19 घंटे पहले
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दिलजीत दोसांझ ने अपनी स्ट्रगल के बारे में बात की है। हाल ही में एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि उन्हें सक्सेस इतनी आसानी से नहीं मिली है बल्कि इसके लिए उन्हें सालों का इंतजार करना पड़ा है।
एक इंटरव्यू में दिलजीत ने कहा, ‘ये फेम रातोंरात हासिल नहीं हुआ है। आप एक दिन में ये सब हासिल नहीं कर सकते हैं। मैं इस इंडस्ट्री में 22 साल से हूं और यहां तक पहुंचने के लिए मैंने दिन-रात मेहनत की है। इसके लिए मुझे तगड़ी कीमत चुकानी पड़ी है, मैं अपने परिवार को भी वक्त नहीं दे पाया। मेरी सालों की मेहनत अब मुझे सफलता दे रही है। लेकिन मेरी और भी कुछ प्लानिंग है। आपको इसके बारे में जल्द पता चल जाएगा।’

गुरुद्वारे में कीर्तन गाते थे दिलजीत
जालंधर के दोसांझ कलां में पैदा हुए दिलजीत ज्यादा पढ़ नहीं पाए। उन्होंने लुधियाना में रहकर दसवीं तक पढ़ाई की। परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी न होने की वजह से वो आगे पढ़ नहीं पाए। गुरुद्वारे में कीर्तन सुनने के बाद गायकी की ओर बढ़े।
लुधियाना के ही स्थानीय गुरुद्वारे में शास्त्रीय संगीत की ट्रेनिंग ली और कीर्तन करने लगे। कीर्तन करते दिलजीत की आवाज सबको अच्छी लगती तो लोगों ने उन्हें बाहर गाने के लिए प्रेरित किया। इसके बाद गुरुद्वारे से दिलजीत बाहर निकलकर शादी-समारोहों में गाने लगें। इसी तरह गाते-गाते वे पंजाबी म्यूजिक इंडस्ट्री तक पहुंच गए।

‘उड़ता पंजाब’ से बॉलीवुड में हुई एंट्री
2004 में दिलजीत ने अपना पहला एल्बम ‘इश्क दा उड़ा अड्डा’ रिलीज किया। 2011 में ‘द लायन ऑफ पंजाब’ फिल्म से डेब्यू किया। फिल्म फ्लॉप रही लेकिन उनका एक गाना सुपरहिट रहा। पहली बार बीबीसी के एशियन डाउनलोड चैट में नॉन बॉलीवुड सिंगर का गाना टॉप पर पहुंचा। 2016 में फिल्म ‘उड़ता पंजाब’ से बॉलीवुड में एंट्री ली।
इसके बाद फिल्लौरी, सूरमा, अर्जुन पटियाला, गुड न्यूज और सूरज पे मंगल भारी में एक्टिंग की। लॉकडाउन के दौरान उन्होंने अपना म्यूजिक एलबम ‘जी.ओ.ए.टी’ रिलीज किया था जो कि जबरदस्त हिट रहा।
इसके बाद भी उनके कई गाने हिट साबित हुए। इस साल उन्हें फिल्म ‘अमर सिंह चमकीला’ में देखा गया जिसमें उनके काम की काफी तारीफ हुई। इम्तियाज अली के निर्देशन में बनी इस फिल्म में दिलजीत के अपोजिट परिणीति चोपड़ा थीं।





