मामला रायगढ़ हॉस्टल जंगल का है। जिले में हांथी मानव द्वंद का फिल्मांकन जारी है। कभी हाथों की तो कभी इंसान की मौत की खबरे रिपब्लिक में बनी हुई है। इस बीच छात्रों में एक और हाथी के शव की मुलाकात वन विभाग से की गई।
द्वारा विश्वनाथ रे
प्रकाशित तिथि: गुरु, 21 नवंबर 2024 02:10:26 अपराह्न (IST)
अद्यतन दिनांक: गुरु, 21 नवंबर 2024 02:10:26 अपराह्न (IST)
पर प्रकाश डाला गया
- हाथी के बच्चे की मौत, एक महीने में पांच बच्चों की मौत।
- 26 अक्टूबर को तीन हाथों की मौत की घटना सामने आई थी।
- रायगढ़ के छात्र क्षेत्र में जंगल के अंदर हो रही हाथियों की मौत।
नईदुनिया प्रतिनिधि,रायगढ़। धर्मजयगढ़ वन मंडल के हाथी गांव के तालाब के पास हाथी के बच्चे का शव मिला है। बच्चे की उम्र 3 से 4 महीने बताई जा रही है। वन विभाग के आला अधिकारी के मौके पर पहुंचे।
मशीन पर निवेश जांच में चयन हो गया है। धरमजयगढ़ वन मंडल में हैंडियों की मौत का सिलसिला जारी है ऐसे में वन विभाग के उच्च अधिकारियों की भी आंखों पर पट्टी बंधी हुई है।
छात्र परिक्षेत्र के 545 पीएफ में जंगल के अंदर बने तालाब में हाथी के बच्चे की पानी में तैरती लाश मिली है।
बता दें कि सप्ताह भर के अंदर धरमजयगढ़ वन मंडल क्षेत्र से ही हांथी के कंकाल मिलने की खबर सामने आई थी, उसके बाद आज फिर से आपको हांथी के मृत वन विभाग की निष्क्रियता को शामिल किया गया है जबकि शासन द्वारा हांथी के बचाव के लिए कई उपाय किए गए हैं फंड जारी किया जाता है। अब देखिएगा हाथी की मौत पर सरकार और विभाग की जिम्मेदारी किस तरह की कार्रवाई करती है।
कुछ दिन पूर्व ही छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में हादसा, करंट की चपेट में आने से तीन हाथों की मौत; वन विभाग में मचा हुआ कारोबार
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के तमनार वन परिक्षेत्र में करंट की चपेट में आने से तीन हाथियों की मौत हो गई। सुबह जब ग्रामीण जंगल गए तब उन्हें तीरथ हाथी एक दूसरे के रूप में मृत अवस्था में मिले। स्थानीय लोगों ने वन विभाग को इसकी जानकारी दी। प्रथम दृष्टि में वन विभाग ने बिजली कंपनी पर लगाया आरोप।
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के तमनार वन परिक्षेत्र में करंट की चपेट में आने से तीन हाथियों की मौत हो गई। सुबह जब ग्रामीण जंगल गए तब उन्हें तीरथ हाथी एक दूसरे के रूप में मृत अवस्था में मिले। स्थानीय लोगों ने वन विभाग को इसकी जानकारी दी। प्रथम दृष्टि में वन विभाग ने बिजली कंपनी पर लगाया आरोप। रायगढ़ जिले के दो वन मंडल में 140 हाथी क्षेत्र हैं। सबसे अधिक धर्मजयगढ़ क्षेत्र में है।



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