राजस्थान पर बने समुद्री मील के कारण मध्य प्रदेश में सर्द हवाएँ चल रही हैं, जिससे न्यूनतम तापमान में गिरावट आई है। मोटरसाइकिल में कोहरा और धुंधलापन भी बन रहा है। के मिज़ाज में अगले दो दिनों में बदलाव की संभावना है, मौसम में बादल भी आ सकते हैं।
द्वारा नीरज पांडे
प्रकाशित तिथि: बुध, 20 नवंबर 2024 09:32:02 अपराह्न (IST)
अद्यतन दिनांक: बुध, 20 नवंबर 2024 09:32:02 अपराह्न (IST)
पर प्रकाश डाला गया
- उदाहरण आने के कारण प्रदेश में छा रहा कोहरा-धुंध
- भोपाल में रात का तापमान 11 डिग्री सेल्सियस
- 2 दिन तक बना रह सकता है सीज़न का मिज़ाज
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल : राजस्थान पर बने समुद्री मील के कारण सर्द हवा का झोंका बना हुआ है। इस कारण से मध्य प्रदेश में न्यूनतम तापमान में गिरावट हो रही है। वनस्पतियों के साथ कुछ जड़ी-बूटियाँ आने के कारण कोहरा धुंधला और भी छा रही है। सीज़न का ऐसा ही एक मिज़ाज अभी दो दिन तक बना रह सकता है।
रविवार को मध्य प्रदेश के मैदानी इलाकों में सबसे कम 10.2 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। वहीं पचमढ़ी स्टेशन पर न्यूनतम तापमान 7.8 डिग्री सेल्सियस हिल पर बना हुआ है। इसी तरह राजधानी में रात का तापमान 11 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सीजन का सबसे कम तापमान रहा।
अगले दो दिनों में बादल छा सकते हैं
मौसम विज्ञान के अनुसार अभी दो दिन तक मौसम का मिजाज इसी तरह बना रहेगा। इसके बाद होटल के साथ-साथ मेडिसिन आने से कुछ बादल छा सकते हैं। इस रात के तापमान में कुछ उछाल भी हो सकता है। वर्तमान देश के पश्चिमोत्तर क्षेत्र में जेट रिप्लेसमेंट बना हुआ है। मध्य पाकिस्तान पर हवा के ऊपरी भाग में एक समुद्री मील बना हुआ है।

रात के तापमान में गिरावट
मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्व वरिष्ठ वैज्ञानिक अजय शुक्ला ने बताया कि राजस्थान में एक प्रति रात्रि बनी है। इसका प्रभाव लगातार सर्द हवाएं मध्य प्रदेश की तरफ आ रही हैं। इस कारण से रात के तापमान में गिरावट हो रही है। कोहरा में कोहरा में बनाया गया है। शेष शहरों में सुबह के समय धुंधलापन बना रहता है।
मौसम विज्ञान केंद्र से मिली जानकारी के अनुसार गुरुवार को बंगाल की खाड़ी में तमिल तट के पास हवा के ऊपरी भाग में एक समुद्री मील बनने जा रहा है। आगे इस कम दबाव वाले क्षेत्र में बदलाव किया जा सकता है। इस मौसम प्रणाली के प्रभाव से लेकर अनुकूल दिशा तक में बदलाव हो सकता है। इसके दो दिन बाद प्रदेश में कहीं-कहीं बादल भी छा सकते हैं।



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