Shabana Azmi spoke on pointless calls for of actors | एक्टर्स की गैरजरूरी डिमांड्स पर बोलीं शबाना आजमी: हमारी ज्यादा मांगें नहीं थीं, हम तो बस में ही सफर कर लिया करते थे
4 घंटे पहले
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इंडस्ट्री में पिछले कुछ समय से एक्टर्स की गैरजरूरी डिमांड्स पर बहस छिड़ी हुई है। इस बहस में अब एक्ट्रेस शबाना आजमी भी शामिल हो गई हैं। एक्ट्रेस ने स्टार्स की अत्यधिक फीस और शूटिंग में बढ़ते हुए खर्च के बारे में चल रही बहस पर अपनी राय रखी है।

हिंदुस्तान टाइम्स को दिए इंटरव्यू के दौरान शबाना आजमी ने स्टार्स के ऊपर प्रोड्यूसर के द्वारा खर्च पर आश्चर्य जताया है। उन्होंने अपने करियर से जुड़ी कुछ घटनाएं शेयर करते हुए बताया कि तब से लेकर अब तक कितना बदलाव आया है।
शबाना आजमी ने 1983 की फिल्म ‘मंडी’ की शूटिंग के दिनों को भी याद किया। उन्होंने कहा- फिल्म की शूटिंग के दौरान मुझे और स्मिता पाटिल को अलग-अलग कारें दी गई थीं, लेकिन हमने फिल्म के बाकी कलाकारों के साथ बस में यात्रा करना चुना। इसमें हमें बहुत आनंद आया था।

शबाना आजमी ने कहा- कम बजट की फिल्मों में हमारे पास ड्राइवर, मेकअप मैन और हेयर ड्रेसर कम ही होते थे। मैं अपने कपड़े खुद पहनती थी। हमेशा यूनिट के साथ एक ही होटल में रहती थी। हमारी प्रोड्यूसर से कोई डिमांड नहीं होती थी। कभी-कभी संजीव कुमार और शत्रुघ्न सिन्हा शेड्यूल का खर्च खुद ही उठाते थे।

फिल्म ‘मंडी’ के एक दृश्य में शबाना आजमी और स्मिता पाटिल
शबाना आजमी ने इस बात पर आश्चर्य व्यक्त किया कि प्रोड्यूसर्स को एक्टर्स के पागलपन भरे बिल भरने पड़ते हैं। आज एक एक्टर के पास पांच- पांच वैनिटी वैन होते हैं। जिसमें एक जिमिंग के लिए, एक खाना पकाने के लिए, एक खाने, नहाने, प्रैक्टिस करने के लिए और न जाने क्या-क्या ? सबका खर्चा प्रोड्यूसर को उठाना पड़ता है।

