जबलपुर विकास विभाग के चपरासी ने ट्रेन के सामने छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली। पत्नी ने डिपार्टमेंट के प्लेसमेंट पर सगाई करने का आरोप लगाया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
द्वारा नीरज पांडे
प्रकाशित तिथि: शुक्र, 22 नवंबर 2024 07:31:44 अपराह्न (IST)
अद्यतन दिनांक: शुक्र, 22 नवंबर 2024 07:31:44 अपराह्न (IST)
पर प्रकाश डाला गया
- जबलपुर विकास विभाग के चपरासी ने की आत्महत्या
- शुक्रवार ट्रेन के सामने आया दस्तावेज़, जाँच जारी
- पत्नी ने रिलायंस पर लगाया आरोप
नईदुनिया प्रतिनिधि, बुरहानपुर। जबलपुर विकास विभाग के चपरासी ने शुक्रवार को ट्रेन के सामने आत्महत्या कर ली। रेलवे पुलिस ने चपरासी बब्बन शेल्के का शव रेलवे स्टेशन के पास से एकल मारुति मंदिर के सामने से बरामद किया है। लालबाग थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है।
सूचना मिलने के बाद मृतक बबन की पत्नी, सहायक कमिश्नर के कार्यालय का निरीक्षण किया गया। उन्होंने बब्बन पर सहायक आयुक्त सुवर्णाखाबे पर आत्महत्या करने का आरोप लगाया है।
क्वांटम को लेकर तनाव
गत 30 अक्टूबर को उन्होंने बबन के सचिवालय सहायक आयुक्त कार्यालय से बहादरपुर के कॉलेजीन बच्चों के उपकरणों में कर दिया था। उसका मूल पद स्थापना भी इसी तरह अलग-अलग में था। फिर भी बबन वहां जाने की इच्छा नहीं रखता था।
शुक्रवार को इसी बात को लेकर उनकी बहस सुवर्णा खर्चे से हुई थी। जिसके बाद उसने अपना फोन कार्यालय में ही छोड़ दिया और कुछ समय बाद उसकी मृत्यु की सूचना मिली। हालाँकि विभाग ने इस आरोप को स्वीकार करते हुए कहा कि कोई विवाद नहीं हुआ।
वेतन भुगतान में हो रही थी परेशानी
सहायक आयुक्त गणेश भाभर और प्रभारी सहायक आयुक्त सुवर्णाखाबे ने बताया कि शासन ने अतिशेष कर्मचारियों के वेतन को लेकर सख्त निर्देश दिए हैं। जिससे ऐसे कर्मचारियों का वेतन आहरित करने में परेशानी होती थी। इसी के चलते बबन को उसके मूल पैड इंस्टालेशन स्थल पर भेजा गया था।
इससे पहले उसे सिंधी भट्टी के सामान में भी भेजा गया था, लेकिन वह वहां भी नहीं गया। उनके अनुसार बब्बन को केवल बहादुरपुर में स्मारक देने के लिए कहा गया था। ऑफिस में किसी तरह की बहस नहीं हुई थी।





