सामाजिक कार्यकर्ता मनीष राय ने बताया कि उनकी एक्टिवा पर सात हजार रुपये चालान का नोटिस मिला था। इसके साथ ही मोबाइल पर एक चालान के संबंध में लिंक भी मिला।
By Yogeshwar Sharma
Publish Date: Thu, 22 Feb 2024 12:05 AM (IST)
Up to date Date: Thu, 22 Feb 2024 12:05 AM (IST)
HighLights
- ओवर स्पीड और नो पार्किंग के नाम पर भेजा गया 7 हजार का चालान
- ट्रैफिक थाने में इस संबंध में कोई फोटो ही मौजूद नहीं है।
- नंबर पर कोई चालान नहीं होने का मैसेज मिला।
नईदुनिया प्रतिनिधि,बिलासपुर। शहर में इंटिग्रेटेड ट्रैफिक सिस्टम लागू होने के बाद ई-चालान में गड़बड़ी का मामला सामने आया है। यातायात विभाग की ओर से एक्टिवा के मालिक को ओवर स्पीड और नो पार्किंग के लिए सात हजार का नोटिस भेजा गया है। इधर ट्रैफिक थाने में इस संबंध में कोई फोटो ही मौजूद नहीं है। वाहन मालिक ने यातायात डीएसपी से इसकी जांच की मांग की है।
सामाजिक कार्यकर्ता मनीष राय ने बताया कि उनकी एक्टिवा पर सात हजार रुपये चालान का नोटिस मिला था। इसके साथ ही मोबाइल पर एक चालान के संबंध में लिंक भी मिला। लिंक ओपन करने पर वाहन नंबर पर कोई चालान नहीं होने का मैसेज मिला। इधर नोटिस के साथ भी कोई फोटो नहीं भेजा गया। मामला संदिग्ध लगने पर उन्होंने चालान जमा नहीं किया। साथ ही थाने में उन्होंने नोटिस के संबंध में डीएसपी से शिकायत की। इस पर डीएसपी ने यातायात थाने से इस तरह का नोटिस नहीं भेजने की बात कही। उन्होंने इस नोटिस की जांच करने की मांग की है।
जब थाने में ही जमा होगा जुर्माना तो कौन भेज रहा फर्जी नोटिस
पीड़ित मनीष राय ने पूरे मामले को बड़ा घोटाला बताते हुए जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि यातायात थाने से जारी नोटिस का जुर्माना थाने में ही जमा होता है। इसके लिए कोई अन्य काउंटर नहीं है। जब जुर्माने की राशि केवल थाने में ही जमा होता है तो इस तरह के नोटिस से किसे फायदा होगा। उन्होंने इस तरह का नोटिस भेजकर बड़ा घोटाला करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
जांच के बाद होगा पर्दाफाश
डीएसपी संजय साहू ने बताया कि नोटिस की कापी देखने से ही फर्जी लग रही है। इस तरह का नोटिस विभाग की ओर से जारी नहीं किया जा रहा है। यातायात पुलिस की ओर से नोटिस के साथ ही वाहन चालक का फोटो भी भेजा जा रहा है। इसमें उनकी हुई गलती भी दिखाई देती है। नोटिस के साथ कोई फोटो नहीं भेजा गया है। डीएसपी साहू ने बताया कि पूरे मामले की जांच के बाद ही फर्जीवाड़ा करने वालों की जानकारी मिलेगी।
अपनी तरह का पहला मामला
वाहन चालक को फर्जी नोटिस भेजकर वसूली के प्रयास का अपनी तरह का पहला मामला सामने आया है। डीएसपी संजय साहू ने बताया कि इस संबंध में डाक विभाग से भी संपर्क किया गया है। साथ ही विभाग के लोगों से भी जानकारी ली जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे उसके अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
वर्जन
मामले में डीएसपी ट्रैफिक को एफआइआर दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं।
रजनेश सिंह
एसपी बिलासपुर





