National Health Mission: मप्र में डायबिटीज के 10.67 लाख, हाइपरटेंशन के 18 लाख मरीज

Nationwide Well being Mission: मप्र में डायबिटीज के 10.67 लाख, हाइपरटेंशन के 18 लाख मरीज

सबसे ज्यादा रोगी व्यवसाय और प्रशासन पेशे में पाए गए। मधुमेह की बीमारी महिलाओं और पुरुषों में बराबरी से बढ़ रही है। मधुमेह की वजह से सिर से लेकर पैर तक असर होता है। महिलाओं में एस्ट्रोजन व अन्य हार्मोन के कारण यह अंतर आता है। महिलाओं में कम आयु में हार्ट अटैक आने के कम मामले आते हैं।

By Sandeep Chourey

Publish Date: Tue, 02 Jul 2024 09:46:44 PM (IST)

Up to date Date: Tue, 02 Jul 2024 09:46:44 PM (IST)

मधुमेह की बीमारी महिलाओं और पुरुषों में बराबरी से बढ़ रही है। – (सांकेतिक तस्वीर)

HighLights

  1. नेशनल हेल्थ मिशन की स्क्रीनिंग में हुआ खुलासा
  2. मधुमेह से पुरुषों में स्ट्रोक का जोखिम 44 प्रतिशत
  3. नौकरीपेशा 13 प्रतिशत आबादी मधुमेह से पीड़ित

नईदुनिया, भोपाल। मप्र में हाइपरटेंशन के करीब 18 लाख और डायबिटीज के 10.67 लाख मरीज मिले हैं। यह आंकड़ा नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) की स्क्रीनिंग में सामने आया है। जर्नल ऑफ एपिडेमियोलॉजी एंड कम्युनिटी हेल्थ के एक शोध के अनुसार, मधुमेह से पुरुषों में स्ट्रोक और हार्ट फेल्योर का जोखिम 44 प्रतिशत है, जबकि महिलाओं में यह 31 है।

वहीं, पंडित खुशीलाल आयुर्वेद कॉलेज के शोध के अनुसार, राजधानी में व्यवसाय और नौकरी करने वाली 13 प्रतिशत आबादी मधुमेह से पीड़ित है। स्वस्थ वृत्त विभाग की डॉ. सालेहा जैनब के शोध में 7 पेशों से जुड़े करीब 700 पेशेवरों की जीवनशैली और उनकी बीमारियों का 8 माह तक अध्ययन के बाद यह रिपोर्ट तैयार की गई है। इसमें सबसे ज्यादा रोगी व्यवसाय और प्रशासन पेशे में पाए गए। यही नहीं, इन कुल लोगों में से 52 प्रतिशत शारीरिक निष्क्रिय जीवन शैली जी रहे हैं।

महिला और पुरुष दोनों ही प्रभावित

एम्स भोपाल के कार्डियोथोरेसिक सर्जरी विभाग के अपर प्राध्यापक डॉ. योगेश निवारिया ने बताया कि मधुमेह की बीमारी महिलाओं और पुरुषों में बराबरी से बढ़ रही है। शुरुआती उम्र में महिलाओं में कम और पुरुषों में मधुमेह की समस्या ज्यादा होती है, लेकिन समय के हिसाब से दोनों में ही यह बीमारी बढ़ रही है। मधुमेह की वजह से सिर से लेकर पैर तक असर होता है।

किडनी व पैर से जुड़े रोग

दिमाग की नसों, किडनी और हार्ट पर इसका असर ज्यादा देखा जा रहा है। मधुमेह की वजह से किडनी और पैर से जुड़े रोग पुरुषों में 7 से 10 प्रतिशत अधिक हो रहे हैं।

महिलाओं में एस्ट्रोजन व अन्य हार्मोन के कारण यह अंतर आता है। महिलाओं में मेनोपॉज से पहले यानी लगभग 45 वर्ष के आस पास ही यह अंतर रहता है, इसलिए महिलाओं में कम आयु में हार्ट अटैक आने के कम मामले आते हैं।

मासिक धर्म हमेशा के लिए बंद हो जाने के बाद महिलाओं व पुरुषों, दोनों में यह खतरा सामान्य हो जाता है, इसलिए मधुमेह को कंट्रोल में रखना बेहद जरूरी है। यह बीमारी जेनेटिक भी होती है।