Umaria Information: उमरिया में मिर्च वाले कंडे हाथियों से बचाएंगे रबी की फसल को

Umaria Information: मिर्च वाली मशाल और तम्बाकू के क्षार से होगी रक्षा, गांव में चल रही तैयारी।

By Prashant Pandey

Publish Date: Thu, 15 Feb 2024 03:00 AM (IST)

Up to date Date: Thu, 15 Feb 2024 03:00 AM (IST)

Umaria News: उमरिया में मिर्च वाले कंडे हाथियों से बचाएंगे रबी की फसल को
इस तरह बनाए गए मिर्च वाले कंडे।

HighLights

  1. मिर्च वाले कंडे, मशाल और तंबाकू की क्षार बनाने का काम हाथी मित्र दल के सदस्य कर रहे हैं।
  2. हाथी प्रभावित एरिया में पांच सदस्यीय हाथी मित्र दल का गठन किया गया है।
  3. जैसे ही फसल बढ़ना और पकना शुरू होती है, वैसे ही जंगली हाथियों का उत्पात शुरू हो जाता है।

Umaria Information: संजय कुमार शर्मा, उमरिया। होली के पहले गांवों में अक्सर लोगों को गोबर के खिलौने बनाते तो सबने देखा होगा] लेकिन गोबर से मिर्च वाले कंडे बनाते शायद ही किसी ने देखा हो। उमरिया जिले के बांधवगढ़ के जंगल के आसपास बसे गांवों में इन दिनों मिर्ची वाले कंडे बनाए जा रहे हैं। मिर्च वाले यह कंडे बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के पतौर और पनपथा रेंज के कई गांवों में बन रहे हैं।

दरअसल यही मिर्च वाले कंडे जंगली हाथियों से रबी की फसल को बचाएंगे। सिर्फ मिर्च वाले कंडे ही नहीं मिर्च वाली मशाल और तम्बाकू के क्षार फसल की रक्षा होगी जिसकी गांव में तैयारी चल रही है।

हाथी मित्र दल कर रहे काम

मिर्च वाले कंडे, मशाल और तंबाकू की क्षार बनाने का काम हाथी मित्र दल के सदस्य कर रहे हैं। इस बारे में जानकारी देते हुए वाइल्ड लाइफ ट्रस्ट आफ इंडिया के कंसल्टेंट पुष्पेंद्र नाथ द्विवेदी ने बताया कि बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के सबसे ज्यादा हाथी प्रभावित एरिया में पांच सदस्यीय हाथी मित्र दल का गठन किया गया है।

इन हाथी मित्र दलों की संख्या बीस है जिन्हें जंगली हाथियों से सुरक्षा के साथ हाथियों की सुरक्षा की भी ट्रेनिंग दी गई है। यही हाथी दल अलग-अलग गांव में जंगली हाथियों से रबी की फसल और लोगों की जान की सुरक्षा के लिए तैयारी करवा रहे हैं।

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मिर्च वाले कंडे बनाते हाथी मित्र दल के सदस्य।

खींचती है फसल की महक

जैसे ही फसल बढ़ना और पकना शुरू होती है, वैसे ही जंगली हाथियों का उत्पात शुरू हो जाता है। दरअसल जंगली हाथियों को फसल की महक अपनी तरफ आकर्षित करती है, जिससे न सिर्फ किसानों की फसलों पर बल्कि किसानों के जीवन पर भी संकट के बादल मंडराने लगते हैं।

पतौर के ललन सिंह, उमेश भूरतिया, संतोष यादव व ब्रजभान सिंह सहित अन्य लोगों ने बताया कि हाथियों के झुंड को खेतों की तरफ बढ़ने से रोकना आसान काम नहीं है। यही कारण है कि पहले से तैयारी रखना जरूरी हो जाता है।

ऐसे होगी रक्षा

उमरिया में जंगली हाथियों से फसल और किसानों के जीवन की रक्षा के लिए योजनाबद्ध ढंग से पूरा काम होता है। सभी बीस हाथी दलों के सदस्यों को वाट्सएप ग्रुप से जोड़ा गया है। इस ग्रुप से वन विभाग के लोग भी जुड़े हुए हैं। इस ग्रुप में हाथी दल की लोकेशन की पल-पल की जानकारी अपडेट की जाती है।

अगर हाथी दल किसी गांव की तरफ बढ़ने लगते हैं तो वहां हाथियों के रास्ते पर मिर्च वाले कंडे सुलगा दिए जाते हैं और मशालें जला दी जाती हैं। इसके साथ ही तंबाकू के क्षार का उपयोग भी किया जाता है। इससे हाथी अपना रास्ता बदल लेते हैं।

साठ से ज्यादा हाथी

बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में साठ से ज्यादा जंगली हाथी हैं जो जंगल के अलग-अलग क्षेत्रों में झुंडों में बंटे हुए हैं। ये हाथी यहां अक्टूबर 2018 से आना शुरू हुए थे और इसके बाद यहीं बस गए। शुरुआत में एक-दो बार हाथी यहां से वापस भी गए, लेकिन बाद में वे यहीं बसकर रह गए। वन्य जीवन की जानकारी रखने वालों का मानना है कि बांधवगढ़ में जैव विविधता और यहां के अनुकूल परिवेश के कारण हाथी यहां बस गए हैं।

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    नईदुनिया डॉट कॉम इंदौर में मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ डेस्क पर वरिष्ठ उप-संपादक। पत्रकारिता और जनसंचार में देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर से बैचलर और विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन से मास्टर्स डिग्री। इंदौर में 2014