अगर आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास निराश करते हैं तो सेंसेक्स, निफ्टी की क्या प्रतिक्रिया होती है, शेयर बाजार रेपो दर में कटौती नहीं करता है और सीआरआर जीडीपी को बढ़ावा देता है
[ad_1]
आरबीआई मौद्रिक नीति समिति: भारतीय शेयर बाजार (इंडियन शेयर मार्केट) के लिए आज का दिन बेहद निराशाजनक है। बाजार की नजर आरबीआई (भारतीय रिज़र्व बैंक) की निगरानी प्रतिभूति (मौद्रिक नीति) पर बनी रहती है। वित्त स्थिर वर्ष की दूसरी तिमाही में देश के आर्थिक विकास की गति के अनुसार ब्याज दर में कटौती करने के बाद क्या उसे रेटिंग दी गई है? साथ ही आरबीआई बैंकिंग सिस्टम में कैश रिजर्व रेश्यो (सीआरआर) में कटौती कैसे की जाएगी? इन बातों पर ये जरूरी है कि इस सप्ताह भारतीय शेयर बाजार में जो शानदार तेजी से देखने को मिला है वो आगे भी जारी रहेगा या नहीं?
शक्तिकांत दास की आखिरी हवेली
भारतीय रिज़र्व बैंक के अपरिमित गवर्नर शक्तिकांत दास के दूसरे पद की ये अंतिम अवलोकन नियुक्ति है। सरकार ने अभी तक अपने पद को बढ़ाने की घोषणा नहीं की है. 10 दिसंबर, 2024 को उनका कार्यकाल समाप्त होने जा रहा है। ऐसे में मार्केट की नजर शक्तिकांत दास पर है कि वे अपनी पिछली लाइब्रेरी को प्लीएज वैलिडिटी से लोगों को राहत देने के साथ-साथ अर्थव्यवस्था में क्या कर रहे हैं और जारी रही सुस्ती को खत्म करने के लिए मॉनिटरी रजिस्ट्रेशन के जरिए क्या अनुमति देते हैं? वित्त वर्ष 2024-25 की दूसरी तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी विकास दर) का आंकड़ा 5.4 फीसदी रहा है।
फरवरी 2025 से रिपो रेट में कटौती
ब्रोकरेज हाउस एआईएल स्टाइकज (आईआईएफएल इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज) के मुताबिक स्थिर मॉनिटरी शेयरों में रेटिंग में कोई बदलाव नहीं होगा और ये 6.50 प्रतिशत पर बना रहेगा। आरबीआई ने विकास की संभावनाओं को रेखांकित करते हुए शेष राशि के अधिकांश हिस्से में कटौती नहीं की है। ब्रोकरेज हाउस का कहना है कि ब्याज दरों में कटौती बेहद जरूरी है, जिससे विकास को गति मिल सके। आईएलएल टेक्नॉलॉजी के अनुसार फरवरी 2025 में रेपो रेट में रिकॉर्ड्स की शुरुआत होने की उम्मीद है।
सीआरआर में गणना संभव
ब्रोकरेज हाउस ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि नीचे दिए गए दस्तावेजों में जाने वाले लोन की रेटिंग दी गई है। निजी गोदाम भी दूसरी तिमाही में घट गया है। ऐसे में आर्थिक विकास को गति देने के लिए आरबीआई को कैश रिजर्व रेश्यो में 50 बेसिस जनरल प्री-कोविड लेवल 4 फीसदी पर लाना चाहिए जो अभी 4.50 फीसदी है। कैश रिजर्व रेश्यो में रिजर्व बैंको के पास के गणतंत्री गणतंत्रों और इस फरवरी में रिजर्व बैंक के पास रिजर्व रिजर्व की राह तैयार होगी। एक अध्ययन में कहा गया है कि सी. आर. आर. के.
आरबीआई तय बाज़ार की चाल
आरबीआई के आज घोषित हो रहे मॉनिटरी स्टेटस का ही असर है कि गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार में शानदार तेजी के साथ गिरावट आई। वैल्थ 800 प्वाइंट की उछाल के साथ 81,765 और वैल्थ 240 प्वाइंट की तेजी के साथ 24,708 प्वाइंट पर उछाल हुआ है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के ऋण नीति के पहले से ही स्टॉक में स्टॉक पर नज़र आ रही है। बैंक 336 पॉइंट के उछाल के साथ 53,603 पॉइंट पर स्टॉक हुआ है। बाजार में जो दो महीने बाद रीयल्टी होने वाली है वह आगे भी जारी रहेगी या नहीं, इसकी दिशा आज प्रमाणित की जा रही है जैसे कि रेटिंग के अनुसार स्थिरता पर सहमति।
ये भी पढ़ें
आरबीआई ने दुनिया में नंबर वन बनाया, अक्टूबर में सबसे ज्यादा सोना खरीदकर देश को पछाड़ा
[ad_2]
Source link

