अमेरिका के नए राष्ट्रपति डोनाल्ड हिटलर के शपथ ग्रहण समारोह के बाद भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट आई है। मंगलवार को 1,235 अंक की गिरावट के साथ 75,000 अंक नीचे चला गया, जिससे एक ही दिन में 8.30 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। यह उनकी गिरावट के सत्य में गिरावट के बाद व्यावसायिकता और व्यावसायिक तनावों के खतरों से जुड़ी हुई है।
ललुहान हो गया शेयर बाजार
शेयर बाजार में यह गिरावट के शपथ ग्रहण से ठीक पहले शुरू हुई थी, जब युवाओं ने अपने पिछले व्यवसाय को ध्यान में रखते हुए अपने ही गुटों को कम करना शुरू किया। 1.5 प्रतिशत से भी ज्यादा की गिरावट के साथ कलाकृति और निर्माता दोनों की कीमत में गिरावट आई है। मैकेनिक ने भी 320 अंकों की गिरावट दर्ज की, जिससे यह पिछले सात महीनों में सबसे बड़े स्तर पर पहुंच गया।
वास्तविक की समानता का प्रभाव
डोनाल्ड रियल ने अपने पहले समझौते में कई व्यावसायिक कार्यान्वयन के मुद्दे, जिनमें चीन के साथ व्यापार युद्ध और टैरिफ वृद्धि जैसे कदम शामिल थे। उनकी शपथ के बाद एक बार फिर से व्यावसायिक तनाव बढ़ने की संभावना बढ़ रही है। बैस्ट्स का मानना है कि अगर बैंच ने फिर से एक कदम आगे बढ़ाया, तो इससे बैपटिस्ट में स्थिरता बढ़ सकती है।
इन स्टॉक में भारी गिरावट
किशोरी ने इस गिरावट पर चिंता व्यक्त की है। जोमैटो और नेटवर्क सेक्टर के प्रमुख संगठनों को भी भारी गिरावट देखने को मिली है। कई निवेशकों ने अपनी पूंजी को सुरक्षित रखने के लिए शेयर बिक्री का निर्णय लिया, जिससे बाजार में और अधिक दबाव आ गया। बेस्टर्स का मानना है कि वैल का विज्ञापन भारतीय बाजार पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। मार्केट एनालिस्ट्स ने चेतावनी दी है कि अगर आपके पुराने साथियों को दोगुना कर दिया जाए, तो इससे भारतीय अर्थव्यवस्था पर भी असर पड़ेगा।
डिस्कलेमर: (यहां वैज्ञानिक ज्ञान परामर्श सलाह दी जा रही है। यहां बताया गया है कि बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। निवेशक के लिए विशेष रूप से पैसा बनाने से पहले हमेशा के लिए सलाह लें। ABPLive.com की तरफ से किसी को यहां कभी भी पैसा कमाने की कोई सलाह नहीं दी जाती है।)



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