CM मोहन यादव ने किया एलान, कहा- मप्र में होगी जल पुलिस की व्यवस्था, वाटर एंबुलेंस का होगा संचालन

मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने नर्मदा नियंत्रण मंडल की गतिविधियों की बैठक में अहम निर्णय लिए। उन्होंने केन-बेतवा परियोजना के जल्द भूमिपूजन की तैयारी करने के निर्देश दिए, जिससे किसानों के लिए सस्ते दामों में बिजली उपलब्ध हो सके। नर्मदा नदी के घाटों को सुंदर व स्वच्छ बनाने के दिए निर्देश।

By Anurag Mishra

Publish Date: Fri, 28 Jun 2024 05:30:10 AM (IST)

Up to date Date: Fri, 28 Jun 2024 05:30:10 AM (IST)

CM मोहन यादव ने किया एलान, कहा- मप्र में होगी जल पुलिस की व्यवस्था, वाटर एंबुलेंस का होगा संचालन
सीएम मोहन यादव की बैठक के दौरान की फाइल फोटो।

HighLights

  1. केंद्र सरकार से मप्र को जल संरक्षण व सिंचाई योजनाओं के लिए मिलेगा सहयोग- सीएम
  2. मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने नर्मदा नियंत्रण मंडल की गतिविधियों की समीक्षा।
  3. केन-बेतवा लिंक परियोजना और पार्वती काली सिंध परियोजना के क्रियान्वयन पर भी हुई बातचीत।

राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। नर्मदा नदी के प्रमुख घाटों पर जल प्रवाह सुनिश्चित किया जाए। प्रदेश में सिंचाई के साधनों के विस्तार का कार्य निरंतर हो। केंद्र सरकार से ऐसे कार्यों के लिए पर्याप्त धन राशि भी प्राप्त होगी। यह बात गुरुवार को मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने मंत्रालय में नर्मदा घाटी विकास विभाग के अंतर्गत नर्मदा नियंत्रण मंडल की गतिविधियों की समीक्षा बैठक में कही।

मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल, राज्यमंत्रीद्वय वी. सोमन्ना और राजभूषण चौधरी से जल संरक्षण कार्यों के संबंध में विस्तारपूर्वक चर्चा हुई है। मध्य प्रदेश के हितों के लिए केंद्र सरकार से विशेष सहयोग प्राप्त होगा। प्रदेश के दो बड़े नदी जोड़ो अभियान केन-बेतवा लिंक परियोजना और पार्वती-कालीसिंध परियोजना के क्रियान्वयन के विषयों पर भी निर्णायक बातचीत हुई है।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जल्द ही केन-बेतवा परियोजना की एजेंसी तय करें, जिससे उसके भूमिपूजन की तैयारी की जाए। किसानों को सस्ते दाम पर बिजली उपलब्ध कराने के लिए जल विद्युत के नए स्रोत विकसित किए जाएं। वैकल्पिक ऊर्जा के स्रोतों का उपयोग भी किया जाए। बैठक में स्वीकृत परियोजनाओं के निकट भविष्य में लोकार्पण पर भी चर्चा हुई।

नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण द्वारा प्रेजेंटेशन के माध्यम से क्रियान्वित योजनाओं की प्रगति की जानकारी दी गई। बैठक में बड़ादेव संयुक्त माइक्रो सिंचाई परियोजना, मां रेवा उद्वहन सिंचाई परियोजना, सोंडवा उद्वहन माइक्रो सिंचाई परियोजना, निवाली उद्वहन माइक्रो सिंचाई परियोजना, महेश्वर जानापाव उद्वहन माइक्रो सिंचाई परियोजना, सेंधवा उद्वहन माइक्रो सिंचाई परियोजना, धार उद्वहन माइक्रो सिंचाई परियोजना सहित अन्य परियोजनाओं के संबंध में चर्चा हुई।

नर्मदा किनारे बसे ग्रामीणों को मिले परिवहन सुविधा

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि हमने नर्मदा से काफी कुछ लिया है। हम नर्मदा को कुछ देने का भी सोचें। सभी सार्वजनिक घाट स्वच्छ और सुंदर हों, इसके लिए प्रशासनिक अमले और आमजन को सजग रहना है। जन श्रद्धा के विभिन्न स्थानों को विकसित किया जाए। आमजन की उपयोगिता के अनुरूप घाटों के अलावा नदी के पास स्थित विभिन्न सार्वजनिक स्थानों को भी सुविधायुक्त बनाया जाए।

नर्मदा परिक्रमा करने वाले यात्रियों के लिए शेड आदि बनाए जाएं। जन अभियान परिषद और अन्य स्वैच्छिक संगठन परिक्रमा करने वालों के लिए अन्य सुविधाओं के विकास के लिए प्रयास करें। वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियों पर भी ध्यान दिया जाए। पर्यटन विकास की दृष्टि से योजनाएं लागू करने को भी प्राथमिकता दें। इसी तरह ग्रामवासियों की सहूलियत को देखते हुए नर्मदा में छोटे मालवाहक जहाज के संचालन और मत्स्य पालन की संभावना पर भी कार्य किया जाए। नर्मदा घाटी से संबंधित जैव विविधता का शोध भी किया जाए। मोती की खेती के लिए किसानों को प्रोत्साहित किया जा सकता है। इन सभी कार्यों की नियमित मानिटरिंग हो।

मप्र में होगी जल पुलिस और वाटर एंबुलेंस व्यवस्था

मुख्यमंत्री ने कहा कि आवश्यकता अनुसार जल पुलिस की व्यवस्था भी होना चाहिए, जो प्रमुख घाटों और नदी के किनारे स्थित स्थानीय निवासियों के हित में कार्य करें। ओंकारेश्वर की तरह अन्य स्थानों पर भी नवकरणीय ऊर्जा का उपयोग किया जा सकता है। सोलर फ्लोटिंग प्लांट लगाने के स्थान चिह्नित करने की कार्रवाई करें। इस संबंध में आगामी ग्लोबल समिट में इस क्षेत्र में इच्छुक निवेशकों को आमंत्रित किया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने गांव के लोगों के लिए बेहतर कनेक्टिविटी के उद्देश्य से वाटर एंबुलेंस संचालन के लिए स्थान चिह्नित करने के निर्देश दिए। यशवंत सागर सहित अन्य जलाशयों में जल उपलब्धता को सुनिश्चित किया जाए, जिससे ग्रीष्मकाल में जल राशि के माध्यम से संकट की स्थिति को टालने में मदद मिलेगी।