ऑफ़लाइन खाद्य भंडार कंपनी ज़ोमैटो ने हाल ही में अपने मालिक और सीईओ दीपिंदर गोयल के साथ अपने एक ग्राहक से माफ़िया जाने की वजह से चर्चा की है। असल में, कंपनी के सीईओ दीपेंद्र गोयल ने अपने ग्राहकों को वेजिटेरियन फूड पर अतिरिक्त शुल्क लगाने का विवादास्पद निर्णय लेने के कारण अपने ग्राहकों को मुफ्त में छुट्टी दे दी। यह मामला तब सामने आया जब एक ग्राहक ने जोमैटो के बिल में वेजिटेरियन हैंडलिंग चार्ज ‘वेज मोड इनेबलमेंट फीस’ के बारे में जानकारी देते हुए सोशल मीडिया पर पोस्ट किया।
कस्टमर ने क्या पोस्ट किया था
17 जनवरी 2025 को जोमैटो के एक कस्टमर ने अपने फार्म बिल की तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर की, जिसमें वेजिटेरियन फार्म के लिए एक्स्ट्रा चार्ज का जिक्र था। इस पोस्ट में रोहित रंजन नाम के ग्राहक ने लिखा, भारत में वेजिटेरियन एक अभिशाप बन गया है। हम ग्रीन एंड प्लांटर्स से अब ग्रीन एंड डिपार्टमेंट्स हो गए हैं। देखते ही देखते यह पोस्ट तेजी से वायरल हो गई और कई लोगों ने इस पर अपनी राय दी।
कंपनी के मालिक ने फ्रीडम रखा
विवाद बढ़ने पर जोमैटो के मालिक और सीईओ दीपिंदर गोयल ने सोशल मीडिया पर नरम छूट देते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि हमारी तरफ से जो हुआ वह मूर्खता है। हम इस मुद्दे को चयन से ले रहे हैं और इसे तुरंत खत्म कर रहे हैं। गोयल ने यह भी कहा कि कंपनी अपने ग्राहकों की भावनाओं का सम्मान करती है और भविष्य में इस तरह के विचारों को रोकने के लिए कदम उठाती है।
अविश्वास की पहेली
रोहित रंजन की पोस्ट इतनी तेजी से वायरल हुई कि इस पर तरह-तरह के कमेंट्स आए। कई उपभोक्ताओं ने लिखा कि कैसे शाकाहारी विकल्प पर अतिरिक्त शुल्क लगाना न केवल अनुचित है, बल्कि यह एक भेदभावपूर्ण दृष्टिकोण भी है। एक ग्राहक ने लिखा, “क्या हमने अब अपने खाने पर भी टैक्स लगाया? यह बिल्कुल ठीक है।”



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