लोगों का कहना है कि नगरपालिका नाओल्स का निर्माण और अपना-अपना कमीशन मीटिंग के बाद सभी उदाहरण अपने हाल पर छोड़ देते हैं, उनकी सराहना करने वाले लोग मजबूर हैं। शहर के नालों के साथ ही मोहल्लों, तालाब और सुविधा शौचालयों का हाल हमने पहले ही लोगों को बताया है। ऐसी स्थिति में मोती तनख्वाह और मेनटेनेंस के नाम पर करोड़ों रुपये बर्बाद हो रहे हैं।
द्वारा कोमल शुक्ला
प्रकाशित तिथि: मंगल, 19 नवंबर 2024 11:53:06 अपराह्न (IST)
अद्यतन दिनांक: मंगल, 19 नवंबर 2024 11:53:06 अपराह्न (IST)
पर प्रकाश डाला गया
- स्टाफ़ और बजट का सदुपयोग विलायल में
- सफाई नहीं होने के कारण नगर में जगह-जगह पसरी गंदगी
नईदुनिया, चांपा : नगर पालिका परिषद के कर्मचारियों पर कोई पकड़ नहीं है, जो शहर में सफाई की व्यवस्था करती है। 50 से भी अधिक नियमित, अपवित्र और स्वच्छता कमांडो की सिफारिशों के बावजूद शहर की सफाई व्यवस्था चरमरा गई है। विभिन्न वार्डों में बनी नालियों की सफाई तो कभी होती भी नहीं, जिससे पानी विक्रेताओं की गंभीर समस्या बनी हुई है। सफाई नहीं होने के कारण नालियां बजबजा रही हैं।
नगर पालिका चांपा की सफाई में नित्यानंद कमांडो सहित 50 से अधिक कर्मचारियों के वेतन में हर माह लाखों रुपये खर्च होते हैं। इसके अलावा सफाई व्यवस्था में आधे हिस्से से ज्यादा मात्रा में विलय होता है, जहां किरायेदारों में भी लाखों रुपए खर्च किए जाते हैं। इसके बावजूद शहर में सफाई व्यवस्था खराब है।
शहर के सभी 27 वार्डों में करोड़ों रुपये की लागत से पानी के लिए नाली का निर्माण किया गया है, लेकिन एक बार नाली के निर्माण के बाद किसी ने भी नाली की ओर पलटकर नहीं देखा। मसलन, अधिकांश नालियाँ टूट चुकी हैं जबकि लगभग सभी नालियाँ जाम हैं, शुद्धिकरण के लिए कोई प्रयास नहीं किया गया है। इसकी वजह यह है कि शहर में ज्यादातर नालियां जाम हैं तो वहीं कई नालियां सड़कों पर उतर गई हैं।
अन्य नालियों में गंदगी की भरमार है, जिसमें पानी की बिक्री संभव ही नहीं है। इन जाम नालों की वजह से हर साल बारिश में शहर का कई तालाब बन जाते हैं, तो वहीं जाम नालों की वजह से हर साल बारिश का पानी लोगों के घरों में घुस जाता है। कंपनी के सभी सफ़ाई संसाधन और स्टाफ़ समूह भी इन सान्ताओं में नालों की सफ़ाई में कमी है। कई जगह नाली पर नाली बन रही है।
साफ-सफाई नियमित होती है, निरीक्षण के लिए कर्मचारियों की ड्यूटी ली जाती है। वे स्वयं सुबह से साफ-सफाई की मैनिटरिंग के लिए गायब हैं।
भोला सिंह ठाकुर
अले, नपा चांपा



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