मध्य प्रदेश में दमोह के सैलवाड़ा सर्किल में कुछ दिनों से एक तेंदुए ने दस्तक दे रखी है, जो अक्सर ग्रामीणों को दिखाई देता है। पहले यह तेंदुआ लोगों को देख भाग जाता था, लेकिन अब कुछ दिनों से तेंदुआ के अंदर से इंसान का भय खत्म होने लगा है। लोगों को भय लगता कि तेंदुआ अचानक रात में गुजरते समय हमला न कर दें।
By Sunil Gautam
Publish Date: Thu, 21 Nov 2024 01:50:32 PM (IST)
Up to date Date: Thu, 21 Nov 2024 01:50:32 PM (IST)
HighLights
- खेत में किसान का बेटा और दो छोटे-छोटे कुतिया के पिल्ले थे।
- ग्रामीणों को गीले खेत में दिखे पदमार्क, लोगों ने पूरे सबूत दिए।
- गीले खेत में दिखे पदमार्क, एक महीने से तेंदुआ घूम रहा है।
नईदुनिया, तेंदूखेड़ा, दमोह (Damoh Information)। क्षेत्र के जंगल में आए दिन तेंदुआ लोगों के सामने आ जाता है इस बार तेंदूखेड़ा वन परिक्षेत्र की सैलवाड़ा सर्किल से मामला सामने आया है। यहां एक तेंदुआ किसान के सामने एक पिल्ले को मुंह में दबाकर ले गया जिस किसान के सामने यह घटना घटी उसने यह जानकारी तुरंत वन विभाग को दी। वन परिक्षेत्र में अधिक संख्या में मांसाहारी और जंगली जानवर हैं, जो आए दिन लोगों को देखने मिल जाते हैं।

खेत में किसान का बेटा और कुतिया के दो पिल्ले थे
मंगलवार की शाम तेंदुआ तेंदूखेड़ा सैलवाडा से दो किलोमीटर दूर एक खेत में पहुंचा, उस समय खेत में किसान का लड़का और दो छोटे छोटे कुतिया के पिल्ले थे। तेंदुआ पहुंचा और उसने चुपके से एक पिल्ला मुंह में दबाकर भाग लिया।
किसान के बेटे को तेंदुए का धक्का लगा
घटना के दौरान किसान का बेटा बीच में आ गया उसको भी भागते हुये तेंदुए का धक्का लगा और वह गिर गया, बाद में उसने घटना की सूचना अपने परिचित लोगों को दी।
किसान के बेटे ने सुनाई आप बीती
- सैलवाड़ा निवासी भरत यादव ने बताया की वह मंगलवार की शाम खेत में था।
- अचानक बाघ दौड़ते आया और मेरे कुत्ते के पिल्ले को मुंह में दबाकर भागा।
- सोनू रजक ने बताया नर्सरी के आसपास अब तक कई लोगों को दिखा था।
- सोनू बोला-चार दिन पहले मुख्य मार्ग पर धरी अपने दोस्तों के घर जा रहा था।
- लोगों की मदद से तेंदुआ को मुख्य मार्ग से जंगली क्षेत्र में खदेड़ दिया गया।
सर्किल आफिसर बोले कि वह तेंदुआ नहीं लकड़बग्घा है
सैलवाड़ा सर्किल में पिछले एक महीने से तेंदुआ घूम रहा है जो कई बार ग्रामीणों के सामने भी आ गया है। ग्रामीणों की सूचना पर जब भी वन अमला मौके पर पहुंचा तो सर्किल आफिसर थे उनका कहना रहता था कि वह तेंदुआ नहीं लकड़बग्घा है।
गीले खेत में दिखे पदमार्क, लोगों ने पूरे सबूत दिए
इस बार ग्राम के लोगों ने पूरे सबूत दिए है क्योंकि जिस खेत से तेंदुआ गुजरा था वहा खेती के लिए पानी चलाया गया था खेत गीला था, इसलिए उसके पदमार्ग बन गये थे। तेंदुए के पदमार्क मिले जिन्हें रेंजर को दिखाया तो उन्होंने भी माना कि यह लकड़बग्घा नहीं तेंदुआ है। ग्रामीण इसी बात को पिछले एक महीने से कह रहे थे लेकिन वन विभाग इस बात को झुठला रहा था। गनीमत यह रही कि तेंदुए ने अभी तक किसी इंसान पर हमला नहीं किया नहीं तो जान भी जा सकती थी।


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