Gwalior Information: करोड़ों की जमीन से कब्जा हटवाने छह साल से जेयू लगा रहा गुहार

बीते छह साल में प्रशासन को 30 से ज्यादा पत्र भेजने के बाद भी अब तक जीवाजी विश्वविद्यालय की 100 करोड़ की भूमि से कब्जा नहीं हटा है। महलगांव के सर्वे नंबर 869, 871, 872 में जीवाजी विश्वविद्यालय की जमीन है। बीते कई वर्षों से भू माफिया ने जीवाजी विश्वविद्यालय की इस जमीन पर अवैध तरीके से कब्जा 33 भूखंड बेच दिए थे।

By Vikram Singh Tomar

Publish Date: Solar, 30 Jun 2024 08:39:54 AM (IST)

Up to date Date: Solar, 30 Jun 2024 08:39:54 AM (IST)

HighLights

  1. प्रशासन के अफसरों को 30 से अधिक पत्र भेजे
  2. 100 करोड़ की जमीन पर कब्जा करें बैठे हैं दबंग
  3. शेष भूमि पर अब फेंसिंग करेगा जेयू

नईदुनिया प्रतिनिधि,ग्वालियर। बीते छह साल में प्रशासन को 30 से ज्यादा पत्र भेजने के बाद भी अब तक जीवाजी विश्वविद्यालय की 100 करोड़ की भूमि से कब्जा नहीं हटा है। महलगांव के सर्वे नंबर 869, 871, 872 में जीवाजी विश्वविद्यालय की जमीन है। बीते कई वर्षों से भू माफिया ने जीवाजी विश्वविद्यालय की इस जमीन पर अवैध तरीके से कब्जा 33 भूखंड बेच दिए थे। इस मामले की वर्ष 2016 में जांच हुई तो जमीन विश्वविद्यालय की साबित हो गई। वर्ष 2018 में कब्जा वापस दिलाने के लिए समिति भी बना दी गई, लेकिन तब से लेकर आज तक प्रशासन उस जमीन का कब्जा वापस नहीं दिला सका है।

100 करोड़ रुपये की इस जमीन से कब्जा हटवाने के लिए पहले जेयू के कुलसचिव अरुण चौहान लगातार कभी कलेक्टर कभी एसडीएम तो कभी संभाग आयुक्त को पत्र लिखते आ रहे हैं लेकिन इसके बावजूद अब तक जमीन पर दबंगो का ही कब्जा है। इतना ही नहीं बीते दिनों तो एक व्यक्ति ने जेयू के एक प्लाट को कब्जाने का प्रयास किया था लेकिन जेयू के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर उसे ऐसा करने से रोक लिया। हालांकि अब जितनी जमीन खाली है और जेयू के हिस्से में है उसके लिए फेंसिंग करवाने की प्रक्रिया अपनाई जा रही है।

32 प्लाट जिनकी कीमत लगभग 100 करोड़ रुपये है उसके अलावा बाकी के 33 प्लाटों को सुरक्षित करने के लिए जेयू अब उन सभी 32 प्लाटों पर तार फेंसिंग करवा रहा है। उसके बाद कुलगुरु की मौजूदगी में विचार विमर्श करने के बाद उक्त भूमि पर निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। वहीं जीवाजी विश्वविद्यालय की अल्कापुरी चौराहे से पास कैलाश नगर स्थित एक जमीन पर बीते दिनों एक अन्य व्यक्ति अपने मालिकाना हक का दावा करके निर्माण कार्य करना चाहता था। उ

सने वहां मौजूद बाउंड्री भी तोड़ दी थी। जैसे ही जेयू के अधिकारियों को इस बात का पता चला उन्होंने मौके पर पहुंचकर उस निर्माण कार्य को रुकवाया और प्लाट की बाउंड्री करवाकर वहां जेयू के अधिपत्य का बोर्ड लगा दिया है।

2016 में हुआ सीमांकन का काम पूरा

12 अप्रेल 2016 को तत्कालीन अधीक्षक भू अभिलेख ने सीमांकन दल का गठन करके 26 से 30 अप्रैल 2016 तक टोटल स्टेशन मशीन से सीमांकन किया। तत्कालीन तहसीलदार ने विश्वविद्यालय को बताया कि 65 प्लाट पर कब्जा है, इनमें से 33 खाली हैं और 32 पर मकान बन चुके हैं, इसके बाद मामला ठंडे बस्ते में चला गया। पत्राचार हुआ तो नौ अप्रेल 2018 को 33 खाली प्लाट पर जेयू को कब्जा दिलाने के लिए समिति का गठन किया गया था। इसमें अभी निर्माण हो चुके प्लाटों से कब्जा नहीं हटाया गया है। वहीं खाली प्लाटों पर जेयू ने अपना अधिपत्य घोषित कर दिया है।

जो प्लाट खाली हैं उन पर फेंसिंग करवा कर कब्जा लिया जा रहा है। वहीं जिन पर निर्माण कार्य हो चुका है उन्हें खाली करवाने के लिए लगातार प्रशासन को पत्र लिखा जा रहा है।

-अरुण चौहान, कुलसचिव जेयू।