एचयूएल आइसक्रीम व्यवसाय: इस्स्क्रीम का नाम दर्ज है कि पूर्वजों के मुंह में पानी नहीं है। लेकिन वही आइस्क्रीम जब एनबीटी को बाजार का स्वाद भी बढ़ाने लगा तो फिर क्या कहना। कुछ ऐसा ही हो रहा है. इंडियन यूनिलीवर भारत में अपने आइस्क्रीम बिजनेस को अलग करने जा रही है। इस कंपनी के शेयर बाजार में निवेश भी अलग से होगा। इस नई कंपनी का नाम क्वालिटी वॉल होगा। क्वालिटी वॉल्स हिंदुस्तान यूनिलीवर की सहायक कंपनी के रूप में शेयर बाजार में अपनी प्रविष्टि दर्ज करेगी। एसोसिएट्स को हिंदुस्तान यूनीलीवर की ओर से स्टॉक में क्वालिटी वॉल्स के शेयर में शामिल किया गया है।
इंडिपेंडेंट कमेटी की सर्वसम्मति पर लिया गया निर्णय
यूनिलीवर के आइस्क्रीम बिजनेस के डीमर्जर के बाद बनी कंपनी का नाम क्वालिटी वॉल्स (इंडिया) लिमिटेड होगा। यह निर्णय एक स्वतंत्र समिति की ओर से लिया गया है। क्वालिटी वॉल्स का ऑपरेशन हिंदुस्तान यूनिलीवर से बिल्कुल अलग एक स्वतंत्र कंपनी के रूप में होगा। इंडियन यूनीलीवर की रेग्युलेटरी फाइलिंग में कहा गया है कि कंपनी ने 25 नवंबर को आइस्क्रीम बिजनेस के डी मर्जर का फैसला लिया था। इस समिति का गठन सितंबर 2024 में किया गया था।
इसमें कहा गया था कि आइस्क्रीम का बिजनेस रेस्ट फ़ुलसीजी प्रॉडक्ट से एक अलग ऑपरेटिंग मॉडल अपनाया गया है। इसमें कोल्ड चेन मेंटेन करने से लेकर बिजनेस के भी अलग-अलग तरीके हैं। आईसीआईसीआई के रेस्ट बिजनेस से स्थापना नहीं मिल पाई है। इसलिए इसे एक अलग कंपनी द्वारा संचालित करने में बहुत फ़ायदा होता है। एचयूएल इसका 100 फीसदी शेयर जारी करना चाहता है और उसे सब्सक्राइब भी करना चाहता है।
कॉर्नेटो और मैग्नम आइस्क्रीम पर होगी नई कंपनी का प्रभाव
लोगों के मनपसंद रहे कॉर्नेटो और मैग्नम ब्रांड वाली आइस्क्रीम पर क्वालिटी वॉल्स की ही छाप रहेगी। ज्ञात हो कि हिंदुस्तान यूनीलीवर की मूल कंपनी यूनीलीवर पीएलसी ने अपने सब्सक्राइब आईआईएम बिजनेस को पूरी दुनिया में अलग करने का निर्णय लिया था। भारत में भी इसी कड़ी के तहत नई कंपनी को अलग किया गया है।
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