Lok Sabha Speaker Election: ओम बिरला का लगातार दूसरी बार स्पीकर बनना तय, देखिए लोकसभा का गणित, TMC ने नहीं खोले पत्ते
18वीं लोकसभा की शुरुआत से ही सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तनातनी देखने को मिल रही है। अभी सबसे बड़ा मुद्दा लोकसभा स्पीकर का है। आमतौर पर दोनों पक्ष सर्वसम्मति से फैसला कर लेते हैं, लेकिन इस बार सहमति नहीं बनी। अब सुबह 11 बजे मतदान होगा। संख्या बल देखते हुए ओम बिरला की जीत तय मानी जा रही है।
By Arvind Dubey
Publish Date: Wed, 26 Jun 2024 07:50:29 AM (IST)
Up to date Date: Wed, 26 Jun 2024 07:57:18 AM (IST)

HighLights
- सहमति नहीं बनी, NDA ने ओम बिरला को बनाया है प्रत्याशी
- कांग्रेस ने भी विपक्ष की ओर से वरिष्ठ नेता के. सुरेश को उतारा
- 5 दशक में पहली बार लोकसभा अध्यक्ष के लिए होगा मतदान
एजेंसी, नई दिल्ली। 18वीं लोकसभा के स्पीकर का चुनाव बुधवार को होना है। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आम सहमति नहीं बनने के बाद वोटिंग की नौबत आई है। लोकसभा में सुबह 11 बजे मतदान होगा। इस तरह पांच दशक बाद वोटिंग से स्पीकर का चुनाव होने जा रहा है। इससे पहले 1952 और 1976 में लोकसभा अध्यक्ष के लिए मतदान हुआ था।
क्या कहता है लोकसभा का गणित
लोकसभा में एनडीए के पास पर्याप्त संख्या बल है। इस तरह एनडीए प्रत्याशी ओम बिरला का रिकॉर्ड दूसरी बार स्पीकर चुना जाना लगभग तय है। विपक्ष ने उनके सामने के. सुरेश को उतारा है।
- 543 सीटों पर हुआ था लोकसभा चुनाव
- 293 सांसद हैं अभी NDA के पास
- 233 सांसद हैं INDI गठबंधन में
- 16 सांसद अन्य दलों के पास हैं
इसलिए नहीं बनी सहमति
लोकसभा स्पीकर और डिप्टी स्पीकर को लेकर मंगलवार दिनभर बयानबाजी होती रही। पहले कांग्रेस सांसद राहुल गांधी सामने आए और कहा कि विपक्ष स्पीकर के लिए सरकार का समर्थन करने को तैयार है, लेकिन इसके बदले में डिप्टी स्पीकर पद दिया जाना चाहिए, जैसा कि परंपरा रही है।
आरोप लगाया गया कि स्पीकर के लिए सरकार ने विपक्ष का समर्थन तो मांगा, लेकिन डिप्टी स्पीकर पर कोई वादा नहीं किया। एक तरह से सरकार स्पीकर और डिप्टी स्पीकर, दोनों ही पद अपने साथ रखना चाहती है। इसी कारण विपक्ष ने स्पीकर के लिए भी अपना उम्मीदवार उतारा।
कांग्रेस के रुख से खुश नहीं टीएमसी
इस बीच, खबर है कि के. सुरेश को INDI गठबंधन की ओर से लोकसभा अध्यक्ष प्रत्याशी बनाए जाने को लेकर टीएमसी खुश नहीं है। ममता बनर्जी की पार्टी का कहना है कि इस बारे में उसकी सलाह नहीं ली गई। ममता बनर्जी ने पूरे मामले में अपना रुख अब तक साफ नहीं किया है।
स्पीकर पद के लिए उम्मीदवार का फैसला करने से पहले किसी ने हमसे संपर्क नहीं किया और दुर्भाग्य से यह एकतरफा फैसला है। के. सुरेश का समर्थन करने के बारे में पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी फैसला लेंगी।- पार्टी सांसद अभिषेक बनर्जी


