिज कर दिया. ट्रंप प्रशासन को दी गई कानूनी चुनौती पर अपने पहले फैसले में अदालत ने 5-4 मतों से निचली अदालत के आदेश को बरकरार रखा. इस फैसले में ये जरूरी किया गया था कि उन सहायता अनुबंधों पर भुगतान किया जाए जो पहले ही पूरे हो चुके हैं.

न्यूज एजेंसी एएफपी के मुताबिक, जजों ने कहा कि जिन जज ने अमेरिकी अंतर्राष्ट्रीय विकास एजेंसी (यूएसएआईडी) और विदेश विभाग के साथ अनुबंधों के लिए भुगतान को फिर से शुरू करने का आदेश दिया था, उन्हें यह साफ करना चाहिए कि सरकार को कौन से दायित्व पूरे करने होंगे. कंजर्वेटिव चीफ जस्टिस जॉन रॉबर्ट्स और ट्रंप की ओर से नियुक्त एमी कोनी बैरेट ने नौ सदस्यीय सुप्रीम कोर्ट के तीन जजों के साथ मतदान किया.

अभी भी बनी हुई है विवाद की गुंजाइश

हालांकि इस फैसले में फंड जारी करने की अनुमति दी गई है, लेकिन जजों ने कोई स्पष्ट समयसीमा तय नहीं की और इससे निचली अदालतों में आगे विवाद की गुंजाइश बनी हुई है. इसके अलावा चीफ जस्टिस जॉन रॉबर्ट्स के साथ जस्टिस एमी कोनी बैरेट, एलेना कागन, सोनिया सोटोमेयर और केतनजी ब्राउन जैक्सन के बहुमत पर साइन भी नहीं किए गए.

वहीं, सैमुअल अलीटो, क्लेरेन्स थॉमस, नील गोर्सच और ब्रेट कावानुघ जैसे जजों ने इसका विरोध किया और तर्क दिया कि अदालत अपने अधिकार क्षेत्र का अतिक्रमण कर रहा है. अलीटो ने लिखा, “क्या एक भी जिला कोर्ट के जज के पास संयुक्त राज्य अमेरिका की सरकार को 2 बिलियन करदाताओं का डॉलर चुकाने (और संभवतः हमेशा के लिए गंवाने) के लिए बाध्य करने की अनियंत्रित शक्ति है?”

जानें क्या है विवाद?

यह विवाद अमेरिकी विदेश विभाग और अमेरिकी अंतर्राष्ट्रीय विकास एजेंसी (यूएसएआईडी) से मिलने वाली अरबों डॉलर की विदेशी सहायता पर केंद्रित है, जिसे ट्रंप ने जनवरी में रोक दिया था. हालांकि, कई एनजीओ ने यह तर्क देते हुए इस रोक को चुनौती दी कि इसने संघीय खर्च पर कांग्रेस के अधिकार का उल्लंघन किया और महत्वपूर्ण वैश्विक स्वास्थ्य और मानवीय पहलों को बाधित किया.

ट्रंप ने कहा है कि यूएसएआईडी को कट्टरपंथी चला रहे हैं और मस्क ने इसे एक आपराधिक संगठन बताया और कहा कि इसे बर्बाद कर देना चाहिए.

ये भी पढ़ें: आसान नहीं है अमेरिकन ग्रीन कार्ड लेना, देनी होगी सोशल मीडिया से लेकर ये सब जानकारी

[ad_2]