सरगुजा पर्वतीय क्षेत्र में तापमान छह डिग्री तक पहुंच गया है। इस साल नवंबर की शुरुआत में दो सप्ताह में ठंड सामान्य थी लेकिन मौसम साफ और उत्तर पश्चिम दिशा से शुष्क हवा का प्रवाह उत्तरी छत्तीसगढ़ में एक और ठंड बढ़ी।
द्वारा अनंगपाल दीक्षित
प्रकाशित तिथि: बुध, 20 नवंबर 2024 11:36:11 अपराह्न (IST)
अद्यतन दिनांक: बुध, 20 नवंबर 2024 11:36:11 अपराह्न (IST)
पर प्रकाश डाला गया
- पहाड़ी व मैदानी क्षेत्र में पड़ रही कड़ाके की ठंड
- जनजीवन प्रभावित, आने वाले दिनों में ठंड से राहत नहीं
- विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों तक ठंड के टीयर टियर सीजन गेन
नईदुनिया प्रतिनिधि, अंबिकापुर: उत्तर की सर्द हवा से सरगुजा जिला शीतलहर की राजधानी है। तापमान में लगातार गिरावट जारी है। रविवार को अंबिकापुर का न्यूनतम तापमान 8.6 डिग्री दर्ज किया गया। तापमान सामान्य से 4.7 डिग्री कम होने के कारण सरगुजा के मैदानी क्षेत्र, एशिया महाद्वीप में शीतलहर की स्थिति बनी हुई है। एक दिन में भी यूनिवर्सल पवन ऊर्जा से लोगों को राहत नहीं मिल रही है। सरगुजा पर्वतीय क्षेत्र में तापमान छह डिग्री तक पहुंच गया है। इस साल नवंबर की शुरुआत में दो सप्ताह में ठंड सामान्य थी लेकिन मौसम साफ और उत्तर पश्चिम दिशा से शुष्क हवा का प्रवाह उत्तरी छत्तीसगढ़ में एक और ठंड बढ़ी। मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों तक मौसम में कोई बड़ा उलटफेर नहीं होने से ठंड के खतरे बने रहने की संभावना है।
शीतलहर के ये हैं नाइट्रोजन-
वरिष्ठ मौसम विज्ञानी एम्स भट्ट ने बताया कि भारतीय मौसम विभाग ने शीतलहर के बारे में जानकारी दी है। इसके अनुसार मैदानी और पूर्वी एशिया में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री या उससे कम हो गया है। शीतलहर परिवहन पर तापमान सामान्य से चार या पाँच डिग्री कम होता है। अंबिकापुर का सामान्य न्यूनतम तापमान 8.6 डिग्री दर्ज किया गया जो 4.7 डिग्री से कम हो गया, यह स्थिति शीतलहर की बन गई है।
इस तरह बना है न्यूनतम तापमान
पिछले वर्ष
15 नवंबर 10 4
16 नवंबर 10 1
17 नवंबर 10 6
18 नवंबर 9 7
19 नवंबर 8 8
20 नवंबर 8x 6
क्रेडके की ठंड में दुकान की लेटलतीफी से यात्री रहे परेशान
नईदुनिया प्रतिनिधि, अंबिकापुर: अंबिकापुर-अनूपपुर रेल खंड में चल रहे कार्य के कारण मंगलवार को यात्री ट्रेन सेवा बुरी तरह प्रभावित हो रही है। स्थान-स्थान अभिलेखों को नीचे दिए गए स्थान पर जाने से देर रात तक अंबिकापुर क्षेत्र में देरी हुई। ठंड में यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। मंगलवार को उदल खार स्टेशन में नई लाइन को जोड़ने वाले शिवप्रसाद नगर में रोड अंडर ब्रिज की कमीनिंग का कार्य चल गया। ये दोनों श्रमिक ट्रेन शहडोल और अंबिकापुर के बीच सभी पांच से छह घंटे की देरी से संचालित हुईं। जानकारी के अनुसार दोपहर 12 बजे अंबिकापुर से शहाडोल यात्रा होने वाली मेमू ट्रेन रात को रात नौ बजे, अंबिकापुर से लगभग आठ घंटे की देरी से रवाना हुई। दूसरी ओर शहडोल से अंबिकापुर जाने वाली मेमू ट्रेन दोपहर 12.30 बजे शहडोल से होने वाली यात्रा के बाद जगह-जगह स्टेशन पर रुकती हुई रात को 11 बजे अंबिकापुर से 10 मिनट पहले। इसी प्रकार शहडोल-अम्बिकापुर यात्रा यात्रा महोत्सव पीएम शहडोल से प्रस्थान के बाद देर रात 11: 30 बजे अंबिकापुर तट। यात्री यात्रियों के स्थान-स्थान पर आगमन से देरी और ठंड के कारण ठंड में यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। फ़ेड। ऐसे यात्री जो भोपाल, इंदौर से यात्रा कर शहडोल और अनूपपुर में उतरे। उन्हें सुबह से देर रात तक ट्रेन में ही रुकना पड़ा। घंटे की देरी से परेशान यात्रियों में बड़ी संख्या में महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग थे। तकनीकी कार्य के कारण बैकुंठपुर व कटोरा में काफी देर तक पदयात्रा रुकी रही। ट्रेन परिजनों से रोकी गई इसकी जानकारी यात्रियों को नहीं मिल रही है।
देर रात 12.30 बजे छूटी दुर्ग ट्रेन-
शहडोल-अंबिकापुर पैसेंजर ट्रेन रात 11:30 बजे अंबिकापुर प्रस्थान। यही ट्रेन बाद में दुर्ग अंबिकापुर एक्सप्रेस के रूप में छूटती है। देरी से पहुंचने के कारण यह ट्रेन रात 12:30 बजे अंबिकापुर से दुर्ग के लिए रवाना हुई। इसी तरह शाम छह बजे अंबिकापुर से अनूपपुर जाने वाली मेमू ट्रेन साढ़े पांच घंटे की देरी से देर रात 11.30 बजे रवाना हुई। इस दौरान सैकड़ों यात्री अंबिकापुर स्टेशन पर परेशान नजर आए।
दुर्ग ट्रेन में शामिल एक अतिरिक्त कोच-
अंबिकापुर दुर्ग ट्रेन में यात्रियों की भीड़ देखने को मिली दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे दुर्ग द्वारा 24 नवंबर से 30 नवंबर तक एवं अंबिकापुर से 25 नवंबर से एक दिसंबर तक एक अतिरिक्त स्लीपर कोच से जुड़ी। इससे यात्रियों को कुछ राहत मिलने की संभावना है। बता दें कि अंबिकापुर से राजधानी रायपुर जाने वाली एकमात्र ट्रेन में छुट्टी और शादी-विवाह के सीजन में यात्रियों की भारी भीड़ रहती है।





