राउंड टेबल इंटरव्यू में पूछे गए सवाल पर एक्टर्स ने दिया बड़े महान से जवाब.सवाल यह था कि "राइटर्स को हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में क्यों नहीं मिला सही क्रेडिट?" हर्ष मायर का कहना था कि वह लेखकों को पहचानते हैं और उनका सम्मान करते हैं, लेकिन वास्तव में उन्हें मिलना ही चाहिए। फिल्म का क्रेडिट मिल जाता है. जबकि वास्तविक मेहनत, एक लेखक की कहानी और किरदारों को सही आकार देता है और एक अच्छी कहानी वाले किरदारों में काम करता है। लेखक अपने काम के लिए समान पहचान नहीं चाहते, जितनी उन्हें मिलनी चाहिए। एक बड़ा हिस्सा लेखक के काम से जुड़ता है, इस तरह से लेखकों को सही पहचान और क्रेडिट मिलना काफी मुश्किल होता है।





