छात्रों ने ड्रोन के व्यावहारिक उपयोग को समझा और इसके संभावित क्षेत्रों जैसे कृषि, परिवहन और सुरक्षा में इसके महत्व पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि इस कार्यशाला के माध्यम से उन्हें एक नई तकनीक की जानकारी मिली। जो उनके भविष्य को एक नई दिशा प्रदान करेगी।
By Manoj Kumar Tiwari
Publish Date: Fri, 22 Nov 2024 07:42:45 AM (IST)
Up to date Date: Fri, 22 Nov 2024 07:42:45 AM (IST)
HighLights
- कार्यशाला का उद्देश्य छात्रों को ड्रोन तकनीक की बारीकियों से अवगत कराना।
- ड्रोन के संभावित क्षेत्रों जैसे कृषि, परिवहन और सुरक्षा में इसके महत्व पर चर्चा की।
- छात्रों को रोजगार और स्टार्टअप के नए रास्ते तलाशने के लिए भी प्रेरित किया।
नईदुनिया प्रतिनिधि,बिलासपुर। भविष्य की तकनीक आज के प्रयासों से बनती है और ड्रोन तकनीक इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय के कंप्यूटर साइंस विभाग द्वारा आयोजित चार दिनी कार्यशाला ने छात्रों को ड्रोन के व्यावहारिक और तकनीकी पक्ष से परिचित कराकर उनके कौशल को नई ऊंचाइयां दी।
यह कार्यक्रम न केवल नवीन ज्ञान का स्रोत बना। बल्कि छात्रों को रोजगार और स्टार्टअप के नए रास्ते तलाशने के लिए भी प्रेरित किया।गुरुवार को कार्यशाला का समापन हुआ।
नवीन तकनीकों के प्रति प्रेरित करना
मुख्य अतिथि के रूप में गुरु घासीदास केंद्रीय विवि के डा.अमित खासकलाम, विभागाध्यक्ष डा. एचएस होता तथा विषय विशेषज्ञ के रूप में सार्थक दाम्बरे और गमक साहू, एवं सभी प्रतिभागी छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यशाला का उद्देश्य छात्रों को ड्रोन तकनीक की बारीकियों से अवगत कराना और उन्हें नवीन तकनीकों के प्रति प्रेरित करना था।
ड्रोन संचालन का विशेष प्रशिक्षण
विषय विशेषज्ञों ने छात्रों को ड्रोन के विभिन्न भागों, उनकी कार्यप्रणाली और प्रोग्रामिंग के माध्यम से ड्रोन संचालन का विशेष प्रशिक्षण दिया। छात्रों ने इन दिनों के अनुभव को साझा करते हुए बताया कि यह कार्यशाला उनके लिए अत्यंत उपयोगी रही।
प्रमाण पत्र प्रदान किए गए
कार्यक्रम के सफल आयोजन का श्रेय सहायक प्राध्यापक डा. श्रिया साहू को जाता है। इस अवसर पर विभाग के अन्य शिक्षक दीपेश, अंकिता, प्रेरणा और शोधार्थी विवेक, पुष्पेश, सत्यम, कमल, अक्षय, सुनील, और भूषण भी उपस्थित रहे। कार्यशाला के अंत में सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।
ड्रोन तकनीक में रोजगार की अपार संभावनाएं
मुख्य अतिथि डा. अमित खासकलाम ने विभाग को इस उपयोगी कार्यशाला के आयोजन पर बधाई देते हुए कहा, ड्रोन तकनीक का उपयोग कृषि सुरक्षा, परिवहन, आपदा प्रबंधन और स्वास्थ्य सेवाओं जैसे क्षेत्रों में लगातार बढ़ रहा है। यह रोजगार के नए अवसरों का सृजन कर सकता है। छात्रों को इस दिशा में स्टार्टअप स्थापित करने की ओर ध्यान देना चाहिए।–







