वडोदरा प्रदेश के जबलपुर में मदन महल की मान्यता पर उस वख्त का राक्षस का राक्षस हो गया जब अचनाक कुछ लोग ट्रेन से नीचे उतरकर इंजनों की ओर भागे। जब तक शिलालेख पर मौजूद लोग कुछ समझ समुद्र तट पर ग्लौच और मरापीटी होने लगी। ट्रेन की लेटलतीफी घटना का कारण बताया गया है। 15 नवंबर की घटना की जांच अब शुरू हो गई है।
द्वारा अतुल शुक्ला
प्रकाशित तिथि: बुध, 20 नवंबर 2024 10:29:58 पूर्वाह्न (IST)
अद्यतन दिनांक: बुध, 20 नवंबर 2024 10:29:58 पूर्वाह्न (IST)
पर प्रकाश डाला गया
- एक यात्री ने फोटो इंटरनेट मीडिया पर वायरल कर दी।
- स्पेशल ट्रेन के यात्रियों ने ट्रेन लेट होने का गुस्सा निकाला।
- कई आयुर्वेदिक पर अधिक समय तक रुकना गुसासे का कारण।
नईदुनिया, जबलपुर (जबलपुर समाचार)। ट्रेन की विश्वसनीयता, यात्रियों का तनाव और गुस्सा बढ़ रही है। यहां तक के यात्री अब अपने प्लांट को ट्रेन और रेल कर्मचारियों पर उतार रहे हैं। ऐसा ही एक मामला सामने आया जबलपुर के मदनमहल स्टेशन पर।
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अतिथियों की वजह से यात्रियों ने स्टेशन पर तूफ़ान का तूफान मचाया
मदनमहल स्टेशन पर स्पेशल ट्रेन के यात्रियों ने ट्रेन के इंजन और कर्मचारियों को ट्रेन लेट होने का कष्ट दिया। घटना 15 नवंबर की बताई जा रही है। ट्रेन के समय पर गंतव्य तक नहीं पहुंचा गया और कई यात्रियों ने स्टेशन पर अधिक समय तक यात्रा की।
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यात्रियों के दुर्घटनाग्रस्त होने पर देखते ही देखते आन्तरिक गाड़ियों पर हमला कर दिया गया
इस दौरान कुछ यात्रियों को ट्रेन के इंजन की खिड़की का कांच फोड़ दिया गया। यात्रियों के दुर्घटनाग्रस्त होने पर अचानक चले गए आपातकालीन वाहनों पर हमला कर दिया गया और घटना को दबा दिया गया।
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हरकत में आये रेलवे ने घटना की जांच शुरू कर दी
- इस बीच एक यात्री ने घटना की तस्वीर इंटरनेट मीडिया पर वायरल कर दी
- फोटो वायरल होने से हरकत में आई रेलवे ने घटना की जांच शुरू कर दी है।
- ट्रेन नंबर 06563 हाली डे स्पेशल ट्रेन 12 नवंबर को बेंगलुरु से रवाना हुई थी।
- आमोद-प्रमोद और कई हिंदुस्तानी पर चौकियों की वजह से ट्रेन के यात्री नाराज हो गए।
कई बार विरोध जताने के बाद यात्रियों का गुस्तासा स्काई पर
यात्रियों ने कई बार विरोध किया। ट्रेन 15 नवंबर की सुबह 7.30 बजे मदन महल स्टेशन खड़ी हुई। ट्रेन करीब आधे घंटे तक खड़ी रही, जिससे यात्री नाराज हो गए और उन्होंने स्टेशन पर स्टेशन कर दिया। इसी बीच में कुछ यात्रियों ने लोको इंजन की खिड़की के एक तरफ का कांच फोड़ दिया।
लोको पायलट ने किसी तरह ट्रेन को आगे बढ़ाया
भूकंप के बीच लोको पायलट ने किसी तरह से ट्रेन को आगे बढ़ाया और उसके सूचना नियंत्रण को सूचित किया। रेलवे अधिकारियों ने सुरक्षित रूप से आगे बढ़ने के लिए रेलवे अधिकारियों की सहायता ली।
इंटरनेट मीडिया पर घटना की तस्वीर सामने आने के बाद मामला खुला
केस का ठंडा कर दिया। इस बीच इंटरनेट मीडिया पर घटना की तस्वीरें सामने आने के बाद रेलवे में गड़बड़ी सामने आई और अब ट्रेन लेट करने वाले रेलवे कर्मचारियों और यात्रियों की जांच शुरू कर दी गई है।




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