Ambikapur Information : व्यवसायी भाइयों की हत्या : दो को आजीवन कारावास

Ambikapur Information : लगभग चार वर्ष पूर्व अंबिकापुर के ब्रम्ह रोड निवासी दो व्यवसायियों की गोली मार हत्या करने पश्चात शव को दफनाने वाले दो आरोपितों आकाश गुप्ता व उसके सहयोगी सिद्धार्थ यादव को अंबिकापुर के न्यायालय ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।

By Asim Sen Gupta

Publish Date: Thu, 27 Jun 2024 09:51:35 PM (IST)

Up to date Date: Thu, 27 Jun 2024 09:51:35 PM (IST)

Ambikapur News : व्यवसायी भाइयों की हत्या : दो को आजीवन कारावास

नईदुनिया प्रतिनिधि, अंबिकापुर : लगभग चार वर्ष पूर्व अंबिकापुर के ब्रम्ह रोड निवासी दो व्यवसायियों की गोली मार हत्या करने पश्चात शव को दफनाने वाले दो आरोपितों आकाश गुप्ता व उसके सहयोगी सिद्धार्थ यादव को अंबिकापुर के न्यायालय ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इस मामले में दो अन्य को भी नामजद किया गया था लेकिन साक्ष्य के अभाव में वे दोषमुक्त करार दिए गए हैं।

अतिरिक्त लोक अभियोजक राकेश सिन्हा ने बताया कि प्रकरण की सुनवाई अंबिकापुर के द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश मोनिका जायसवाल के न्यायालय में हुई। गुरुवार को प्रकरण में फैसला आया। बताते चलें कि अंबिकापुर के ब्रम्हरोड निवासी व्यवसायी सौरभ अग्रवाल (27) वर्ष व सुनील अग्रवाल 40 वर्ष चचेरे भाई थे। दोनों 10 अप्रैल 2020 की रात घर से अचानक गायब हो गए थे। उनका मोबाइल स्वीच ऑफ आने लगा था। दूसरे दिन 11 अप्रैल को स्वजन की सूचना पर पुलिस उनकी खोजबीन में लगी थी।इसी बीच देर शाम दोनों की कार शहर के आकाशवाणी चौक के पास लावारिस हालत में मिली थी।

फिर पुलिस ने उस क्षेत्र के सीसी फुटेज को चेक किया तो एक कार से निकले युवक की पहचान सिद्धार्थ यादव के रूप में हुई। पुलिस ने जब उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने ब्रम्हरोड निवासी दोनों व्यवसायी के पड़ोसी आकाश गुप्ता का नाम बताया था। जब पुलिस ने आकाश गुप्ता को भी हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की तो उसने 10 अप्रैल की रात ही दोनों की हत्या करने की बात स्वीकार कर ली थी। हत्या करने के बाद दोनों की लाश आकाश के घर के पीछे योजना के तहत खोदे गए गड्ढे में दबा दिया था।

अतिरिक्त लोक अभियोजक राकेश सिन्हा के अनुसार हत्या सुनियोजित तरीके से की गई थी। मृतक सौरभ व उसके चचेरे भाई सुनील अग्रवाल का आकाश के घर आना-जाना था। वे साथ में बैठकर कैरम भी खेलते थे। आकाश ने उनकी हत्या की योजना बनाई थी। हत्या के बाद शव को ठिकाने लगाने घटना के पहले से ही अपने घर के पीछे की परछी में गड्ढा खोदना शुरु कर दिया था। इस काम में उसके कथित ड्राइवर सिद्धार्थ यादव ने सहयोग किया था।