तानसेन उत्सव 2024: 150 भारतीय-10 विदेशी कलाकार इंजीनियर, सीएम का उद्घाटन
15 दिसंबर से 19 दिसंबर तक संगीत सम्राट तानसेन की स्मृति में तानसेन समारोह मनाया गया। दा मोहन यादव 15 दिसंबर को अंतिम वर्ष में तानसेन समारोह का उद्घाटन करेंगे। इस कार्यक्रम में 150 राष्ट्रमंडल कलाकार अपनी संगीत प्रस्तुतियाँ देंगे।
द्वारा महेश गुप्ता
प्रकाशित तिथि: शनिवार, 23 नवंबर 2024 12:08:14 अपराह्न (IST)
अद्यतन दिनांक: शनिवार, 23 नवंबर 2024 12:08:14 अपराह्न (IST)

पर प्रकाश डाला गया
- 100वां तानसेन समारोह 15 दिसंबर से, 550 से अधिक दुर्लभ वाद्ययंत्रों का प्रदर्शन होगा
- सीएम दा मोहन यादव 15 दिसंबर को तानसेन समारोह का उद्घाटन करेंगे
- तानसेन अलंकरण 18 दिसंबर की शाम तबला वादक पं. स्वपन चौधरी को दिया जाएगा
नईदुनिया प्रतिनिधि,ग्वालियर। एक दौर में ऐसा भी हो रहा है कि जब गोपाचल पर्वत से पत्थर लुढ़कते हुए नीचे की ओर आए, तो उनमें भी संगीत की झलक दिखी। इस वर्ष तानसेन समारोह के उत्सव में सराबोर रहेंगे। म्यूज़िक के रूप में घोषित संगीत समारोह में संगीत सम्राट तानसेन की स्मृति में 15 दिसंबर से 19 दिसंबर तक चिसिटी द्वारा आयोजित तानसेन समारोह मनाया गया।
मुख्यमंत्री दा मोहन यादव 15 दिसंबर को तानसेन समारोह का उद्घाटन करेंगे। शताब्दी वर्ष के मुख्य समारोह में देश के 150 क्रिसमस कलाकार अपनी संगीत प्रस्तुतियाँ देंगे। इसके अलावा विश्व संगीत कार्यक्रम के तहत 10 विदेशी कलाकार अपनी प्रस्तुति देंगे। साथ ही 550 से अधिक दुर्लभ वाद्ययंत्रों का प्रदर्शन एक प्रमुख आकर्षण होगा, यह प्रदर्शनी तानसेन समाधि परिसर में होगी।
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संगीत सम्राट तानसेन का अखिल भारतीय शताब्दी समारोह गमक के साथ 14 दिसंबर से शुरू होगा। इस अवसर पर संगीत के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाली विभूतियों को अलंकृत किया जाएगा। वर्ष-2023 का राष्ट्रीय तानसेन अलंकरण 18 दिसंबर की शाम कोलकाता के तबला वादक पं. स्वपन चौधरी को दिया जाएगा। तो वहीं, वर्ष-2023 का राजा मानसिंह तोमर अलंकरण इंदौर की सानंद संस्था को दिया जाएगा।
संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित किया जाने वाला यह महोत्सव मध्य प्रदेश के विभिन्न शहरों और देशों के विभिन्न राज्यों में भी आयोजित किया जा रहा है। मध्य प्रदेश में पर्यटन के सहयोग से आयोजन में आने वाले संगीत प्रेमियों और दर्शकों के लिए सिटी टूर, हेरिटेज वॉक सहित अन्य संगीत कार्यक्रम आयोजित किए गए।
कब कहाँ कार्यक्रम होगा
- 22 नवंबर राजस्थान जवाहर कला केंद्र, जयपुर () वायलिन वादन: पं. बिदाई शेवलीकर और चेताली शेवलीकर, भोपाल तबला वादन: डा. बीआईएसआई श्रुति और शील उमावि, मसाबाइ गायन: गौरी पाठारे, सागर
- 24 नवंबर फैकल्टी ऑफ परफॉर्मिंग आर्ट्स, महाराजा सयाजी राव यूनिवर्सिटी, क्रेडिट सिंगिंग: डा. पूर्वी नीमगांवकर, इंदौर सेंटूर-सितार जुगलबंदी: डा. रायल अग्रवाल, मसाल एवं पंडित असित गोस्वामी, वितरक तबला वादन: पंडित शुभ, महाराज वाराणसी
- 26 नवंबर इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय, खैरागढ़ (छत्तीसगढ़) गायन: भुवनेश कोमकली, देवास संतूर-सितार जुगलबंदी: पंडित अरुण मोरोने एवं आयुष मोरोने, इंदौर तबला वादन: पंडित जयदीप घोष, कोलकाता राष्ट्रीय सहायक श्रृंखला का अंतिम समारोह महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी (उत्तर प्रदेश) में होगा।

ध्रुपद के विस्तार पर होगा सेमीनार
मध्य प्रदेश में ध्रुपद की वर्तमान स्थिति, विस्तार और व्यापकता आधारित दीक्षांत समारोह 16 से 18 दिसंबर तक आयोजित होगा, जिसमें देश भर के 100 से अधिक स्केलर शामिल होंगे। इसके समापन अवसर पर लोकार्पित किया जाएगा।
राजस्थान, गुजरात, छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश में भी संगीत कार्यक्रम
प्रदेश के बाहर पहला बार तानसेन समारोह भी आयोजित किया जा रहा है। राष्ट्रीय प्रशिक्षण श्रृंखला के अंतर्गत चार राज्यों में संगीत सभाओं का आयोजन किया जा रहा है। इसके अंतर्गत चार राज्य राजस्थान, गुजरात, छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश में संगीत कार्यक्रम होंगे।
बार कोड स्केन कर सुनेंगे दुर्लभ राग, बंदिशें और प्रस्तुतियां
तानसेन समारोह के पिछले 100 वर्षों के मुख्य समारोहों के दौरान संगीत एवं कलाप्रेमी सुन फ़नी द्वारा विशेष प्रस्तुतियों द्वारा मूरधन्य कला का प्रदर्शन किया गया। यूयू सुनने के लिए बार कोड की सुविधा उपलब्ध रहेगी जिसे स्कैन करके संगीतप्रेमियों के मोबाइल फोन में-ट्यूब के माध्यम से दुर्लभ राग, बंदिशें एवं प्रस्तुतियों को सुन फन। संस्कृति विभाग द्वारा पहली बार इस तरह का नवाचार संगीत प्रेमियों के लिए दी जा रही है।

