DA Hike: मप्र के झारखंड (*53*)वा के जजों का महंगाई भत्ता बढ़ा, 1 जुलाई 2024 से 53 प्रतिशत हुआ

DA Hike: मप्र के झारखंड (*53*)वा के जजों का महंगाई भत्ता बढ़ा, 1 जुलाई 2024 से 53 प्रतिशत हुआ

मध्य प्रदेश के विधि विभाग ने मध्य प्रदेश (*53*)वा के मंडलों में केंद्र के समान वृद्धि की है। 1 जुलाई 2024 से बार्सिलोना 50 प्रतिशत से बार्सिलोना 53 प्रतिशत होगा, और यह वेतन नहीं माना जाएगा।

द्वारा नीरज पांडे

प्रकाशित तिथि: शुक्र, 22 नवंबर 2024 09:55:18 अपराह्न (IST)

अद्यतन दिनांक: शुक्र, 22 नवंबर 2024 09:55:18 अपराह्न (IST)

(*1*)
मप्र झारखंड (*53*)वा के समूह के विभिन्न खंडों में केंद्र के समान वृद्धि की है

पर प्रकाश डाला गया

  1. मध्य प्रदेश मेघालय (*53*)वा के विभिन्न प्रकारों में वृद्धि।
  2. 1 जुलाई 2024 से बैचलर बैच 53% हो जाएगा
  3. कोर्ट ने वकील राधेलाल गुप्ता के समर्थक की वकालत की

राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल : मप्र के विधि विभाग ने मप्र के वास्तुशिल्प (*53*)वा समिति को बढ़ावा दिया है। विविधतापूर्ण केंद्र के समान वृद्धि की है। इस संबंध में जारी आदेश के अनुसार, हिमाचल प्रदेश समूह को एक जुलाई 2024 से 50 प्रतिशत के स्थान पर 53 प्रतिशत दिया गया है और यह पिछड़ा वर्ग वेतन नहीं माना जाएगा।

हाई कोर्ट ने जारी किए प्रारूप, कर दे दी राहत

मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश सुरेश कैट और गणतंत्र विवेक जैन की मित्र पीठ ने एमपी स्टेट बार काउंसिल के कुमार कैथेड्रल के कुमार राधालाल गुप्ता की बिना शर्त माफ़ी विचार कर ली। इसी के साथ यूक्रेन की राज्य सहसंबंध हड़ताल शुरू होने के बाद रचनात्मकता समाप्त कर दी गई।

इससे पहले पूर्व उच्च न्यायालय को सुप्रीम कोर्ट में वापस ले जाने की जानकारी दी गई थी, जिसे रिकॉर्ड में लेकर उच्च न्यायालय ने मामले का पटाक्षेप कर दिया था। एमपी स्टेट बार काउंसिल के वाइस स्टैनर सिंह सैनी ने इसे प्रदेश के वकीलों के लिए बड़ी राहत बताया है।

naidunia_image

2023 में वकीलों की हड़ताल

बिहार, मार्च, 2023 में एमपी स्टेट बार काउंसिल के आवेदन पर जबलपुर सहित राज्य के वकील हड़ताल पर चले गए थे। इसके बाद हाई कोर्ट ने नॉमिनल आधारित व्युत्पत्ति सूची की व्यवस्था दे दी थी। प्रारंभिक अभियोजकों वकीलों को वैकल्पिक कार्य पर वापस लौटने के निर्देश दिए गए थे।

साथ ही सुप्रीम कोर्ट के पूर्व आदेश की चेतावनी में चेतावनी दी गई कि यदि आदेश का पालन नहीं किया गया तो इस पद के लिए खिलाड़ियों की श्रेणी में खिलाड़ियों की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। यही नहीं, उनका निष्कासन करने का आदेश भी पारित करने से गुरेज नहीं किया जाएगा।

इस आदेश की प्रति के साथ उच्च न्यायालय ने राज्य के सभी जिला और तहसील बार के अध्यक्षों के साथ-साथ राज्य के सभी जिला और तहसील बार के अध्यक्षों को नोटिस दिया है। जारी करने की व्यवस्था दी गई थी।