बिजली की उच्च दाब क्षमता की लाइन में काम करने के दौरान करंट लगने से कई कर्मचारी अपवित्र होते हैं। कुछ अयोग्यता तो कइयों की मृत्यु तक हो जाती है। ऐसे में लाइन फार्मास्युटिकल की सिक्योरिटी को लेकर कॉन्स्टेंट प्रश्नावली जारी है।
द्वारा पंकज तिवारी
प्रकाशित तिथि: बुध, 20 नवंबर 2024 11:24:56 पूर्वाह्न (IST)
अद्यतन दिनांक: बुध, 20 नवंबर 2024 11:24:56 पूर्वाह्न (IST)
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- हॉट सूट शोरूम चालू लाइन में काम की ट्रेनिंग लॉजिस्टिक है।
- बिजली लाइन पर काम करने वाले के लिए बिजली लाइन।
- करंट से बच 100 से अधिक मिलियन को बाँटे यह सूट दिया।
नईदुनिया, जबलपुर (जबलपुर समाचार)। अब मप्र पावर ट्रांसमिशन कंपनी ने एक ऐसा सूट बनाया है, जिसे बिजनेस पावर कंपनी चालू लाइन पर भी काम कर सकती है, लेकिन उन्हें चालू नहीं किया गया है। इस सूट को कंपनी ने ‘हॉट सूट’ नाम दिया है।
ये स्टाफ़ कॉलेज से ट्रेनिंग लेकर आये हैं
एमपीआर पावर कंपनी ने प्रदेश भर में 100 से अधिक कर्मचारियों को हॉट सूट बिजनेस चालू लाइन में काम करने का प्रशिक्षण दिया है। ये स्टाफ़ कॉलेज से ट्रेनिंग लेकर आए हैं। हॉट सूट की लाइनमैन को ‘हॉट मैन’ भी कहा जाता है।
हाईवोल्टेज करंट में काम करना मुश्किल
मप्र ट्रांसमिशन कंपनी के कारखाने में उच्च क्षमता का विद्युत प्रवाह होता है। बिजली उत्पादन इकाई से सीधे ग्रिड वोल्टेज के माध्यम से 400 केव्ही, 220 केव्ही और 132 केव्ही वोल्टेज पर लाइन में करंट चलता है।
बिजली मशीनरी उच्च दाब क्षमता की गैलरी पर काम करेगी
- कई बार बिजली आपूर्ति बंद होने के बावजूद करंट प्रवाहित होने लगता है।
- कारण से बिजली इलेक्ट्रोनिक करंट लीके की दुर्घटना का शिकार हुए थे।
- हॉट सूट प्लांट उच्च दाब क्षमता की कार्यशाला पर काम करेगा।
132 केवी से लेकन 400 केवी की लाइन पर बिना शटडाउन के काम कर सकते हैं
बेंगलुरु में 20 दिन तक चली ट्रेनिंग अब तक प्रदेश के करीब 100 बिजली कर्मचारियों को हॉट स्पॉट दिए गए हैं। पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड के चीफ इंजीनियर (सीईई) संदीप गायकवाड़ का कहना है- हॉट समोट डाउनी लाइनमैन 132 केवी से लेकन 400 केवी (किलो वोल्ट) तक की लाइन पर बिना शटडाउन के काम कर सकते हैं।
नए कार्य करने वाले कर्मचारियों को भी प्रशिक्षण के लिए बेंगलुरु भेजा जाएगा
मुख्य कलाकार गायक के अनुसार, जैसे-जैसे कर्मचारी सेवानिवृत्त हो रहे हैं, वैसे-वैसे नए कार्य करने वाले कर्मचारियों को भी प्रशिक्षण के लिए बैंगल भेजा जाएगा। ट्रेनिंग के लिए जो भी स्टाफ बड़ा होता है, उसे बेंगलुरु भेज दिया जाता है।
बेंगलुरु से आये कर्मचारियों को ट्रेनिंग करीब 20 दिन तक चली
अभी जो स्टाफ कॉलेज से आए हैं, उनकी ट्रेनिंग करीब 20 दिन तक चली थी। आगे अब और भी कर्मचारियों को फिर से बेंगलुरु प्लांट की तैयारी की जा रही है।
हाट लाइन सूट आकर्षण का केंद्र बना
विज्ञान मेले में विशेष तकनीक और सामग्री से निर्मित एक मॉडल के साथ बेहद आकर्षण का केंद्र बनाया गया है, जिसमें 400 के वेही, 220 के वेही, 132 के वेही वोलि, 132 के वेही वोलि वोल्टेज लेवल पर चालू लाइन पर प्रशिक्षणार्थी हाथ की तकनीक का मिश्रण किया गया है। इसमें सुधार कार्य किया जा सकता है। इसके अलावा सभी स्टेशनों में उपयोग आने वाले विभिन्न उपकरणों के मॉडल भी दर्शाए गए हैं।



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