पर्यटन स्थलों की छत्ती हुई सुहानी, स्कार्पियो पैड असावधानी हो सकती है

पर्यटन स्थलों की छत्ती हुई सुहानी, स्कार्पियो पैड असावधानी हो सकती है

पर्यटन स्थल जरा सी असावधानी मुसीबत में शामिल हो सकते हैं। रिज़ॉर्ट पर्यटन का आनंद तभी लें जब सावधान रहें। पर्यटन और सैर सपाटे के साथ इस मौसम में ठंडी ठंड, चटक धूप के साथ मनोरम दृश्य प्रकृति के पर्यटकों के बीच आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।

द्वारा मनोज कुमार तिवारी

प्रकाशित तिथि: शुक्र, 22 नवंबर 2024 01:17:19 अपराह्न (IST)

अद्यतन दिनांक: शुक्र, 22 नवंबर 2024 01:17:19 अपराह्न (IST)

झरने में नहाते बच्चे, नईदुनिया

पर प्रकाश डाला गया

  1. देवपहरी, परसखोला, केंदई, फुटहामुड़ा में रीछ में लोगों की भीड़ उमड़ रही है।
  2. मनोरम दृश्य प्रकृति के पर्यटकों में आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
  3. महत्वपूर्ण प्लाइच रेस्तरां पर सावेचना एसोसिएटेड बोर्ड भी लगाए गए।

नईदुनिया न्यूज,कोरबा। सूर्योदय के समय किरणती किरणें हो या फिर अस्त होने के समय झिलमिलाती लालिमा दो ही समय के पर्यटन स्थल देवपहरी, परसखोला, फुटहामुड़ा की सुंदरता अपने चरम पर होती है। चारों ओर के मनोरम दृश्य और सुंदरता सभी को अपनी ओर आकर्षित करती है।

पानी की धार से तराशे गए इन चट्टानों में से झील के किनारे से लेकर सूरज के डूबने तक की चमक ही नहीं होती, नुकीले और चट्टानी चट्टानों से लेकर किसी को काटने तक, पानी की धार से लेकर उन्हें अपने गुफानुमा स्थानों में कैद करने की क्षमता भी होती है।

आश्रम के लिए लोगों की भीड़ बाढ़ में लगी रहती है। गहरी खाई, पथरीला फ़्लान भरी जल धारा, इसकी धार बिना पानी में उतरना मौज-मस्ती या मनोरंजन के लिए नहीं बल्कि मौत साबित हो रही है।

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जिले में ऐसी कुछ घटनाएं भी हैं, उदाहरण के तौर पर मस्ती करते हुए और एक दूसरे को पानी में उतरकर-कूदने के चैलेंज करते हुए छात्र समझदारी से काम नहीं लेते और खतरों के बीच बीच पानी में उतर जाते हैं। इन हॉस्टल में छात्र पानी में बह गए हैं।

जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण प्लाइस्ट प्लेस पर सावधानी पूर्वक एसोसिएटेड बोर्ड भी लगाए हैं, लेकिन मौज-मस्ती में कई लोग ऐसे हैं जो अनदेखी कर खतरनाक डेस्टिनेशन पर चले जाते हैं।

दुर्घटना की सूचना पर प्रशासन और पुलिस, नगर सेना, अवशेष और अवशेष ने अवशेष कर पूरी कोशिश की है, लेकिन मौज-मस्ती और हंगामे की वजह से किसी को भी मौत के घाट उतार दिया जाना संभव नहीं है।

देवपहरी के तट जलप्रपात की वजह से सभी लोग यहां आने के लिए मजबूर हैं। बड़े-बड़े बैलों से पानी की धारा को छोड़ना तो है लेकिन खतरनाक भी है और यहां तेज गति से चलने वाले पानी की धारा को छूना, बिना इसके साथ-साथ पर्यटकों के लिए जोखिम भरा हो सकता है।

खतरनाक खतरनाक भारी चट्टानें कभी भी अवशेषों का शिकार बन सकती हैं, इसलिए कोशिश करें कि आपके बच्चे ऐसी जगह पर न जाएं, उसके लिए सतर्क रहें। ऐसी जगह में कुछ सुरक्षा के साहिली व सावधानी और सामी आपके खतरे को टालने में बहुत हद तक सहायक बन सकते हैं।

घेटाली है जनजातीय कई घटनाएँ

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पर्यटन स्थलों में हर साल जन लेवा घटनाएं होती हैं। कुछ साल पहले युवा दोस्तों का दल बालको के गहनिया पिकनिक स्पाट में गए सन दास ने देखा कि पानी में गंदगी लगा दी। पानी में नुकीले रॉक से उसके सिर पर गहरी चोट लगी। अचानक बेसुध हुआ सूरज किसी तरह अस्पताल लाया गया।

ब्रेन में चोट लगने से याददाश्त और बिजनेसमैन की हड्डी में फ्रैक्चर की वजह से वह कई साल तक रैंप पर ही रहे। जुलाई 2023 में देवपहरी में एक शिक्षक डूब गये। अप्रैल और 24 अक्टूबर को पर्सखोला में नाबालिग छात्र पानी में फिर से जिंदा नहीं बचे। एनिमल स्कूल के नाबालिग छात्र फ़ुटहामुडा में पानी और सुरंगनुमा पत्थरो के बीच समा गए।

नशे से दूर रहो, न उतरें पानी में

देवपहरी, परसखोला, फुटहामुड़ा, केंडेई, सतरेंगा, नकिया जैसे स्थानों पर पानी का भराव, पत्थरों की खतरनाक श्रृंखला है, यहां मुझे तैरना आता है यह सोच कर पानी बिल्कुल भी नहीं मिलता है। क्षेत्र के लिए सभी सामग्रियाँ। पानी में उतरकर होटल का एडवेंचर न करें।

शराब का सेवन न करें और घाट किनारे आएं पर यहां शराब का सेवन न करें। आतिशबाजी के दौरान आपके साथ-साथ टूल्स, टार्च और अन्य सुरक्षा उपकरणों पर भी नजर रखें। कोशिश करें कि आप दिन के उजाले घर से बाहर निकलने और अंधेरा होने से पहले ही लौट आएं।