बीसीसीआई की 10 सूत्री दिक्कत नीति: ऑस्ट्रेलिया की सीमा-गावस्कर ट्रॉफी में भारत की 1-3 से हार के बाद बीसीसीआई काफी सक्रिय हो गया है। एक नया ’10-आधारित पैटर्न’ लागू किया गया है, जिसमें 10 नियम बनाए गए हैं, जिनमें आगे से भी लागू होगा। बताया जा रहा है कि टीम के अंदर अनुशासन, एकता और एक सकारात्मक माहौल बनाने के लिए ऐसा किया गया है। मगर में एक नियम ऐसा भी है, जिससे किसी भी खिलाड़ी को कट्स और आईपीएल से बैन जैसी सजा भी झेलनी पड़ सकती है।
बैस्ट ने साफ कर दिया है कि अब सभी खिलाड़ियों को डोमेस्टिक क्रिकेट में भाग लेना अनिवार्य होगा। इसके अलावा भी कई सख्त नियम जारी किये गये हैं. साथ ही बोर्ड ने यह भी चेतावनी जारी की है कि यदि कोई खिलाड़ी उल्लंघन करता है तो उसे दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। एक नया नियम यह कहता है कि, “यदि कोई विकट परिस्थिति या समस्या उत्पन्न होती है, तो कोई भी विशेष खिलाड़ी हेड कोच गौतम गंभीर और मुख्य चयनकर्ता की मंजूरी के लिए मंजूरी दे दी जा सकती है। यदि ऐसा नहीं होता है तो विशेष रूप से निर्देशित किया जा सकता है इलाज की जाएगी।”
आईपीएल में खेलने पर लगा बैन
बैट्समैन का कहना है कि बोर्ड जिस भी टूर्नामेंट का आयोजन करता है, उसमें सभी खिलाड़ियों की भागीदारी अनिवार्य होगी, जिसमें आईपीएल भी शामिल है। यदि कोई खिलाड़ी इस नियम का उल्लंघन करता है तो उसे बोर्ड से मिलने वाली स्लाइस, मैच फीस कट या आईपीएल बैन भी झेलना पड़ सकता है।
ये नियम ऐसे समय में लागू होंगे जब 23 जनवरी से रणजी ट्रॉफी के अगले राउंड के मैच शुरू होने वाले हैं। ऋषभ, शुभमन गिल और यश पंत समेत कई नामी खिलाड़ियों की अपनी-अपनी डोमेस्टिक टीम के लिए खेलना लगभग तय है, लेकिन रोहित शर्मा और विराट कोहली पर अभी तक कुछ भी साफ नहीं हो पाया है।
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