झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन रांची जेल से रिहा, जमीन घोटाले में हाईकोर्ट से मिली थी जमानत, वीडियो
Hemant Soren: झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और जेएमएम नेता हेमंत सोरेन को रांची के बिरसा मुंडा जेल से जमानत पर रिहा कर दिया गया। उन्हें जमीन घोटाला मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने जमानत दे दी।
By Kushagra Valuskar
Publish Date: Fri, 28 Jun 2024 04:30:48 PM (IST)
Up to date Date: Fri, 28 Jun 2024 05:01:22 PM (IST)

HighLights
- जेल से बाहर आने बाद हेमंत पिता से मिलने पहुंचे।
- पत्नी कल्पना सोरेन के आंखों में छलके खुशी के आंसू।
- पूर्व सीएम ने हाथ हिलाकर किया कार्यकर्ताओं का अभिभावदन।
एएनआई, नई दिल्ली। झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को जमीन घोटाले से जुड़े मामले में राहत मिली है। हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद आज (शुक्रवार) उनकी रिहाई हो गई। पूर्व सीएम सोरेन पांच महीने बाद जेल से रिहा हुए हैं।
हेमंत सोरेन को हाईकोर्ट से मिली जमानत
झारखंड हाईकोर्ट ने हेमंत सोरेन की जमानत याचिका पर फैसला सुनाया था। जस्टिस रंगन मुखोपाध्याय की अदालत में तीन दिनों तक सुनवाई हुई। कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था। HC ने कहा कि मनी लॉन्ड्रिंग मामले में हेमंत सोरेन के शामिल होने के सबूत नहीं मिले हैं।
जेल से हेमंत जब बाहर निकले तो बड़ी दाढ़ी और आत्मविश्वास के साथ नजर आए। इस दौरान उनके समर्थक भी पहुंचे थे। जेल से बाहर आकर पूर्व सीएम ने कार्यकर्ताओं का अभिवादन स्वीकार किया।
मनी लॉन्ड्रिंग मामले में हुई थी सजा
झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर 31 करोड़ रुपये से अधिक की जमीन अवैध रूप से हथियाने का आरोप है। सोरेन को सीएम पद से इस्तीफा देने के बाद 31 जनवरी 2024 को कथिम जमीन घोटाले से संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने अरेस्ट किया था। इसके बाद से वह रांची के बिरसा मुंडा जेल में थे।
#WATCH | Former Jharkhand CM & JMM chief Hemant Soren launched on bail from Birsa Munda jail in Ranchi
He was granted bail by Jharkhand HC in a land rip-off case. pic.twitter.com/uyuCsSP7NT
— ANI (@ANI) June 28, 2024
ईडी ने इन्हें बनाया आरोपी
इस केस में ईडी ने चार्जशीट में हेमंत सोरेन, राजकुमार पाहन, हिलारियास कच्छप, भानु प्रताप प्रसाद और बिनोद सिंह को आरोपी बनाया है। जमीन को भी ईडी ने कुर्क कर लिया है, जिसकी कीमत 30 करोड़ से अधिक है।
जांच एजेंसी के अनुसार, पूर्व डीसी रांची छवि रंजन और भानु प्रताप (राजस्व विभाग के उप-निरीक्षक) सहित सरकारी अधिकारियों की सांठगांठ से डॉक्टूमेंट्स में छेड़छाड़ करके कुछ लोगों से 8.86 एकड़ जमीन पर कब्जा कर लिया था।

