छत्तीसगढ़ राज्य में होने वाले ग्रामीण अजीविका मिशन बिहान के तहत इस योजना की शुरुआत की जा रही है। पहल का उद्देश्य घरेलू हिंसा से पीड़ित महिलाओं को न केवल सुरक्षा प्रदान करना है, बल्कि उन्हें एक नया जीवन शुरू करने का अवसर भी देना है। केंद्र में वैज्ञानिकों और सक्रिय महिलाओं को शामिल किया जा रहा है, जो समूह बनाकर पीड़ित महिलाओं की समस्याओं का समाधान करते हैं और उन्हें सहायता समूहों में हल करते हैं।
द्वारा मनोज कुमार तिवारी
प्रकाशित तिथि: बुध, 20 नवंबर 2024 07:27:36 पूर्वाह्न (IST)
अद्यतन दिनांक: बुध, 20 नवंबर 2024 07:27:36 पूर्वाह्न (IST)
पर प्रकाश डाला गया
- दोस्तों और बुजुर्गों के लिए विशेष व्यवस्था।
- मानसिक और चिकित्सीय चिकित्सा को विशेषताएँ।
- सेंटर ग्रुप में महिलाएं निभाएंगी अहम भूमिका।
नईदुनिया प्रतिनिधि बिलासपुर। घरेलू हिंसा से पीड़ित महिलाओं के लिए प्रेरणा दयानी जेंडर सोर्स सेंटर की स्थापना की जा रही है। यह केंद्र महिलाओं को सुरक्षित आश्रय प्रदान करता है और उनकी संख्या में मदद मांगता है। केंद्र में बुजुर्ग महिलाओं, मछलियों और अन्य महिलाओं के लिए अलग-अलग व्यवस्थाएं दी गई हैं।
केंद्र में बुजुर्ग महिलाओं के लिए विशेष व्यवस्था होगी, ताकि उन्हें आरामदायक आरामदायक मिल सके। वहीं, बच्चों के लिए अलग से देखभाल और विकास की सुविधा दी जाएगी। इसका उद्देश्य मनोवैज्ञानिक और शारीरिक विशेषज्ञों को शामिल करना है।
ग्रुप की भूमिकाएं महिलाएं निभाएंगी अहम भूमिका
केंद्र में विभिन्न प्लास्टिक वैज्ञानिकों और सक्रिय महिलाओं को जोड़ा जा रहा है। इन महिलाओं को न केवल संरक्षण प्रदान करने में मदद की जाती है, बल्कि उन्हें घरेलू हिंसा से बाहर निकालने के लिए आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा भी दी जाती है। बिहान कार्यक्रम के तहत महिलाओं को कानूनी सहायता और पुलिस सहायता प्रदान करने का भी प्रयास किया जाएगा।
महिलाओं के अधिकार की सुरक्षा सुविधा
बिहान के माध्यम से समाज में महिलाओं के अधिकार और सुरक्षा की दिशा में समूह की महिलाएं सामने आ रही हैं। महिलाओं की माने तो स्थानीय प्रशासन और सामाजिक कार्यकर्ताओं का भी उन्हें सहयोग मिल रहा है, उन्हें वर्तमान में केवल योजना बनाई गई है, जिस तरह से उनके पास समानता है, उसके अनुसार ही वह आगे की योजना बना कर कलाकारों की मदद कर सकती है।
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महिला प्रदर्शन..
महिला निजीकरण का उदाहरण है नोइन, बैंक में ग्राहक सेवा संस्थान हैं
बिलासपुर। बैंकर्स के व्यवहार को लेकर ग्राहक बार-बार पूछते रहते हैं। विरले होते हैं जो सपनों का दिल जीत लेते हैं। पंजाब नेशनल बैंक की रेलवे शाखा की प्रमुख खजांची हिना चौधरी में से एक हैं। एक समर्पित बैंक कर्मचारी के साथ संप्रदाय महिला की मिसाल हैं।
नामांकित के व्यवहारिक और दायित्व को लेकर ना केवल ग्राहक प्रशंसा करते हैं बल्कि बैंक से भी कई सम्मान प्राप्त होते हैं। समाज में एक प्रतिष्ठित नाम के साथ प्रत्येक कार्य को लेकर बाकी देशों में भी काफी चर्चा होती है। बुजुर्ग ग्राहक फूल बाई यादव का कहना है कि वे सिर्फ नानी मैडम का नाम बताते हैं। जो टिफ़िन टाइम में भी बार-बार कुर्सी पर होता है। कभी-कभी किसी वाद्ययंत्र को कोई शौक नहीं होता।
गणेश नगर निवासी ग्राहक वी रामगुरु का कहना है कि बैंक में एक अजीब मैडम सबसे अच्छी लगती है। वहीं हिना के बारे में यह भी पता चला कि वह परिवार के प्रति अपनी प्रतिभा का भी बहुत अच्छे से निवर्हन करती है।
सुबह घर-परिवार व बच्चों का ध्यान रखने के बाद वैश्विक बाजारों की सेवा की जाती है। उनकी मेहनत और सच्ची प्रेरणा से यह साबित होता है कि एक महिला किसी भी चुनौती का सामना करते हुए सफलता की नई ऊंचाई छू सकती है।
पवित्र का दिन सिर्फ बैंक तक सीमित नहीं है। बैंक में ग्राहक सेवा करते हुए वे कभी-कभी खुद की जेब से राशि भरते हैं। जब मिलान के दौरान कोई कमी होती है। उनके लिए ये कोई बड़ी बात नहीं है. यह उनका कर्त्तव्य है। जिस दिन उनका निधन हो गया उस दिन वे घर लौटकर फिर से एक गृहणी के रूप में जिम्मेदारी निभाती हैं।



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