White Paper: यूपीए कार्यकाल में बड़े पैमाने पर हुआ गड़बड़झाला, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बोली- हर साल हुआ एक घोटाला
FM Nirmala Sitharaman: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि मैं किसी को भी चुनौती देती हूं जो कहता है कि यह दस्तावेज निराधार है। सबकुछ सबूत के साथ है। श्वेत पत्र एक गंभीर दस्तावेज है।
By Kushagra Valuskar
Publish Date: Fri, 09 Feb 2024 07:51 PM (IST)
Up to date Date: Fri, 09 Feb 2024 07:51 PM (IST)

एएनआई, नई दिल्ली। White Paper, FM Nirmala Sitharaman: लोकसभा में शुक्रवार को श्वेत पत्र पर चर्चा हुई। इसमें केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि श्वेत पत्र एक गंभीर दस्तावेज है। इसे 10 साल के बारे में सदन को सूचित करने के इरादे से तैयार किया गया है। सीतारमण ने कहा, ‘अर्थव्यवस्था पटरी पर आ गई है। इस तरह प्रगति कर रही है कि हमारी अभिलाषा पूरी हो सकें।’
UPA की नीति फैमिली फर्स्ट रही
वित्त मंत्री ने कहा कि मैं किसी को भी चुनौती देती हूं जो कहता है कि यह दस्तावेज निराधार है। सबकुछ सबूत के साथ है। उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स घोटाला, कोल स्कैम, एनपीए, कोल ब्लॉक एलोकेशन जैसे मुद्दों के जरिए यूपीए सरकार पर निशाना साधा। निर्मला सीतारमण ने कहा कि UPA की नीति नेशन फर्स्ट की नहीं रही। इन्होंने परिवार पहले रखकर अर्थव्यस्था को चौपट कर डाला।
#WATCH | White Paper | FM Nirmala Sitharaman says, “As a result of Defence Industrial Corridors in Uttar Pradesh and Tamil Nadu, defence procurement is occurring extra by there…It’s a matter of satisfaction that on account of Make in India push, at the moment INS Vikrant, LCA Tejas, Akash, BrahMos… pic.twitter.com/JgAPhn9lgd
— ANI (@ANI) February 9, 2024
महिलाएं राफेल उड़ा रही हैं
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु में रक्षा औद्योगिक गलियारों के कारण वहां से रक्षा खरीद प्रक्रिया अधिक हो रही है। वित्त मंत्री ने कहा, ‘मेक इन इंडिया के कारण आज आईएनएस विक्रांत, एलसीए तेजस, आकाश, ब्रह्मोस मिसाइलें, युद्धक टैंक अर्जुन, आर्टिलरी गन सिस्टम धनुष सभी का निर्माण देश में हो रहा है। आज औरतें राफेल उड़ा रही हैं। सीमाओं की रक्षा कर रही हैं।’
#WATCH | White Paper | In Lok Sabha, FM Nirmala Sitharaman says, “Defence funds has doubled over the past 10 years. In 2013-14, it was Rs 2.53 Lakh Crores. Now it’s Rs 6.22 Lakh Crores in 2024-25. Capital expenditure, together with border roads and for defence forces, gear… pic.twitter.com/hyu4EohVZZ
— ANI (@ANI) February 9, 2024
एचएएल पर वित्त मंत्री ने कहा
निर्मला सीतारमण ने कहा कि वे कहते थे कि एचएएल को क्या हुआ। एचएएल को ऑर्डर नहीं दिया जा रहे है। जब उन्होंने खुद दस सालों में एचएएल को एक भी अनुबंध नहीं दिया। वित्त मंत्री ने कहा, हमारी सरकार ने एचएएल को चार लाख करोड़ का कारोबार दिया। कई प्रकार के हेलीकॉप्टर का निर्माण किया जाएगा।


