Bhopal: निजी स्कूलों ने 10 फीसद से अधिक बढ़ाई फीस, अब दो-दो लाख रुपये लगेगा जुर्माना
Bhopal: फीस अधिनियम 2017 का पालन नहीं करने के चलते जबलपुर कलेक्टर दीपक सक्सेना ने निजी स्कूलों पर प्रभावी कार्रवाई की थी। इसके बाद पूरे प्रदेश में निजी स्कूलों पर कार्रवाई के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इसी सिलसिले में अब भोपाल जिले के स्कूलों पर कार्रवाई शुरू की गई है।
By Navodit Saktawat
Publish Date: Thu, 27 Jun 2024 10:00:43 PM (IST)
Up to date Date: Fri, 28 Jun 2024 01:28:49 PM (IST)

HighLights
- भोपाल जिला प्रशासन ने राजधानी के कोलार क्षेत्र के चार निजी स्कूलों के विरुद्ध कार्रवाई की।
- स्कूलों को सात दिन में जिन विद्यार्थियों से ज्यादा फीस ली गई है, उसका डाटा भी देना होगा।
- स्कूल शिक्षा विभाग ने निजी स्कूलों से आय-व्यय व अन्य जानकारी मांगी थी।
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। राजधानी भोपाल के कोलार क्षेत्र के चार निजी स्कूलों पर फीस अधिनियम के तहत कार्रवाई हुई है। जिला प्रशासन ने इन स्कूलों के विरुद्ध 10 फीसद से अधिक फीस वृद्धि को लेकर कार्रवाई की है। अब इन स्कूलों को अभिभावकों से वसूली गई फीस वापस लौटानी होगी। इनमें दिल्ली पब्लिक स्कूल (डीपीएस), श्रीचैतन्य टेक्नो स्कूल, कैंपियन स्कूल भौंरी समेत एक अन्य निजी स्कूल शामिल है।
इन्हें 30 दिन में बढ़ाई गई फीस विद्यार्थी या अभिभावकों के खाते में ऑनलाइन लौटानी होगी। जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) अंजनी कुमार त्रिपाठी ने गुरुवार को इन निजी स्कूलों को फीस लौटाने के लिए नोटिस जारी किए हैं।
जिले में जिन स्कूलों ने हर वर्ष 10 प्रतिशत से ज्यादा फीस बढ़ाई है, उन्हें फीस लौटाने के आदेश जारी किए गए हैं। जारी आदेश में स्कूल संचालकों को चेतावनी दी गई है कि फीस अधिनियम का पालन किए बिना ली गई फीस वापस नहीं करने पर अधिनियम की धारा 9 (9) के तहत जुर्माने की कार्रवाई की जाएगी।
डीईओ ने भोपाल के चैतन्य टेक्नो स्कूल कोलार रोड, कैंपियन स्कूल भौंरी, डीपीएस कोलार को अधिनियम का पालन नहीं करने के लिए दोषी माना है।
राजधानी में 150 सीबीएसई स्कूलों में 93 ने दी फीस संबंधित जानकारी
भोपाल के 150 सीबीएसई स्कूलों में 93 ने फीस सहित अन्य आय-व्यय का ब्यौरा दिया है। जानकारी नहीं देने वाले स्कूलों की जांच के लिए जिला शिक्षा विभाग ने समिति तैयार की है। स्कूल शिक्षा विभाग ने निजी स्कूलों से आय-व्यय व अन्य जानकारी मांगी थी।
24 जून अंतिम तिथि तक भोपाल में 93 सीबीएसई स्कूलों ने ही पोर्टल पर जानकारी अपलोड की। वहीं, स्कूल शिक्षा विभाग से संबद्ध 877 निजी स्कूलों ने पोर्टल पर फीस की जानकारी अपलोड कर दी है। अब फीस अधिनियम 2017 और 2020 के तहत जिला शिक्षा विभाग कार्रवाई कर रहा है।
एसडीएम व तहसीलदारों ने अपने-अपने क्षेत्रों के 10 से 12 स्कूलों के खिलाफ प्रतिवेदन कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह को कार्रवाई के लिए भेजे हैं। इन स्कूलों की संख्या एक-दो दिन में और बढ़ेगी।
जिन स्कूलों पर कार्रवाई की गई है, उन्होंने बीते पांच वर्ष में (कोरोना काल छोड़कर) दस फीसद से अधिक फीस बढ़ाई है। फीस बढ़ोत्तरी की राशि 10.5 से 15 प्रतिशत तक है। इन स्कूलों को सात दिन में विद्यार्थियों का डाटा देने के लिए नोटिस दिया गया है। साथ ही 30 दिन में इन चार स्कूलों को विद्यार्थियों या अभिभावकों के खाते में बढ़ाई गई फीस लौटाना होगी।
– अंजनी कुमार त्रिपाठी, डीईओ, भोपाल
चार निजी स्कूलों के जांच प्रतिवेदन मिलने के बाद उनके खिलाफ फीस अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है। आगे भी निजी स्कूलों की मनमानी पर निरंतर कार्रवाई जारी रहेगी।
– कौशलेंद्र विक्रम सिंह, कलेक्टर, भोपाल

