Ayushmann’s spouse Tahira used to do theatre as soon as | कभी थिएटर करती थीं ताहिरा कश्यप: बोलीं- 10 रुपए का टिकट था, फिर भी नहीं देखते थे लोग; अब कर रहीं डायरेक्टोरियल डेब्यू

18 घंटे पहलेलेखक: तस्वीर तिवारी

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आयुष्मान खुराना की पत्नी ताहिरा कश्यप फिल्म ‘शर्मा जी की बेटी’ से डायरेक्टोरियल डेब्यू कर रही हैं। इस फिल्म की कहानी भी उन्होंने ही लिखी है। ताहिरा बताती हैं कि डायरेक्टर बनने की चाहत पहले से थी। लेकिन इसे पूरा कैसे करना है ये पता नहीं था। ये जर्नी मेरे लिए आसान नहीं रही है। इंडस्ट्री से जुड़ने के लिए मैं थिएटर से जुड़ गई। क्योंकि मैं एक छोटे शहर से आती हूं। मेरे पिता जर्नलिस्ट और मां एजुकेशन फील्ड से हैं। इस वजह से मेरी फैमिली का दूर-दूर तक इंडस्ट्री से कुछ लेना देना नहीं था।

12 साल रिलेशन में रहने के बाद आयुष्मान और ताहिरा ने 2011 में शादी की।

12 साल रिलेशन में रहने के बाद आयुष्मान और ताहिरा ने 2011 में शादी की।

10 साल थिएटर से जुड़ी रहीं ताहिरा

ताहिरा ने कहा- इंडस्ट्री से जुड़ने का कोई रास्ता समझ नहीं आ रहा था, इसलिए मैं थिएटर से जुड़ गईं। मैंने चंडीगढ़ में 10 साल तक थिएटर किया। जब थिएटर को प्रोफेशन बनाने के बारे में सोचा तो कोई 10 रुपए की टिकट भी नहीं खरीदता था। मैं समझ चुकी थी कि इससे दाल-रोटी नहीं गलेगी।

कपल के दो बच्चे, एक बेटा और एक बेटी हैं।

कपल के दो बच्चे, एक बेटा और एक बेटी हैं।

मैंने डिसाइड किया कि मैं जर्नलिज्म से पोस्ट ग्रेजुएशन करुंगी। मैंने पहले ही बायोटेक से ग्रेजुएशन कर लिया था। मैंने अपने लिए कई बैकअप प्लान बनाकर रखे थे। मुंबई आने के बाद मैंने पहले प्रोफेसर की नौकरी की। इसके बाद एक एफएम में बतौर प्रोग्रामिंग हेड जॉब की थी।

आयुष्मान की फिल्मों में पसंदीदा फिल्म

ताहिरा कश्यप कहती हैं कि आयुष्मान ने अपनी सभी फिल्मों में बहुत अच्छा काम किया है। लेकिन उनकी सभी फिल्मों में मेरी पसंदीदा फिल्म ‘बाला’ है।

जब लोगों ने शॉर्ट फिल्म्स को पसंद किया तब हिम्मत बढ़ी

इतना सब कुछ करने के बाद भी मुझे कुछ अधूरा लगता था। क्योंकि मुझे डायरेक्शन में इंटरेस्ट था। मैंने शॉर्ट फिल्म्स बनाना शुरू कर दिया। मेरी शॉर्ट फिल्म्स को देश विदेश में बहुत प्यार मिला। मेरी शॉर्ट फिल्म को मियामी फिल्म फेस्टिवल और शिकागो फिल्म फेस्टिवल समेत कई जगहों पर दिखाया जा चुका है।

आयुष्मान के मुताबिक ताहिरा उनकी लाइफ की पहली और आखिरी लड़की हैं।

आयुष्मान के मुताबिक ताहिरा उनकी लाइफ की पहली और आखिरी लड़की हैं।

मेरी बनाई फिल्मों को लोगों ने पसंद करना शुरू किया। ये देखकर मेरी हिम्मत बढ़ी और मैंने फिल्म मेकिंग में और आगे बढ़ने का फैसला किया। मैं यूनिवर्स की शक्तियों में बहुत यकीन रखती हूं। मैं फिल्मों के माध्यम से अपना विजन दुनिया के सामने रखना चाहती हूं।

आपने फिल्म में किसी बड़े मेल एक्टर को क्यों नहीं लिया?

इस पर ताहिरा का कहना है कि कई लोगों ने मुझसे ये बात कही। लोग मुझे समझाते थे कि मुझे फिल्म में किसी हीरो को लेना चाहिए वर्ना फिल्में चलती नहीं हैं। लेकिन मुझे लगता है कि ये आपकी चॉइस के ऊपर डिपेंड करता है कि आप अपनी कहानी को किस तरह से दिखाना चाहते हैं। कई पुरुषों ने मेरी कहानी सुनी और उन्हें पसंद आई। इस फिल्म को कई मेल एक्टर्स और मेकर्स का सपोर्ट मिला। लोग आपको कई तरह की एडवाइस देते हैं, लेकिन आपको वही करना चाहिए जो आपके काम के लिए सही हो।

फिल्म की कहानी का आइडिया कैसे मिला

ताहिरा बताती हैं ये फिल्म मेरे दिल के बहुत करीब है। क्योंकि मैं कई सालों से इस पर काम कर रही थी। मुझे इस कहानी की प्रेरणा खुद से और अपने आस-पास की महिलाओं से मिली है। मैं किसी भी महिला से मिलती हूं, तो उनकी बातें बहुत ध्यान से सुनती और समझती हूं। लोगों को ऑब्जर्व करना मुझे बहुत पसंद है। मैं अपने जीवन में महिलाओं से खासतौर पर इंस्पायर होती रही हूं।

कपल की शादी के वक्त आयुष्मान आर्थिक तंगी से गुजर रहे थे।

कपल की शादी के वक्त आयुष्मान आर्थिक तंगी से गुजर रहे थे।

ये जर्नी मेरे लिए आसान नहीं रही है। मैंने ‘शर्माजी की बेटी’ को बनाने में 7 साल का समय दिया है। मैं असल जिंदगी में महिलाओं से बहुत इंस्पायर होती हूं। ये फिल्म मेरे लिए बहुत खास है।

ताहिरा ने कहा- महिलाओं की जिंदगी आसानी नहीं होती है। हम बहुत कुछ छोड़कर घर से दूर आकर चेहरे पर एक स्माइल रखकर आगे बढ़ते रहते हैं। लेकिन अंदर ही अंदर कई लड़ाईयां लड़ रहे होते हैं।

‘शर्मा जी की बेटी’ अमेजन प्राइम वीडियो पर 28 जून को स्ट्रीम होगी। इस फिल्म में साक्षी तंवर, दिव्या दत्ता और सैयामी खेर मुख्य भूमिका निभा रही हैं।

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