CIBIL Rating खराब हो गया तो न करें चिंता, इन आसान तरीकों से करें ठीक
खराब सिबिल स्कोर का असर आपके लेनदेन पर पड़ता है। ऐसे में यदि आप बैंक से लोन लेते हैं तो खराब सिबिल स्कोर के कारण आपको कई दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि, कुछ तरीकों से सिबिल स्कोर को सुधारा जा सकता है।
By Bharat Mandhanya
Publish Date: Mon, 17 Jun 2024 11:06:30 AM (IST)
Up to date Date: Mon, 17 Jun 2024 11:06:30 AM (IST)
HighLights
- आर्थिक लेन-देन के लिए जरूरी है अच्छा सिबिल स्कोर
- लोन लेने के दौरान बैंक द्वारा देखा जाता है सिबिल स्कोर
- खराब सिबिल स्कोर के कारण लोन लेने में आती है दिक्कत
Enhance CIBIL Rating बिजनेस डेस्क, इंदौर। कई बार हम जरूरत पड़ने पर लोन लेते हैं। यह होम, एजुकेशन या पर्सनल लोन भी हो सकता है। हालांकि, लोन लेने के लिए सिबिल स्कोर अच्छा होना चाहिए। अच्छा सिबिल स्कोर होने पर आसानी से लोन मिल जाता है और लोन लेने की प्रक्रिया भी आसान हो जाती है। वहीं कई बार ईएमआई बाउंस हो जाए तो सिबिल स्कोर खराब भी हो सकता है। यहां आपको बताते हैं कि आखिर सिबिल स्कोर क्या है और यदि यह खराब हो जाए तो इसे फिर से कैसे इंप्रूव किया जा सकता है।
दरअसल Credit score Data Bureau India Restricted (CIBIL) एक क्रेडिट इंफॉर्मेशन कंपनी है जो कि लोगों के लोन से जुड़ी गतिविधियों को ट्रैक कर इस रेटिंग देती है। इस रेटिंग को ही सिबिल स्कोर कहा जाता है। इस कंपनी को रिजर्व बैंक की ओर से लाइसेंस मिला है।
सामान्य तौर पर कहा जाए तो सिबिल स्कोर या सिविल रेटिंग से यह पता चलता है कि आपका लोन लेने और उसे वापस चुकाने का रिकॉर्ड कैसा रहा है। सिबिल स्कोर 300 से 900 अंकों के बीच होता है। 300 से 600 अंकों के स्कोर से यह माना जाता है कि आपका लोन चुकाने का ट्रैक रिकॉर्ड खराब है, जबकि 750 से अधिक का सिबिल स्कोर अच्छा माना जाता है।
कैसे सुधारे सिबिल स्कोर
समय पर चुकाएं EMI
यदि आप समय पर EMI नहीं चुकाते हैं और आपकी किस्त है कई बाहर बाउंस हो चुकी है, तो आपका सिबिल स्कोर खराब हो सकता है। ऐसे में जरूरी है कि आपको EMI समय पर ही जमा करना चाहिए।
तय तारीख पर जमा करें क्रेडिट कार्ड बिल
यदि आप क्रेडिट कार्ड यूज करते हैं तो आपको इसका बिलज समय पर जमा करना चाहिए। सिबिल स्कोर सुधारने के लिए यह एक अच्छा तरीका माना जाता है।
लोन का गारंटर न बनें
ज्यादा लोगों के गारंटर बनने से भी सिबिल स्कोर पर प्रभाव पड़ सकता है। दरअसल, अगर जिस पार्टी के आप गारंटर बने हैं, वह पार्टी अगर डिफॉल्टर हो जाए तो इसका असर आपके सिबिल स्कोर पर पड़ सकता है। ऐसे में जरूरी है कि आप ज्यादा लोगों के गारंटर बनने से बचें।
कैसे चेक करें CIBIL Rating
- आधिकारिक वेबसाइट https://www.cibil.com/ पर विजिट करें
- ‘Get your CIBIL Rating’ विकल्प का चुनाव करें
- यहां मांगी गई जानकारी सब्मिट करें और
- रजिस्टर्ड फोन नंबर पर आए ओटीपी को दर्ज करें
- यहां Go to dashboard सिलेक्ट कर क्रेडिट स्कोर की जांच करें

