देवास का एक शख्स अपनी जिम मटेरी से भागने के लिए नशेड़ी बनने की इच्छा से रचा गया था लेकिन पकड़ा गया। असल में उनके खिलाफ पेटनी ने कोर्ट में भरण पोषण का मामला दर्ज किया था। राशि से बचने के लिए उसने नशे का आदि होने का नाटक किया और नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती हो गई। उसका पोल खुल ही गया।
द्वारा सत्येन्द्र सिंह राठौड़
प्रकाशित तिथि: मंगल, 19 नवंबर 2024 09:43:21 अपराह्न (IST)
अद्यतन दिनांक: मंगल, 19 नवंबर 2024 09:47:02 अपराह्न (IST)
पर प्रकाश डाला गया
- पेटनी ने लगाया था भरण-पोषण का मामला।
- एक साल से नहीं दे रहा इसकी राशि।
- कोर्ट के आदेश का भी नहीं किया पालन.
नईदुनिया प्रतिनिधि, देवास। कोर्ट के आदेश के बाद पत्नी को भरण-पोषण की राशि नहीं देने वाला देवास रेजिडेंट एक अपराधी से भागने के लिए नशे की लत का नाटक करके भोपाल में नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती हो गई थी। आराेपित के भोपाल में होने की जानकारी बैठक के बाद सिविल लाइन देवास पुलिस भोपाल और उसे नशा मुक्ति केंद्र से न्यूजीलैंड ले गई।
सिविल लाइन पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार दतिया की रहने वाली अंजलि बैस ने अपने बचपन के जीवन में रोजाना होने वाली झगड़ों और बयानों से परेशान होकर पति जयदीप चौहान के खिलाफ कुटुंब कोर्ट देवास में भरण-पोषण के लिए परिवारवाद रचा था।
कोर्ट ने 18 अप्रैल 2022 को जयदीप चौहान को आदेश दिया कि वह अपनी पत्नी को 6000 रुपये भरण-पोषण के रूप में दें, लेकिन पति ने एक साल से अधिक समय तक भरण-पोषण की राशि का भुगतान नहीं किया। इस पर कोर्ट ने अपने खिलाफ़ वारंट जारी किए थे।
नशे की लत से बचने के लिए जयदीप को नशे की लत लगाने वाले केंद्र भोपाल में नशे का आदी बनने का नाटक करते हुए भर्ती की गई थी। टीआई दीपक सिंह यादव ने आरोपी जयदीप चौहान निवासी मुखर्जी नगर देवास को नशा मुक्ति केंद्र भोपाल से गिरफ्तार कर लिया।
उन्हें कुटुंब न्यायालय जिला देवास के समक्ष प्रस्तुत किया गया। भरण-पोषण की राशि न पर भुगतान किया गया, जेल वारंट जारी किया गया, इसके बाद उसे जेल भेज दिया गया।



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