झूठ नहीं बोल रहा हूं, धोखा दे रही हूं डॉक्टर महिला डॉक्टर ने धोखा दे दिया है
सिम्स के गर्ल्स हास्टल में फांसी वाली दा भानुप्रिया सिंह ने 14 नवंबर को बिलासपुर ब्लास्टर था और सिम्स के गर्ल्स हास्टल में अपनी सहपाठी महिला दोस्तों के साथ रुकी। इससे पहले उन्होंने अपनी गिनती की जानकारी दी थी कि बिलासपुर में कमर दर्द का इलाज कराउंगी और सारंगढ़ में अपनी सहेली की शादी में शामिल होगी।
द्वारा योगेश्वर शर्मा
प्रकाशित तिथि: मंगल, 19 नवंबर 2024 01:25:24 पूर्वाह्न (IST)
अद्यतन दिनांक: मंगल, 19 नवंबर 2024 01:25:24 पूर्वाह्न (IST)

पर प्रकाश डाला गया
- पुलिस ब्यान में क्लासिक डॉक्टर के प्रेमी ने मुझे बताया था संदेश
- सिम्स की गर्ल्स हास्टल में अंबिकापुर की महिला डॉक्टर की फांसी का मामला
- संदेश के बाद उसने फ़ेंग्ल लगा ली
नईदुनिया न्यूज, बिलासपुर। सिम्स हास्टल में महिला डॉक्टर की फांसी के मामले की जांच शुरू हो गई है। पुलिस की जानकारी के मुताबिक डॉक्टर ने फांग बनाने से पहले अपने दोस्तों को संदेश दिया कि मैं सभी को धोखा दे रही हूं। साथ ही अपने बॉयफ्रेंड डॉक्टर को भी मैसेज किया कि मैं धोखा नहीं दे रही हूं, धोखा दे रही हूं। इस संदेश के बाद उसने फांसी लगा ली। पुलिस मामले की जांच कर रही है, आत्महत्या की असली वजह सामने आ गई है।
सिम्स के गर्ल्स हास्टल में फांसी वाली दा भानुप्रिया सिंह ने 14 नवंबर को बिलासपुर ब्लास्टर था और सिम्स के गर्ल्स हास्टल में अपनी सहपाठी महिला दोस्तों के साथ रुकी। इससे पहले उन्होंने अपनी गिनती की जानकारी दी थी कि बिलासपुर में कमर दर्द का इलाज कराउंगी और सारंगढ़ में अपनी सहेली की शादी में शामिल होगी। इसके बाद सिम्स के एम् ड्रॉप में कटकर आर्थोपेडिक डिपार्टमेंट और मनोरोग वार्ड में भी जांच की गई। यहां दो दिन रहने के बाद 17 नवंबर की दोपहर उसने गर्ल्स हास्टल में फांग लगा ली। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार फांसी लगाने से पहले भानुप्रिया ने अपने प्रेमी पेंड्रा निवासी डा. नीरज कंवर, जो वर्तमान में दिल्ली मेडिकल मेडिकल स्टोर्स में हैं, ने अपने मोबाइल पर संपर्क किया। इसमे लिखा है कि मैं प्यार नहीं कर रहा हूं, मैं तुम्हें धोखा दे रहा हूं। मुझे माफ़ करना। यह संदेश देखने के बाद दा निरज ने अचानक दा भानुप्रिया को फोन किया, लेकिन उसने फोन नहीं उठाया। इसके बाद दा अंकित को फोन आया कि भानुप्रिया ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। हालांकि ब्यान आदि के आधार पर पुलिस जांच चल रही है। शव को शव के शव के बाद स्वजन का राजतिलक दिया गया। इसके बाद स्वजन शव को अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया।
बार-बार माँ को बोलती थी कि मैं मर जाऊँगी
भानुप्रिया के पिता मैथ्यू सिंह ने बताया कि वह कमर दर्द से काफी दिनों से परेशान थीं। मेरी बातें ज्यादा नहीं करती थी उसकी माँ से ज्यादा बातें नहीं करती थी। कुछ दिन पहले उसने अपनी माँ से कहा था कि मैं मर जाउंगी, तो तुम क्या करोगी। मिथुन सिंह ने बताया कि उनके दो बेटे और एक बेटी है।
भाई ने बताया काम को लेकर
चॉकलेट के भाई एलागोनिथ सिंह ने बताया कि वह अंबिकापुर में कर्मचारी और काम लेकर भी चिंतित रहते थे। नया काम था इसलिए काम का दबाव था। इसी तरह वह कमर दर्द से भी परेशान चल रही थी, लेकिन उसकी बात से कभी यह पता नहीं चला कि वह आत्महत्या कर रही है।
बड़ी संख्या में मौजूद रहे सहपाठी डॉक्टर
जैसे ही भानुप्रिया के बैचमेट सहपाठी मित्रों को आत्महत्या की जानकारी लगी। वैसे ही वे सोमवार की दोपहर दो बजे सिम्स के शवगृह पहुंचे। यहां सहपाठियों ने बताया कि वह कैसी थी। इसके बाद उन्हें अंतिम विदाई दी गई। इस दौरान सिम्स के दीन डा. रमनेश मूर्ति, डा. लाखन सिंह, डा. भूपेन्द्र कश्यप के साथ अन्य वरिष्ठ चिकित्सक भी मौजूद रहे।

