
सबसे पहली बात डिजिटल रेस्तरां की। ये एक प्रकार का साइबर स्ट्रेंथ है, जो अब बेहद आम हो गया है। स्कैमर्स के सरकारी विभाग के अधिकारी होने का दावा करते हैं और फिर लोगों को ड्र्रे धमाकाकर और नकली केसों को खत्म करने के लिए पैसे कमाने का दवाब बनाया जाता है। इस केस में ज्यादातर लोग पैसे ट्रांसफर कर देते हैं, तो कुछ केस ऐसे भी आते हैं, जब लोग पहले ही उधार ले लिए जाते थे। बताएं कि कोई भी विभाग न तो ऑनलाइन पैसे मांगता है और न ही वीडियो कॉल करके पूछताछ करता है। ऐसी स्थिति में तत्काल 1920 में शिकायत दर्ज करायी जा सकती है।

इस साल एआई वॉयस स्कैम के कई मामले सामने आए हैं। इसे अंतिम रूप देने के लिए आर्टिफिशियल टेक्नोलॉजी पर काम करने वाले टूल का सहारा लिया जा रहा है। स्कैमर्स आपकी आवाज़ का सहारा लेकर आपके दोस्त या फिर परिवार को ठगने लगे हैं। इस तरह स्कैम से बचने के लिए जिस नंबर से कॉल करें, उसे ब्लॉक कर दें। साथ ही अभिलेखों की सूची बनाने से पहले पहचान करें।

इस साल निवेश घोटाले के कई मामले सामने आये हैं. स्कैमर्स ने ऑनलाइन प्रोजेक्ट और स्टॉक मार्केट से जुड़े प्रोजेक्ट और स्कैमर्स के लालची लोगों की भारी मात्रा में खरीदारी की है। सोशल मीडिया पर अगर कोई स्क्यैब का लालच देता है तो सावधान हो जाएं और अपनी पूरी पहचान कर लें।

दुल्हन के सीज़न में व्हाट्सएप वेडिंग कार्ड घोटाले का मामला सामने आया है। सामेन स्कैमर्स का डिजिटल कार्ड धारक को गठबंधन पर शादी के लिए चुना जाता है। जब भी एंटरप्राइज कार्ड खुलता है, तो उसका ऑनलाइन मैलवेयर डाउनलोड हो जाता है, जिससे डिजिटल कंट्रोल स्कैमर के पास चला जाता है। इस तरह की एकजुटता से बचने के लिए भूलकर भी अज्ञात नंबर से आए मैसेज में लिंक न खोलें और तुरंत इसे ब्लॉक करें।
प्रकाशित: 26 दिसंबर 2024 12:20 अपराह्न (IST)





