MP First Glass Bridge: पन्ना के बृहस्पति कुंड में बनेगा प्रदेश का पहला ग्लास ब्रिज, टूरिस्ट करीब से निहार सकेंगे जलप्रपात

MP First Glass Bridge: पन्ना के बृहस्पति कुंड में बनेगा प्रदेश का पहला ग्लास ब्रिज, टूरिस्ट करीब से निहार सकेंगे जलप्रपात

बृहस्पति कुण्ड जलप्रपात के आसपास फिलहाल कोई सुरक्षा व्यवस्था नहीं है,, जिससे दुर्घटनाओं होने की आशंका रहती है। यहां चारों तरफ सुरक्षा के लिए रेलिंग लगाई जाएगी। बृहस्पति कुण्ड के पास एक मजबूत ग्लास ब्रिज बनाया जाएगा, जिस पर चढ़कर पर्यटक जलप्रपात के ठीक सामने खड़े हो सकेंगे।

By Sandeep Chourey

Publish Date: Tue, 02 Jul 2024 05:18:38 PM (IST)

Up to date Date: Tue, 02 Jul 2024 05:18:38 PM (IST)

HighLights

  1. मप्र का अद्भुत पर्यटन स्थल है बृहस्पति कुण्ड।
  2. श्री राम वनपथ गमन मार्ग में पड़ता है ये स्थल।
  3. यहां हजारों साल पुराने आदिमानव के शैलचित्र हैं।

नईदुनिया प्रतिनिधि, पन्ना l जिले के बृजपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत स्थित बृहस्पति कुण्ड जलप्रपात की खूबसूरती निहारने के लिए ग्लास ब्रिज का निर्माण किया जाएगा। गौरतलब है कि पन्ना के पूर्व कलेक्टर संजय कुमार मिश्र ने अपने कार्यकाल में बृहस्पति कुण्ड जलप्रपात और आसपास के क्षेत्र को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने के उद्देश्य से प्रमुख सचिव पर्यटन एवं संस्कृति विभाग शिव शेखर शुक्ला को प्रस्ताव भेजा था।

उस प्रस्ताव के संबंध में लोकेशन का अध्ययन करने प्रमुख सचिव पर्यटन व संस्कृति विभाग शिव शेखर शुक्ला की ओर से मध्य प्रदेश पर्यटन विकास निगम के वास्तुविद सतीश कालान्तरे (जबलपुर), कार्यपालन यंत्री क चौरसिया (सागर) और विवेक चौबे, उपयंत्री (खजुराहो) की टीम को पन्ना भेजा।

पन्ना के सर्किट हाउस में पूर्व कलेक्टर संजय कुमार मिश्र द्वारा मध्य प्रदेश पर्यटन निगम की उक्त टीम के साथ बैठक लेकर बृहस्पति कुण्ड जलप्रपात और आसपास के क्षेत्र का पर्यटन बढ़ाने के उद्देश्य से बनाये प्रस्ताव पर विस्तार से चर्चा कर अपने सुझाव दिए गए।

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इस बैठक में आबकारी उपनिरीक्षक मुकेश पाण्डेय जिला पुरातत्व,पर्यटन और संस्कृति परिषद पन्ना के सदस्य के रूप में शामिल हुए। तकनीकी टीम द्वारा वास्तविक स्थिति और लोकेशन का अध्ययन और सर्वे किया

मध्य प्रदेश पर्यटन विकास निगम की तकनीकी टीम द्वारा बृहस्पति कुण्ड जलप्रपात पहुंच कर वास्तविक स्थिति और लोकेशन का अध्ययन और सर्वे किया गया।

फिलहाल कोई सुरक्षा व्यवस्था नहीं

वास्तुविद सतीश कालान्तरे ने बताया कि बृहस्पति कुण्ड जलप्रपात के आसपास फिलहाल सुरक्षा की कोई व्यवस्था नहीं है, जिससे दुर्घटनाओं की संभावना हमेशा बनी रहती है, इसलिए बृहस्पति कुण्ड जलप्रपात के चारों तरफ सुरक्षा हेतु रेलिंग लगाई जाएगी।

रेलिंग भी इस तरीके से लगाई जाएगी कि स्थान की खूबसूरती भी बनी रहे और सुरक्षा भी। बृहस्पति कुण्ड आश्रम की तरफ एक मजबूत ग्लास ब्रिज बनाया जाएगा, जिस पर चढ़कर पर्यटक जलप्रपात के ठीक सामने खड़े होकर जलप्रपात की खूबसूरती को निहार सकेंगे। यह देश का दूसरा और मध्यप्रदेश का पहला ग्लास ब्रिज होगा ।

पैगोडा डिजाइन के विश्राम स्थल बनेंगे

कार्यपालन यंत्री चौरासिया ने बताया कि जलप्रपात के आसपास लोगों को धूप-बारिश से बचने के लिए पैगोडा डिजाइन के विश्राम स्थल भी बनाए जाएंगे । दिनों-दिन पर्यटकों की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए समुचित संख्या में प्रसाधन गृह और एक बड़ी पार्किंग की भी व्यवस्था होगी।

जलप्रपात के पास खाली पड़े चट्टानी मैदान में खूबसूरत लैंडस्केप और उद्यान विकसित किया जाएगा। इस क्षेत्र के महत्व और जानकारी को दर्शाते हुए कई सूचना पट्ट लगाए जाएंगे। पहले चरण में जलप्रपात के चारों तरफ सुरक्षा रेलिंग, ग्लास ब्रिज, विश्राम स्थल, पार्किंग, प्रसाधन गृह, कैफेटेरिया आदि का निर्माण होगा। दूसरे चरण में जलप्रपात के नीचे की तरफ स्टॉप डैम बनाकर नौकायन और एडवेंचर गतिविधियों की व्यवस्था की जाएगी ।

बृहस्पति कुण्ड की खासियत

  • बृहस्पति कुण्ड अपने आप में एक अद्भुत स्थल है।
  • प्राकृतिक रूप से तो सुंदर होने के साथ श्री राम वनपथ गमन मार्ग का एक महत्वपूर्ण स्थल है।
  • बृहस्पति कुंड में चंदेलकालीन शिव मंदिर है।
  • हजारों साल पुराने आदिमानव के समय के अद्भुत शैलचित्र है।