ग्वालियर समाचार: नामांकन में नामांकन संख्या डिग्री, चला रहे अन्यत्र

ग्वालियर समाचार: नामांकन में नामांकन संख्या डिग्री, चला रहे अन्यत्र

स्वास्थ्य विभाग द्वारा झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। नईदुनिया टीम ने ऐसे ही कुछ कथित झोलाछापों की पड़ताल की तो दोस्त वाला खुलासा हुआ। झोला छाप डाक टिकट्रों ने पकडरे जाने को लेकर कहा कि जेल ही तो होगी। इससे ज्यादा क्या होगा।

द्वारा -अनूप भार्गव

प्रकाशित तिथि: गुरु, 21 नवंबर 2024 01:11:34 अपराह्न (IST)

अद्यतन दिनांक: गुरु, 21 नवंबर 2024 01:11:34 अपराह्न (IST)

पर प्रकाश डाला गया

  1. नईदुनिया में झोलाछाप निर्माताओं ने कहा, जेल से क्या होगा
  2. एक दिन पहले ही सिरोल क्षेत्र में गलत इलाज के कारण हुई बच्चे की मौत
  3. मेडिकल स्टोर में भी झोला छाप डॉक्टर देखे जाते हैं

नईदुनिया प्रतिनिधि, स्थान। झोलाछाप स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी अपनी दुकान से गंदगी फैला रहे हैं और गरीबों की जान से खेल रहे हैं। एक दिन पहले ही सिरोल क्षेत्र में गलत इलाज के कारण एक 13 साल के बच्चे की मौत हो गई। इसके बाद भी स्वास्थ्य विभाग द्वारा झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। नईदुनिया टीम ने ऐसे ही कुछ कथित झोलाछापों की पड़ताल की तो दोस्त वाला खुलासा हुआ।

झोलाछापों ने डॉक्टरी कैमरे के सामने कबूल किया है कि उन्होंने डॉक्टरी की कोई पढ़ाई नहीं की है और उन्हें कोई तजुर्बा भी नहीं है, इसके बावजूद वह अपनी दुकान चला रहे हैं। इतनी ही नदी पार ताल के पास मेडिकल स्टोर में जाटव द्वारा खेला गया 20 साल से अधिक उम्र के युवक का इलाज होता है। उसे विश्वास है कि उसके पास डॉक्टरी की कोई डिग्री नहीं है, लेकिन वह लंबे समय से डॉक्टरी कर रही है।

जब उससे पूछा गया कि क्या यह गैर कानूनी है, तो उसने कहा कि जेल ही होगी तो होगी। इससे ज्यादा क्या होगा. नदी पार ताल क्षेत्र में बिना पंजीकरण और डॉक्टरी डिग्री के आधे से अधिक अवैध छात्र चल रहे हैं। कोई बैल दवा विक्रेता के नाम से अपनी दुकान चला रहा है, तो किसी की दुकान पर कोई बोर्ड ही नहीं लगा। इनमें से कई के पास बैचलर ऑफ शीट (बी दवा) की डिग्री है। इसके अलावा उन्होंने मेडिकल स्टोर भी खोला है, वह क्लिनिक भी बेचते हैं।

naidunia_image

सीन- एक स्थान: नदी पार ताल वॉटर पंप के सामने

वैसे तो यहां पर प्रदीप मेडिकल स्टोर है, लेकिन स्टोर के बाहर बड़े-बड़े दो बोर्ड रखे हुए हैं जिन पर जाटव क्लिनिक लिखी होने के साथ डॉक्टर पीके जाटव का नाम अंकित है। इसके साथ ही बाबा, खाज खुजली, पिंपल्स का इलाज करने का दावा डॉक्टर साहब कर रहे हैं। इसके अलावा 20 से अधिक सख्त का इलाज भी शामिल है। मेडिकल स्टोर पर बैठे एक युवक ने खुद को डॉक्टरी सलाह देते हुए कहा कि वह इन सबका इलाज करता है। डिग्री की बात हुई तो उन्होंने बताया कि बी-फॉर्म बने हुए हैं. डॉक्टरी की कोई डिग्री नहीं है। मरीज़ आते हैं, तो दवा दे देते हैं। साथ ही साथ कहा जालसाज़ जाने पर जेल ही तो होगी।

naidunia_image

सीन- दो स्थान: नदी पार तल

दुकान के अंदर बच्ची को एक इंजेक्शन लगा हुआ था। नईदुनिया टीम जब यहां आई, तो युवा सकपका गए और बैठ गए। उससे उसकी डिग्री के बारे में पूछा गया तो उसने कहा कि वह पास है। डॉक्टर की कोई डिग्री नहीं है। उसने अपना नाम नहीं बताया। दुकान के बाहर बोर्ड भी नहीं लगा था। बोर्ड ने निर्माण का कारण नहीं पूछा, तो उसने बताया कि दीपावली के समय पुताई हुई थी। इसी तरह के समान मार्ग पर बैचलर डॉक्टर बैठे मिले। उनके पास भी नामांकन नहीं था. उन्होंने दुकान के बाहर बोर्ड भी नहीं लगाया था, लेकिन बालों की बीमारी का इलाज करने का दावा किया गया था।

सीन- तीन स्थान: नदी पार ताल क्षेत्र

क्लिनिक पर कोई बोर्ड नहीं लगा था, लेकिन आधे-अधूरे लोगों के करीब लोग बैठे थे। डॉक्टर साहब एलौपैथ की दवा लेकर जा रहे थे। जब उनसे उनकी डिग्री के बारे में पूछा गया तो उन्होंने बीएमएस को बताया, नाम एचएस कुशवाह था, लेकिन क्लिनिक बिना नामांकन के चल रहे हैं। बिना पंजीकरण के स्टार्टअप की बात पर कहा पंजीकरण कराऊंगा। इस तरह शहर में कई लोग बिना भर्ती के धड़ल्ले से लेकर हर जगह घूम रहे हैं, लेकिन सीएम के कार्यालय में इसकी मौजूदगी अब तक नहीं हुई है।

बिना किसी स्टार्टअप का ऑपरेशन कर रहे झोलाछापों के खिलाफ कार्रवाई करने वाली टीम की गई है। टीम समय-समय पर कार्रवाई भी करती है। कार्रवाई के बाद यह लोग स्थान बदल देते हैं। मशीनरी एक्शन करने में दिक्कत होती है, लेकिन अब रेगुलर एक्शन के लिए टीम को निर्देशित किया जाएगा।

डा. सचिनसर्विन, सेमेस्टर, बाद वाला