छत्तीसगढ़ सरकार ने बुधवार को लॉचर्ड फार्म हाउस से पोषण आहार की प्रक्रिया को पूरा करने के लिए नई व्यवस्था लागू की है। 1 जनवरी से टेक होम राशन (टीएचआर) के लिए फेस वेर और ओपीटीपी सिस्टम शुरू होगा। इसके तहत, राशन वितरण के माध्यम से ऑनलाइन बायोमैट्रिक्स और मोबाइल ओटीपी की गारंटी दी जाएगी।
द्वारा संदीप तिवारी
प्रकाशित तिथि: शनिवार, 23 नवंबर 2024 01:59:11 अपराह्न (IST)
अद्यतन दिनांक: शनिवार, 23 नवंबर 2024 01:59:11 अपराह्न (IST)
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- पोषण आहार वितरण की प्रक्रिया में पोषण आहार वितरण की नई व्यवस्था लागू करें।
- 1 जनवरी से टेक होम राशन के लिए फेसबुक यूजर और ओपीटीपी सिस्टम शुरू होगा।
- साईड का बायोमैथियोलॉजी और मोबाइल ओपीटी के माध्यम से होगा राशन वितरण।
संदीप तिवारी, नईदुनिया, रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने महतारी और बच्चों की भर्ती बैठक वाले पोषण आहार पर रोक लगाने का फैसला लिया है। इसके लिए दो तरह की व्यवस्था लागू करने की तैयारी है। टेक होम राशन (टीएचआर) के लिए फेसबुक पेज और ओपीटीपी व्यवस्था एक जनवरी से लागू होगी। जो महिलाएं वेश्यावृत्ति तक पोषण आहार पुनर्भरण लेती हैं, उनके फेस रीडर बायो आर्किटेक्चर सिस्टम से सत्यापन किया जाएगा। यानी महिलाओं को फेस रीडिंग के बाद ही उन्हें आहार दिया जाएगा। ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि वास्तविक ग्राहक के पास ही खाद्य पदार्थों की खरीदारी हुई है। गंभीर दूसरी महिलाएं अगर केंद्र तक नहीं आ पाएंगी तो उनके स्थान पर उनके पोषण आहार लेने वाले अन्य स्वजन के माध्यम से मोबाइल नंबर पर टीपीटीपी का भी सत्यापन किया जा सकता है।
पोषण ट्रैक ऐप में संबद्धता सुविधा
दस्तावेज में पोषण ट्रैक एप के माध्यम से गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य को लेकर भी परामर्श व्यवस्था चल रही है। इन दो व्यवस्थाओं को सम्मिलित करें और लागू करें। इस प्रक्रिया में राशन वितरण के दौरान उनकी फोटो खींचने, आधार कार्ड से उनके प्रमाणपत्र या ई-केवैसी और राशन वितरण के दौरान खींचे गए फोटो से मिलान करने का काम शामिल है।
इसके अलावा राशन कार्डधारक को अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एक विशिष्ट ओटीपी प्राप्त करना होगा, जिसे कार्यकर्ता को दिखाना होगा, ताकि राशन पंजीकरण प्रक्रिया पूरी हो सके। प्रदेश में 52 हजार 400 कंकाल केंद्र हैं। यहां एक लाख से अधिक चारपाई कार्यकर्ता और सहायिकाएं काम कर रही हैं। राज्य सरकार ने अवलोकित को स्मार्ट फ़ोन भी दे रखा है। फ़ेस वैर अटेचमेंट के लिए फ़्रैक्शन में व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए लोकोमोटिव कैथोलिक को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
टेक होम राशन क्या है?
पोषण आहार को टेक होम राशन (टीएचआर) कहा जाता है। बैलबाड़ी में गर्भवती महिलाओं, स्तन के बालों वाली महिलाओं और छह माह से तीन साल तक के बच्चों के लिए सूखा राशन दिया जाता है। यह सूखा राशन किशोरियों को भी उपलब्ध होता है। इसे टेक होम राशन कहते हैं।
इसलिए व्यवस्था व्यवस्था लागू
कई बार के दस्तावेज़ हैं कि पोषण आहार आस्ट्रेलियन तक कोई प्रवेश नहीं करता है और इसमें हेराफेरी की बात होती है। पोषण आहार का मकसद पोषण आहार की समस्या को दूर करना है। ऐसे में व्यवस्था व्यवस्था से कुछ हद तक सुधार होगा। साल 2019 में छत्तीसगढ़ में बच्चों में कुपोषण 23.37 प्रतिशत था, जो 2021 में बच्चों में 19.86 प्रतिशत रहा और 2022 में बच्चों में 17.76 प्रतिशत रहा।
वर्तमान में करीब 16 प्रतिशत है। इसी तरह पिछले तीन वर्षों में कच्चे अनाज की कीमत में 5.61 प्रतिशत की कमी आई है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लूडब्लूए) के अनुसार, किसी भी प्रदेश में एक वर्ष के भीतर यदि कुपोषण की दर में दो प्रतिशत या उससे अधिक गिरावट आती है, तो यह प्रतीकात्मक स्थिति बनी रहती है।
पोषण ट्रैकर ऐप में अब दो मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ प्रोफेशनल्स सर्विसेज के पेशेवरों को मजबूत बनाया गया है और समुदाय, विशेष रूप से महिलाओं के बीच स्वामित्व की भावना को बढ़ावा दिया गया है। यह राशन की जोखिमों को भी कम करता है। शम्मी आबिदी, सचिव, महिला एवं बाल विकास विभाग, छत्तीसगढ़
देश के 10 राज्यों में पहले से ही व्यवस्था
वर्तमान में यह व्यवस्था देश के 10 राज्यों व केंद्रों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू होती है और इसे दिसंबर 2024 और जनवरी 2025 तक पूरे देश में लागू करने की योजना है। अभी चंडीगढ़, आंध्र प्रदेश, ओडिशा, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, गुजरात, झारखंड, केरल, महाराष्ट्र में फेसबुक पर देखें और ओपीटी व्यवस्था संयोजन ही लागू होता है।



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