अगर आप विलंबित आईटीआर फाइलिंग की समय सीमा चूक गए तो आपको भारी नुकसान उठाना पड़ेगा
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विलंबित आईटीआर: वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए आयकर रिटर्न वर्ष भरना भूल गए हैं या फाइल किए गए रिटर्न में किसी प्रकार का सुधार करना है तो उसके लिए 31 दिसंबर तक अंतिम समय सीमा है। अगर आपने सही समय पर आईटीआर फाइल नहीं की है तो पांच हजार रुपये की पेनाल्टी आपको 31 दिसंबर से पहले आईटीआर फाइल करनी होगी। यह पेनल्टी आपको तब भी लगेगी जब आपके पास कोई टैक्स नहीं होगा। यदि टैक्स कैनाल इन्कम स्टेटमेंट तीन लाख रुपये से अधिक नहीं है तो कोई पेनाल्टी नहीं होगी।
डेड लाइन भूले तो फिर क्या होगा
यदि आप 31 दिसंबर की समय सीमा को भी भूल जाते हैं तो आप पुनः प्राप्त कर सकते हैं। सबसे पहली बात तो यह है कि आप अग्रिम आयकर रिटर्न नहीं भरते हैं तो हर तरह के आवेदन से हाथ धो बैठेंगे। इसके बाद आप केवल एक अद्यतन रिटर्न भर सकते हैं, जिसमें आप केवल इतना बता सकते हैं कि वे कर देनदारी की गारंटी जा रहे हैं। फिर भी 31 दिसंबर को डेडलाइन मिस करने के दस्तावेजों में आपको टैक्स और पेनाल्टी के साथ भरनी होगी।
आईटीआर की ओरिजनल डेडलाइन मिस होने से भी नुकसान होता है
ऐसा माना जाता है कि आप समय पर आईटीआर नहीं भर पाए तो पेनाल्टी के साथ 31 दिसंबर तक आईटीआर फाइल कर सकते हैं। लेकिन ओरिजिनल डेट मिस कर 31 दिसंबर डेड कीलाइन के मुताबिक आईटीआर फाइल करने के साथ ही डैमेज भी हो जाती है। ऐसी स्थिति में करदाता पुराने टैक्स रिजीम को नहीं अपनायेगा। क्योंकि देरी का रिटर्न केवल नए टैक्स रिजीम के तहत ही भरा जा सकता है। पुराने टैक्स रिजीम में कई तरह की छूट और छूट उपलब्ध हैं, जो नए टैक्स रिजीम में नहीं हैं। ये डि शेयर्स और छूट करदाताओं को टैक्स छूट में काफी हद तक कम करने में मदद मिलती है।
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