चेतावनी! सुप्रीम कोर्ट के नाम पर नकली वेबसाइटें बनी रहें, ऐसे रहें सावधान

चेतावनी! सुप्रीम कोर्ट के नाम पर नकली वेबसाइटें बनी रहें, ऐसे रहें सावधान



<पी शैली="पाठ-संरेखण: औचित्य सिद्ध करें;">लगातार साइबर सर्जिंग क्राइम से हर कोई परेशान है। अब सुप्रीम कोर्ट ने सार्वजनिक नोटिस जारी कर अपनी आधिकारिक वेबसाइटें-जुलती फर्जी वेबसाइटों से लोगों को सावधान रहने को कहा है। नोटिस में कहा गया है कि ऐसी वेबसाइट्स की निजी और निजी जानकारियां चुराई जा रही हैं। सर्वोच्च न्यायालय की रजिस्ट्री की ओर से कहा गया है कि ऐसे मछली पकड़ने के हमले की कानूनी कानूनी जानकारी दी गई है और उनकी दस्तावेज़ी जांच को बताया गया है।

सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट नहीं मांगती निजी जानकारी

नोटिस में कहा गया है कि फेक वेबसाइट्स की निजी जानकारियां चुराई जा रही हैं। इसलिए ऐसी वेबसाइटों पर रुकें और इन पर अपना कोई भी निजी या संदेश जानकारी न डालें। इसके अलावा किसी भी अन्य व्यक्ति से आये लिंक पर क्लिक करें. नोटिस में कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर कभी भी निजी जानकारी, वित्तीय और अन्य संवेदनशील जानकारी उपलब्ध नहीं होगी। सुप्रीम कोर्ट की आधिकारिक वेबसाइट www.sci.gov.in है। इसलिए हमेशा URL को सत्यापित कर लें.

नोटिस में यह सलाह दी गई है

राजस्थान की ओर से जारी अधिसूचना में सलाह दी गई है कि यदि कोई मछली पकड़ने का शिकार होता है तो उसे तुरंत अपने सभी अकाउंट का पासवर्ड बदलना चाहिए। इसके साथ ही उन्हें अपने बैंक और क्रेडिट कार्ड कंपनी को गैर-अधिकृत खाता के बारे में जानकारी भी देनी होगी।

साइबर विचारधारा बनी चिंता का कारण

इंटरनेट के विस्तार के साथ ही साइबर धोखाधड़ी चिंता का कारण बनी हुई है। आये दिन लोगों को साइबर प्रतिद्वंद्वियों का सामना करना पड़ा। टॉयलेट टाइम में डिजिटल रेस्टोरेंट्स की ताजातरीन यादें टूट गईं। इसमें लोगों को सामूहिक तरीकों से बंधक बनाकर उनके साथ रखा जाता है। इसके अलावा ओटीपी, केवाईसी और वेर दोस्त आदि के नाम पर कई घोटाले चल रहे हैं। लोगों को बेघर होने के लिए अतिरिक्त सावधान रहने की जरूरत है।

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