New Legal Legal guidelines: अमित शाह ने गिनाए 3 नए क्रिमिनल लॉ के फायदे, बोले- 3 साल में हो जाएगा हर FIR का निपटान
रात 12 बजे से तीनों नए कानून पूरे देश में लागू हो गए। इनके तहत अलग-अलग शहरों में पहली एफआईआर भी दर्ज की गई। वहीं, विपक्ष विरोध कर रहा है। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने इसे ‘बुलडोजर न्याय’ करार दिया।
By Arvind Dubey
Publish Date: Mon, 01 Jul 2024 01:44:23 PM (IST)
Up to date Date: Mon, 01 Jul 2024 02:07:54 PM (IST)

एजेंसी, नई दिल्ली। 1 जुलाई 2024, सोमवार से देश में 3 नए क्रिमिनल लॉ लागू हो गए। इसके बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर नई व्यवस्था की खूबियां गिनाईं और विपक्ष के आरोपों का भी जवाब दिया। अमित शाह ने कहा कि बदलते समय की जरूरत को देखते हुए कानूनों में बदलाव किए हैं। अब न्याय जल्दी मिलेगा।
विपक्ष के आरोपों का जवाब
अमित शाह ने कहा कि नए कानूनों पर विपक्ष झूठ फैला रहा है। विपक्ष कह रहा है कि बिना चर्चा के कानूनों को पारित कर दिया गया, जबकि ऐसा नहीं है।
बकौल अमित शाह, 2020 में नए कानूनों पर सुझाव मंगाने के लिए मैंने सभी सांसद, मुख्यमंत्रियों और जजों को चिट्ठी लिखी थी। कानून लागू करने से पहले संसद में चर्चा हुई। लोकसभा में 34 सदस्यों और राज्यसभा में 40 सदस्यों ने चर्चा में हिस्सा लिया था।
अमित शाह ने देश को भरोसा दिलाया कि इस व्यवस्था के पूरी तरह लागू होने के बाद देश में किसी भी एफआईआर का निपटान 3 साल के अंदर हो जाएगा।
अमित शाह ने बताया – नए कानूनों में क्या खास
- नाबालिग से रेप के दोषी को फांसी का प्रावधान किया गया है।
- पहली बार मॉब लिंचिंग को परिभाषित किया है और दोषी को उम्र कैद से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा का प्रावधान किया गया है।
- राजद्रोह कानून को पूरी तरह खत्म कर दिया गया है।
- पुरानी धाराओं को हटाकर अनुकूल धाराएं शामिल की गई हैं।
- अब तकनीक की मदद से केस जल्द सुलझाए जाएंगे।
- थानों का कम्प्यूटराइजेशन किया जा रहा है। दस्तावेजों के बंडल नहीं होंगे। एक लाख पेज की चार्जशीट होगी, तो भी डिजिटल दस्तावेज के रूप में दर्ज की जा सकेगी।
- 90 दिन के अंदर पीड़ित पक्ष को केस की प्रोग्रेस के बारे में ऑनलाइन जानकारी दी जाएगी।

