मुंगेली पंजाब की कम्युनिस्ट पार्टी के संस्थापक ने ही धान कार्यशाला का आयोजन किया

सरकारी संस्था संरचना विभाग मुंगेली के सामने आई है। विभाग के पंजाबीयक के नाम पर एक आदेश जारी किया गया है जिसमें धान युवा उपकेन्द्र कोडवा महंत में एक ऐसे कर्मचारी की नियुक्ति की गई है जो धान अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया गया है न तो विभाग के पास रिकार्ड है

द्वारा योगेश्वर शर्मा

प्रकाशित तिथि: सोम, 18 नवंबर 2024 12:02:02 पूर्वाह्न (IST)

अद्यतन दिनांक: सोम, 18 नवंबर 2024 12:02:02 पूर्वाह्न (IST)

मुंगेली पंजाब की कम्युनिस्ट पार्टी के संस्थापक ने ही धान कार्यशाला का आयोजन किया

पर प्रकाश डाला गया

  1. दूसरी समिति में अल्पविराम कर्मचारी को असंबद्ध प्रभारी बनाया गया
  2. एक सप्ताह में तीसरा आदेश, जब किरख तब बदल रहे कर्मचारी
  3. किसानों ने बताया धान होगी प्रभावित

नईदुनिया न्यूज, लोरमी : सरकारी संस्था संरचना विभाग मुंगेली के सामने आई है। विभाग के पंजीयक के नाम पर एक आदेश जारी किया गया है जिसमें धान युवा उपकेन्द्र कोडवा महंत में एक ऐसे कर्मचारी की नियुक्ति की गई है, जो धान अध्यक्ष के पद पर नियुक्त किया गया है। में काम किया है. वहीं डोंगरिया में भी एक स्टाफ स्टाफ की रचना की गई है, न तो किसी का अनुभव है और न ही आज तक उन्होंने धान समधी का काम किया है। एक हप्ते में ही तीन ऑर्डर निकाले गए हैं, इसमें अलग-अलग कर्मचारियों की पेशकश की गई है। लगातार मिल रहे ऑर्डर से धान संबंधित प्रभावित होने की आशंका जतायी जा रही है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार आदिम जाति सेवा समिति डोंगरिया एवं उपकेंद्र कोडवा महंत में पंजीयक ने क्रांतिकारी ऑर्डर निकाला है अपने ही ऑर्डर को पलटते हुऐ क्रांतिकारी ऑर्डर निकाला है कोडवा मंहत में भानु प्रताप डडसेना जो कि आज तक रिकॉर्ड में कोई रिकॉर्ड नहीं है न तो फ़ेस्टिवल ऑर्डर है और कभी भी पंजीकृत कर्मचारी के रूप में काम नहीं किया गया है। उसे धान असेंबल असेंबलरी बनाया गया है। जबकि कुछ ही दिन पहले 108 कर्मचारियों के फेस्टिवल ऑर्डर को पूरे मुंगेली जिले के लिए रवाना किया गया था, जिसमें धान निवास उपकेन्द्र कोडवा महंत के रूप में बतौर अध्यक्ष बनाया गया था और दीपक डडसेना को कंप्यूटर ऑपरेटर के रूप में नियुक्त किया गया था। डोंगरिया में एक ऑर्डर में डोंगरिया के धान और छोटे स्टाफ के सदस्य को बारदाना प्रभारी बनाया गया था, लेकिन अब फिर से एक ऑर्डर में डोंगरिया के धान के हिस्से के रूप में जाना जाता है और उसे काम का अनुभव नहीं है। अभी तक मिक्स्ड कभी धान की वस्तु की है। दोनों जगह के ऑर्डर से सवाल पूछा गया कि आखिरकार तीन दिन में ऐसा क्या काम किया गया कि जल्दी ही दूसरे अस्पतालों की खानापूर्ति कर दी गई।

पूरे प्रदेश में ऐसा पहला मामला होने की बात : धान सत्य उपकेन्द्र कोडवा महंत में जिस धान संयोजक के प्रभारी की नियुक्ति की गई है उस कर्मचारी के द्वारा भानु प्रताप डडसेना के विभाग में कभी प्रस्ताव ही नहीं दिया गया फिर भी कैसे प्रभारी बनाया गया यह समझ से परे होने की बात कही जा रही है।

धान उत्पादन केंद्र के किसानों में चिंता : आदिम जाति सेवा सहयोगी समिति डोंगरिया में जिन कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है उन कर्मचारियों ने कभी धान गुणवत्ता सहायता कार्य नहीं किया है, एक कुशल कर्मचारी है तो दूसरे का कोई रिकार्ड ही नहीं है। अब ऐसे में 2200 किसानों की पंजीकृत डोंगरिया एवं कोडवा समिति कैसे धान की दुकान खरीदें। मुंगेली में मोबाइल के माध्यम से संपर्क करने के मामले में हितेश श्रीवास ने फोन पर संपर्क नहीं किया।