निर्वाचन आयोग: इस साल देश में संयुक्त राज्य अमेरिका चुनाव को लेकर केंद्रीय चुनाव आयोग ने एक बेहद ही विस्तृत आंकड़ा पेश किया है। इन आंकड़ों के जरिए बताया गया है कि कैसे दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में 2 महीने के दौरान चुनावी नतीजे आए। इन आंकड़ों में देश में कुल स्कोर से लेकर वोटिंग प्रतिशत और कुल वोटिंग ऑफर से लेकर नामांकन तक पूरी जानकारी साझा की जाती है।
चुनाव आयोग की ओर से जारी जानकारी के अनुसार 2024 लोकसभा चुनाव में कुल 97 करोड़, 97 लाख 51 हजार 847 पंजीकृत मतदाता थे। 2019 में 91 करोड़, 19 लाख 50 हजार 734 थे। यानी कि 2019 की तुलना में 2024 में 7.43 प्रतिशत लाॅकडाउन की बढ़त हुई है। साल 2024 में 64.64 करोड़ वोट डाले गए जबकि 2019 में 61.4 करोड़ वोट डाले गए।
2024 के लोकसभा चुनाव का रिकॉर्ड
- नोक+पोस्टल वोट: 64,64,20,869
- आख़िरकार वोट: 64,21,39,275
- पुरुष: 32,93,61,948
- महिला: 31,27,64,269
- श्रद्धा जेंडर: 13,058
- पोस्टल बैलेट: 42,81,594
चुनाव आयोग के अनुसार सबसे ज्यादा वोटिंग असम के धुबरी में 92.3 प्रतिशत हुई. जम्मू-कश्मीर (जम्मू-कश्मीर) में सबसे कम मतदान 38.7 प्रतिशत हुआ, जबकि 2019 में इस सीट पर 14.4% मतदान हुआ था। 2024 में नोटा को 63 लाख 71 हजार 839 (0.99%) वोट मिले थे, जबकि 2019 में 1.06 प्रतिशत वोट नोटा को मिले थे। इस बार ट्रांसजेंडर लेक का मतदान प्रतिशत 27.09 प्रतिशत रहा।
मतदान केंद्र को लेकर आंकड़े
2024 के आम चुनाव में 10 लाख 52 हजार 664 मतदान केंद्र बने थे, जबकि 2019 में 10 लाख 37 हजार 848 मतदान केंद्र थे। 2019 में 540 वोटिंग वोटिंग की तुलना में केवल 40 वोटिंग वोटिंग (कुल वोटिंग रेटिंग का 0.0038%) में पुनर्मतदान हुआ। फ़्लोरिडा/मतादान मूर्तिकारों की औसत संख्या: 931 रही. सबसे ज्यादा वोटिंग वाला राज्य उत्तर प्रदेश (1,62,069 वोटिंग केंद्र) और सबसे ज्यादा वोटिंग वाला राज्य उत्तर प्रदेश (55,069 वोटिंग केंद्र) रह रहा है। 2019 की तुलना में 2024 में मतदान केंद्रों की संख्या में सबसे अधिक मतदान वाला राज्य बिहार (4739 मतदान केंद्र) रहा, उसके बाद पश्चिम बंगाल (1731 मतदान केंद्र) में मतदान केंद्र बना।
नामांकन को लेकर जानकारी
- 2024 में 12 हजार 459 नॉमिनेशन मिले थे, जबकि 2019 में 11 हजार 692 नॉमिनेशन ही मिले थे। सबसे ज्यादा नामांकित वाली संसदीय सीट मलकाजागीर (तेलंगाना) स्थित है, जहां 114 नामांकित हैं और सबसे कम नामांकित वाली संसदीय सीट डेब्रूगढ़ (असम) जहां पर सिर्फ 3 नामांकित हैं।
- देश भर में दावेदारों की कुल संख्या 12,459 है, नामांकन में से नामांकन रद्द किया गया है और नाम वापसी के बाद कुल 8,360 उम्मीदवारों को चुनाव लड़ने के योग्य पाया गया है। जबकि 2019 के आम चुनाव में लड़ने वाले की संख्या 8054 थी.
पंजीकृत पंजीकरण
- 2024 में 97 करोड़ 97 लाख 51 हजार 847 में से 47 करोड़ 63 लाख 11 हजार 240 महिला कलाकार रहीं, जबकि 2019 में यह संख्या 43 करोड़ 85 लाख 37 हजार 911 थी।
- 2024 में कुल मिलाकर 48.62 प्रतिशत महिलाएँ थीं, जबकि 2019 में यह संख्या 48.09 प्रतिशत थी।
- 2024 में महिला जिला की सबसे अधिक प्रतिशत हिस्सेदारी वाला राज्य पुडुचेरी (53.03%) रहा और उसके बाद केरल (51.56%) में महिला जिला ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
- 2024 में प्रति 1000 मोटरसाइकिल की संख्या 946 हो गई, जबकि 2019 में यह संख्या 926 थी।
मतदान प्रतिशत का रिकॉर्ड
- 2024 में 65.78 प्रतिशत महिला टोक्यो ने वोटिंग की (सूरत को खत्म कर दिया) जबकि पुरुष टोक्यो ने 65.55 प्रतिशत की वोटिंग की।
- 2019 की तरह 2024 में भी महिलाओं की संख्या पुरुषों से ज्यादा वोटिंग। देश के आम चुनाव के इतिहास में यह दूसरा मौका है, जब महिला लाइसेंस की संख्या पुरुष पासपोर्ट से सबसे ज्यादा रही।
- साल 2024 में 800 महिला पंचायतें मैदान में रहीं, जबकि साल 2019 में 726 महिला पंचायतें मैदान में रहीं।
- सबसे ज्यादा महिला नामांकित वाला राज्य महाराष्ट्र बना, जहां 111 महिला नामांकित मैदान में रहती है, उसके बाद उत्तर प्रदेश का नंबर है, जहां 80 महिला सदस्य झील के मैदान में रहती है. तीसरे नंबर पर तमिल में 77 महिलाओं ने कुश्ती में हिस्सा लिया।
- देश की 543 लोकसभा में से 152 ऐसी भी रही, जहां एक भी महिला उम्मीदवार चुनावी मैदान में नहीं थी.
राजनीतिक का प्रदर्शन
- 2024 के चुनाव में 6 राष्ट्रीय आश्रम ने भाग लिया। इन 6 में कुल वैधानिक शेयरों का कुल वोट शेयर 63.35 प्रतिशत था।
- 2019 में 6923 की तुलना में 7190 की ज़मानत ज़ब्त हुई।
- एकमोज़ सीट सूरत (गुजरात) पर उम्मीदवार निर्विरोध जीते।
- कुल 3921 नवजात शिशुओं ने चुनाव लड़ा और उनमें से केवल 7 ही चुने गए। 3905 से 3905 की ज़मानत में ज़ब्त हो गई।
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