मालवा में मतान्तरण पर मजबूत समर्थन तो निमाड़ में फैला जाल, प्रमाण पत्र को दिया जा रहा है

मालवा में मतान्तरण पर मजबूत समर्थन तो निमाड़ में फैला जाल, प्रमाण पत्र को दिया जा रहा है

मालवा क्षेत्र में पुलिस और हिंदू विद्वानों की हड़ताल के बावजूद निमाड़ क्षेत्र में पासपोर्ट का मतांतरण बढ़ रहा है। बुरहानपुर जिले के नेपानगर में एक परिवार के रुपये और मकान के लालची मटारन का काम चल रहा था, लेकिन विहिप और बजरंग दल ने इसे विफल कर दिया। सिद्धार्थ को गिरफ्तार कर लिया गया है।

द्वारा नीरज पांडे

प्रकाशित तिथि: बुध, 20 नवंबर 2024 06:35:32 अपराह्न (IST)

अद्यतन दिनांक: बुध, 20 नवंबर 2024 06:35:32 अपराह्न (IST)

निमाड़ क्षेत्र में समुद्र तट का मतांतरण बढ़ रहा है।

पर प्रकाश डाला गया

  1. मालवा में बहुत बढ़िया तो निमाड़ में भारी मत परिवर्तन के मामले
  2. विहिप-बजरंग दल के कारण मतांतरण का प्रयास विफल हो गया
  3. ईसाई बने 3 जनाब ही मतान्तरण के लिए दे रहे थे लालच

नईदुनिया, इंदौर। मध्य प्रदेश के मालवा क्षेत्र में पुलिस-प्रशासन के आश्रम और विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और बजरंग दल जैसे देवताओं की कड़ी निगरानी के बाद अब मतांतरण का कुचक्र निमाड़ क्षेत्र में बढ़ रहा है। मालवा के झाबुआ और अलीराजपुर जिलों में रुपये, मुफ्त इलाज, अन्य साधन-सुविधाओं की लालच में मतान्तरण के प्रयास के अनेक मामले सामने आये।

इनमें से किसी को भी सजा नहीं मिली, लेकिन अब ऐसे तत्व निमाड़ के आदिवासी बहुल एशिया की ओर अपने कदम बढ़ा रहे हैं। अब निमाड़ के बुरहानपुर, खंडवा, खर्गोन आदि में आरक्षण को लेकर दशकों और मकानों के साथ ही बच्चों के विवाह का लालच देकर उन्हें ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

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लालची मत अनुवाद

मंगलवार देर शाम बुरहानपुर जिले के नेपानगर क्षेत्र में एक ऐसा ही मामला सामने आया है। डलमहू के निवासी कुँवर सिंह और उनकी पत्नी सुधा झामरे को इसी तरह के लालची मतान्तरण के लिए सम्मानित किया जा रहा था। विहिप और बजरंग दल के अनुयायियों का यह प्रयास असफल रहा।

उन्होंने बलीराम बड़ोले, उनकी पत्नी अनीता बड़ोले और रामा केला को देर रात पुलिस पर पकड़ बना ली। पुलिस ने मध्य प्रदेश के खिलाफ प्रदेश धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता की धारा में मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। करीब साल भर पहले डस्टकोट क्षेत्र में भी मतांतरण का प्रयास करते हुए दो स्थानों को गिरफ्तार किया गया था।

शिक्षित बेटे ने परिवार को जाल से बाहर निकाला

कुँवर सिंह के 19 साल के बेटे और इंजीनियर छात्र अजय जमरे ने अपनी माँ और पिता की मदद से मतांरन के इस जाल को बाहर निकाल दिया। अजय के अनुसार आरोप लगाया गया है कि यहां तक ​​कि आदिवासियों के बारे में भी कहा गया है, लेकिन वे मत परिवर्तन कर ईसाई बन गए थे और अब लोगों का मतांतरण भी करा रहे हैं।

कैथल ने अपना अध्ययन, पक्का मकान मालिक और माहा राइस लीड का स्वामित्व प्राप्त किया था। सिद्धार्थ ने पिता-पुत्र के हाथों में बंधा कलावा भी निकाला था। संस्करण मत अनुवादन का षडयंत्र लंबे समय से चल रहा था। इनिशियलाइज़ेशन को मकान मालिक व मकान मालिक का लालची धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किया जा रहा था।

– गणेश फोटोग्राफर, प्रखर मंत्री विहिप नेपानगर।

झाबुआ जिले में छह माह से मटारन का कोई मामला नहीं

झाबुआ जिला गढ़ के लिए मॅट ट्रांसप्लांट फिल्म निर्माता आ रहे हैं। यहां गरीबी और अज्ञानता का लाभ उन्हें मत परिवर्तित करना, गरीबी का खेल, पुराने से चल रहा है। हिंदू धर्मावलंबियों के सक्रिय होने के बाद इस पर कुछ लिखा हुआ है। पिछले छह माह से मतांतरण का कोई मामला सामने नहीं आया है।

मत अनुवाद की कोशिशें विफल

एक समय मतान्तरण के मामले में कई मामले गाहे-बगाहे सामने आए थे। यहां पूरे-पूरे के मतांतरण के मामले भी सामने आए हैं। मैथ्यू अब साम्प्रदायिक गांव कानून और जनजातीय समाज के सामाजिक विद्वानों के सनातन के प्रति आस्थावानों के प्रयास से मतांतरण की कोशिशें विफल हो रही हैं।

गांव-गांव में हनुमान चालीसा, सुंदर कांड सहित प्रकृति पूजा की प्राचीन परंपरा से लेकर युवा समुदाय को मतांतरित करने से लेकर उत्सव के प्रयास तक यहां प्रभावशाली रूप से रंग पेश किए जाते हैं। कई मतांतरित परिवार अब घर वापसी करने लगे हैं।